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अकांक्ष मर्डर केस: शिकायतकर्ता के वकील ने पेश की बीएमडब्ल्यू कार की तस्वीरें, उठाए कई सवाल
Fri, 20 Sep 2019 01:54 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Sep 2019 01:54 PM IST
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अकांक्ष मर्डर केस
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष के मर्डर केस की सुनवाई वीरवार को जिला अदालत स्थित सीबीआई कोर्ट में हुई। केस में अब शिकायतकर्ता के वकील ओर से दलीलें शुरू हो गई हैं। पीड़ित पक्ष के वकील ने बचाव पक्ष द्वारा लगाए आरोपों पर पलटवार किया है। शिकायतकर्ता के एडवोकेट तरमिंदर ने कहा कि तीनों गवाहों अदम्या राठौर, राजन पपनेजा और करणयोग की हरमेहताब और बलराज सिंह रंधावा से कोई दुश्मनी नहीं है। तीनों गवाहों का आरोपियों को झूठा फंसाने का कोई इरादा नहीं है।
बता दें कि बचाव पक्ष के वकील ने अपनी दलील में आरोप लगाया था कि तीन गवाह घायल अकांक्ष को पीजीआईएमईआर नहीं लेकर गए थे। इस पर एडवोकेट तरमिंदर ने कहा कि अकांक्ष के भर्ती होने कागजात में करणयोग का नंबर और अदम्या का नाम है। डॉक्यूमेंट में उनका नाम इसलिए है क्योंकि वो ही अकांक्ष को पीजीआई लेकर गए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट में बीएमडब्ल्यू कार की तस्वीरें भी पेश की गईं, जिससे यह साबित किया जा सके कि कार की सीट और अन्य जगह पर जो खून के निशान थे, वह छिड़के नहीं जा सकते।
बचाव पक्ष के एडवोकेट ने दलील दी थी कि अकांक्ष की मौत की फाइनल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर मंडल ने पीड़ित पक्ष के दबाव में अपने बयान दर्ज कराए थे। इस पर एडवोकेट तरमिंदर ने कहा कि आज तक डॉक्टर से यह सवाल नहीं किया गया कि वह उन्होंने प्रभाव में बयान दिए थे। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी थी कि शिकायतकर्ता की पार्टी प्रभावशाली है क्योंकि मृतक हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का रिश्तेदार है। शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि आरोपी हरमेहताब के परदादा पेपसू स्टेट के मुख्यमंत्री और कैरन सरकार के कैबिनेट मंत्री थे। अब मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
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बता दें कि बचाव पक्ष के वकील ने अपनी दलील में आरोप लगाया था कि तीन गवाह घायल अकांक्ष को पीजीआईएमईआर नहीं लेकर गए थे। इस पर एडवोकेट तरमिंदर ने कहा कि अकांक्ष के भर्ती होने कागजात में करणयोग का नंबर और अदम्या का नाम है। डॉक्यूमेंट में उनका नाम इसलिए है क्योंकि वो ही अकांक्ष को पीजीआई लेकर गए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट में बीएमडब्ल्यू कार की तस्वीरें भी पेश की गईं, जिससे यह साबित किया जा सके कि कार की सीट और अन्य जगह पर जो खून के निशान थे, वह छिड़के नहीं जा सकते।
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बचाव पक्ष के एडवोकेट ने दलील दी थी कि अकांक्ष की मौत की फाइनल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर मंडल ने पीड़ित पक्ष के दबाव में अपने बयान दर्ज कराए थे। इस पर एडवोकेट तरमिंदर ने कहा कि आज तक डॉक्टर से यह सवाल नहीं किया गया कि वह उन्होंने प्रभाव में बयान दिए थे। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी थी कि शिकायतकर्ता की पार्टी प्रभावशाली है क्योंकि मृतक हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का रिश्तेदार है। शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि आरोपी हरमेहताब के परदादा पेपसू स्टेट के मुख्यमंत्री और कैरन सरकार के कैबिनेट मंत्री थे। अब मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
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यह है पूरा मामला
हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या 9 फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।