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मोदी सरकार@3: अमर उजाला का सर्वे, लोगों से पूछ गए 5 सवाल, पढ़िए जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 May 2017 05:42 PM IST
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पीएम मोदी के 3 सुपरहिट डायलॉग्स
- फोटो : SELF
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मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर अमर उजाला ने एक सर्वे किया, जिसमें लोगों से पांच सवाल पूछे गए और उनके दिलचस्प जवाब सुनने को मिले। सरकार के तीन वर्षों के कामकाज पर ट्राइसिटी के लोगों की राय जानने के लिए अमर उजाला टीम ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के कुल 120 लोगों से बात की। बातचीत में मोदी सरकार के कार्यकाल से जुड़े पांच सवाल पूछे गए।
सवाल शहर के विकास, सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और महंगाई से संबंधित थे। 58 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर में विकास की गति नहीं बढ़ी है, जबकि 35 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सरकार के आने के बाद विकास में तेजी दिखी है। 6.7 प्रतिशत लोग कुछ भी नहीं बोले। भ्रष्टचार के मुद्दे पर 54.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई है, जबकि 42.5 प्रतिशत कहते हैं कि भ्रष्टाचार में कमी आई है।
महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल के जवाब मोदी सरकार के पक्ष में गए। लगभग 60 फीसदी लोग मानते हैं कि तीन सालों में महिलाओं की सुरक्षा पर काम हुआ है। हालांकि 40 फीसदी अब भी कहते हैं कि इस सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है।
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सवाल शहर के विकास, सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और महंगाई से संबंधित थे। 58 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर में विकास की गति नहीं बढ़ी है, जबकि 35 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सरकार के आने के बाद विकास में तेजी दिखी है। 6.7 प्रतिशत लोग कुछ भी नहीं बोले। भ्रष्टचार के मुद्दे पर 54.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई है, जबकि 42.5 प्रतिशत कहते हैं कि भ्रष्टाचार में कमी आई है।
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महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल के जवाब मोदी सरकार के पक्ष में गए। लगभग 60 फीसदी लोग मानते हैं कि तीन सालों में महिलाओं की सुरक्षा पर काम हुआ है। हालांकि 40 फीसदी अब भी कहते हैं कि इस सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं है।
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ये पूछे गए थे पांच सवाल
मोदी सरकार तीन साल
- फोटो : SELF
1.मोदी सरकार में शहर के विकास की गति बढ़ी या नहीं।
2.सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर लगाम कसी गई या नहीं।
3.शहर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े या नहीं।
4.महंगाई काबू में या बेकाबू हो गई
5.महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गए कदमों पर क्या सोचते हैं?
सीनियर सिटीजन की मिली जुली राय
120 लोगों में 11 सीनियर सिटीजन शामिल थे। कुछ कहते हैं कि मोदी सरकार सही दिशा में काम कर रही है, जबकि कुछ कहते हैं कि विकास सिर्फ हवा में हो रहे हैं। जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं।
मोदी के पक्ष में यूथ
सर्वे में 25 से ज्यादा यूथ को शामिल किया गया। यूथ कहते हैं कि मोदी देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। मोदी के सख्त फैसले, बोलने का स्टाइल और बिना छुट्टी लिए काम करना युवाओं को अच्छा लगता है। हालांकि यूथ चाहता है कि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़े न कि कम हो। भ्रष्टाचार पर सख्ती भरा कोई फैसला लाया जाए।
2.सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर लगाम कसी गई या नहीं।
3.शहर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े या नहीं।
4.महंगाई काबू में या बेकाबू हो गई
5.महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गए कदमों पर क्या सोचते हैं?
सीनियर सिटीजन की मिली जुली राय
120 लोगों में 11 सीनियर सिटीजन शामिल थे। कुछ कहते हैं कि मोदी सरकार सही दिशा में काम कर रही है, जबकि कुछ कहते हैं कि विकास सिर्फ हवा में हो रहे हैं। जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं।
मोदी के पक्ष में यूथ
सर्वे में 25 से ज्यादा यूथ को शामिल किया गया। यूथ कहते हैं कि मोदी देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। मोदी के सख्त फैसले, बोलने का स्टाइल और बिना छुट्टी लिए काम करना युवाओं को अच्छा लगता है। हालांकि यूथ चाहता है कि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़े न कि कम हो। भ्रष्टाचार पर सख्ती भरा कोई फैसला लाया जाए।
सर्वे में ये आया रिजल्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहनावे की दुनिया मुरीद है
1. शहर के विकास की गति बढ़ी या नहीं।
58.3 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर के विकास की गति नहीं बढ़ी।
35 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर के विकास में बदलाव आया है।
6.7 प्रतिशत लोग कोई भी राय नहीं रख पाए।
2. सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर लगाम कसी गई या नहीं।
54.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई।
42.5 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार में कमी आई है।
3.3 प्रतिशत लोग कोई भी राय नहीं रख पाए।
3. शहर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े या नहीं।
74.2 प्रतिशत लोगों ने माना कि रोजगार के अवसर नहीं बढ़े।
23.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
2.5 प्रतिशत लोग अपनी राय नहीं रख पाए।
4. महंगाई काबू में या बेकाबू हो गई
62.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि महंगाई बेकाबू हो गई है।
37.1 प्रतिशत लोगों ने माना कि महंगाई काबू में है।
5.महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गए कदमों पर क्या सोचते हैं?
58.3 प्रतिशत लोगों ने माना कि महिलाओं की सुरक्षा उठाए गए कदम से वे संतुष्ट हैं।
41.7 प्रतिशत लोगों मानते हैं कि जो हालात पहले थे, वही अब भी है।
58.3 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर के विकास की गति नहीं बढ़ी।
35 प्रतिशत लोगों ने माना कि शहर के विकास में बदलाव आया है।
6.7 प्रतिशत लोग कोई भी राय नहीं रख पाए।
2. सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार पर लगाम कसी गई या नहीं।
54.2 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई।
42.5 प्रतिशत लोग मानते हैं कि भ्रष्टाचार में कमी आई है।
3.3 प्रतिशत लोग कोई भी राय नहीं रख पाए।
3. शहर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े या नहीं।
74.2 प्रतिशत लोगों ने माना कि रोजगार के अवसर नहीं बढ़े।
23.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
2.5 प्रतिशत लोग अपनी राय नहीं रख पाए।
4. महंगाई काबू में या बेकाबू हो गई
62.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि महंगाई बेकाबू हो गई है।
37.1 प्रतिशत लोगों ने माना कि महंगाई काबू में है।
5.महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए गए कदमों पर क्या सोचते हैं?
58.3 प्रतिशत लोगों ने माना कि महिलाओं की सुरक्षा उठाए गए कदम से वे संतुष्ट हैं।
41.7 प्रतिशत लोगों मानते हैं कि जो हालात पहले थे, वही अब भी है।
नाखुश दिखी महिलाएं
पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं
सर्वे में 20 से ज्यादा महिलाएं को शामिल किया गया। महिलाएं मोदी सरकार से बिल्कुल भी खुश नहीं है। नोटबंदी से उनकी जमा राशि चली गई। महंगाई पर कोई रियायत नहीं है। विकास भी उनकी नजर में कोई खास नहीं है।
25 से 55 साल के उम्र के लोगों की राय बंटी
इस उम्र के करीब 50 से ज्यादा लोगों से मोदी सरकार की राय पूछी गई। युवा व्यापारी मानते हैं कि सरकार की ओर से जो भी कदम उठाए गए हैं, उससे बिजनेस में लाभ कम हानि ज्यादा हुई है।
स्टार्टअप शुरू करने वाले कहते हैं कि आनलाइन ट्रांसजेक्शन से भ्रष्टाचार कम हुआ है, लेकिन सरकारी अफसरों का रवैया पहले जैसा है। नौकरीपेशा मध्यवर्गीय परिवार मोदी से सरकार से खुश नहीं है। उसका मानना है कि उनके फैसले से महंगाई बढ़ी है।
25 से 55 साल के उम्र के लोगों की राय बंटी
इस उम्र के करीब 50 से ज्यादा लोगों से मोदी सरकार की राय पूछी गई। युवा व्यापारी मानते हैं कि सरकार की ओर से जो भी कदम उठाए गए हैं, उससे बिजनेस में लाभ कम हानि ज्यादा हुई है।
स्टार्टअप शुरू करने वाले कहते हैं कि आनलाइन ट्रांसजेक्शन से भ्रष्टाचार कम हुआ है, लेकिन सरकारी अफसरों का रवैया पहले जैसा है। नौकरीपेशा मध्यवर्गीय परिवार मोदी से सरकार से खुश नहीं है। उसका मानना है कि उनके फैसले से महंगाई बढ़ी है।