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Chandigarh News: तय संख्या से अधिक मंत्री बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Wed, 06 Nov 2024 01:59 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2024 01:59 AM IST
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Allegation of appointing more ministers than the prescribed number, High Court seeks answer from the government, Court News,
-राज्य में कुल विधायकों के 15 फीसदी से अधिक नहीं हो सकती मंत्रियों की संख्या
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-तय प्रावधान के अनुसार प्रदेश में अधिकतम मंत्रियों की संख्या हो सकती है 13, वर्तमान में हैं 14

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की 15वीं विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत हिस्से से ज्यादा मंत्री बनाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र व हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने याचिका दायर कर बताया कि संविधान के 91वें संशोधन के तहत किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत हिस्से से अधिक नहीं हो सकती है। हरियाणा विधानसभा में विधायकों की संख्या 90 है। ऐसे में कैबिनेट में अधिकतम मंत्री 13.5 हो सकते हैं। याची ने बताया कि हरियाणा में इस समय 14 मंत्री हैं और यह संख्या संविधान के संशोधन का उल्लंघन है। याची ने याचिका में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री अनिल विज, कृष्णलाल पंवार, राव नरबीर, महिपाल ढांडा, विपुल गोयल, अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा, कृष्ण कुमार बेदी, श्रुति चौधरी, आरती राव, राजेश नागर, गौरव गौतम के साथ-साथ केंद्र सरकार व हरियाणा विधानसभा को प्रतिवादी बनाया है। इससे पहले 13वीं व 14वीं विधानसभा में भी इसी प्रकार 14 मंत्री बनाए गए थे, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था।


याचिका लंबित रहते वित्तीय लाभ पर रोक की मांग
याची ने कहा कि मंत्री पद और कैबिनेट रैंक बांटी जा रही है और इसका सीधा वित्तीय दबाव जनता पर पड़ रहा है। विधायकों को खुश करने के लिए मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जा रही है और उनको भुगतान जनता की गाढ़ी कमाई से किया जाता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा कि तय संख्या से अधिक मंत्री होने के चलते अतिरिक्त मंत्रियों को हटाने का निर्देश दिया जाए। साथ ही याचिका लंबित रहते उनको मिलने वाले वित्तीय लाभ पर रोक लगाई जाए।
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