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Haryana News: अमृत योजना में 600 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप, लोकायुक्त ने बनाई एसआईटी
Thu, 14 Sep 2023 12:03 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 14 Sep 2023 12:03 AM IST
सार
शिकायतकर्ता के मुताबिक केंद्र की अमृत योजना के तहत शहरों में पेयजल, सीवरेज व पानी की निकासी के लिए ड्रेनों पर काम किया जाना था। इसके लिए नियमों के खिलाफ जनस्वास्थ्य विभाग को काम देने के बजाय शहरी निकाय विभाग को काम सौंप दिया गया।
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विस्तार
अमृत योजना के क्रियान्वयन में 600 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में लोकायुक्त ने एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में जनस्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर इन चीफ, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव व पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर को शामिल किया है। एसआईटी को अगले तीन माह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक केंद्र की अमृत योजना के तहत शहरों में पेयजल, सीवरेज व पानी की निकासी के लिए ड्रेनों पर काम किया जाना था। इसके लिए नियमों के खिलाफ जनस्वास्थ्य विभाग को काम देने के बजाय शहरी निकाय विभाग को काम सौंप दिया गया। साथ ही बिना किसी सर्वें के कार्यों को अलॉट कर दिया गया। इससे कार्यों की लागत बढ़ गई। इसके अतिरिक्त तकनीकी बिड को सत्यापित नहीं किया गया।
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प्रदेश स्तर पर ही टेंडर अलॉट कर दिए गए। लगभग 140 कार्यों में प्रशासनिक स्वीकृति से ज्यादा काम किया गया। इतना ही नहीं जो कार्य जनस्वास्थ्य विभाग में लगभग 28 करोड़ में किया गया, उसी से मिलते-जुलते कार्य को यूएलबी में 144 प्रतिशत ज्यादा 72 करोड़ रुपये में किया गया।
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मामले की सुनवाई करते हुए हरियाणा लोकायुक्त जस्टिस हरीपाल वर्मा ने एसआईटी का गठन कर मामले की जांच का आदेश दिया है। एसआईटी में जनस्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर इन चीफ, स्थानीय निकाय विभाग के सचिव व पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर को शामिल किया है। एसआईटी को अगले तीन माह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।