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अकांक्ष मर्डर केस की सुनवाई, कोर्ट में वकील ने दिखाई चार जगह की तस्वीरें, जहां खून के निशान थे
Fri, 27 Sep 2019 04:38 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 04:38 PM IST
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या के केस में वीरवार को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत में अंतिम बहस हुई। शिकायतकर्ता के वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि बचाव पक्ष ने आरोप लगाया है कि तीनों गवाहों के बयान अलग-अलग हैं। इससे यह साबित नहीं होता कि हरमेहताब सिंह रारेवाला ने अकांक्ष को कहा था कि तू शेरा का बॉडीगार्ड है। बचाव पक्ष की दलील का जवाब देते हुए एडवोकेट ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस गवाह ने क्या बयान दिए।
मुख्य बात यह है कि एक युवक की हत्या हुई है। सुनवाई के दौरान वकील ने उन स्थानों की तस्वीरें भी कोर्ट में दिखाईं, जिन चार स्थानों पर खून के निशान थे। एडवोकेट तरमिंदर ने यह भी कहा कि गवाह करणयोग कानून का पालन करने वाला एक जिम्मेदार नागरिक है। उसकी आरोपी हरमेहताब और बलराज से कोई दुश्मनी नहीं, ऐसे में वह दोनों के खिलाफ बयान क्यों देगा। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री के भतीजे अकांक्ष की हत्या 9 फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी।
पुलिस को शिकायत दी गई थी कि आकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। आकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो।
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रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
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मुख्य बात यह है कि एक युवक की हत्या हुई है। सुनवाई के दौरान वकील ने उन स्थानों की तस्वीरें भी कोर्ट में दिखाईं, जिन चार स्थानों पर खून के निशान थे। एडवोकेट तरमिंदर ने यह भी कहा कि गवाह करणयोग कानून का पालन करने वाला एक जिम्मेदार नागरिक है। उसकी आरोपी हरमेहताब और बलराज से कोई दुश्मनी नहीं, ऐसे में वह दोनों के खिलाफ बयान क्यों देगा। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री के भतीजे अकांक्ष की हत्या 9 फरवरी 2017 में सेक्टर नौ में बीएमडल्ब्यूए से कुचलकर कर दी गई थी।
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पुलिस को शिकायत दी गई थी कि आकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। आकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो।
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रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।