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अकाली-भाजपा के बीच तल्खी खत्म, जानिए कैसे?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Mar 2015 12:40 PM IST
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के साथ हुई बैठक के बाद भाजपा नेताओं का गुस्सा ठंडा हुआ। इस प्रकार गठबंधन के पैदा हुई तल्खी फिलहाल कुछ ठंडी पड़ गई है। भाजपाई मंत्रियों ने केबिनेट की बैठक में भी शिरकत की और विधानसभा सत्र में भी पूरी उपस्थिति दर्ज करवाने की बात कही।
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दोनों के बीच तल्खी मंत्री अनिल जोशी के भाई पर नगर निकाय चुनाव के दौरान तरनतारन में हुए हमले और नगर परिषद रोपड़ के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान भाजपाई मंत्री मदन मोहन मित्तल व अकाली मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा के बीच हुई तकरार की वजह से पैदा हुई थी।
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इसके चलते गत वीरवार को भाजपा विधायक दल ने अकाली-भाजपा की संयुक्त बैठक में न जान का फैसला किया था। शुक्रवार को केबिनेट बैठक में भी भाजपाई मंत्रियों के शामिल न होने की आशंका थी, लेकिन बादल के मनाने पर वह मान गए।
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केबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि दोनों दलों के बीच भाइयों जैसा संबंध है तथा कभी-कभी मनमुटाव हो जाता है। इसे दूर कर लिया गया है। वहीं, स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि तरनतारन में गड़बड़ी कर रहे डीएसपी और एसएचओ से जवाबतलबी की जा रही है।
वहीं, मजीठा के एसएसपी ने अदालत में जाकर कहा है कि मामले में आईपीसी की धारा 307 कायम है तथा आरोपियों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। जोशी ने कहा कि उनकी मांग यही थी कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब यह हो रही है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।