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चंडीगढ़ में अवैध निर्माण की फोटो क्लिक करके यहां भेजें, तुरंत होगी कार्रवाई
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:11 AM IST
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illegal construction
- फोटो : demo pic
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चंडीगढ़ में अवैध निर्माण रोकने के लिए फोटो क्लिक कर यहां पर अपलोड करेंगे तो एस्टेट ऑफिस 24 घंटे में कार्रवाई करेगा। यूटी एस्टेट आफिस पंजाब सरकार की तर्ज पर मोबाइल एप बनाने जा रहा है। डीसी कम एस्टेट आफिसर अजित बालाजी जोशी की देखरेख में साफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है, जिसे बनाने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। शहर के गांवों व सेक्टरों के रेजिडेंशियल व कॉमर्शियल एरिया में जगह-जगह गैर कानूनी ढांचे खड़े हुए हैं, जिन पर बरसों से कार्रवाई नहीं हुई हैं।
कई अवैध निर्माण पर एस्टेट आफिस की ओर से हाईकोर्ट में केस चल रहे हैं, जिन पर एस्टेट आफिस कार्रवाई तो करना चाहता है, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे के चलते इन अवैध निर्माणों को गिराना मुश्किल है। एसडीएम ईस्ट अर्जुन शर्मा ने बताया कि मोबाइल एप बनने में अभी समय लगेगा, इससे अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। एसडीएम ने कहा कि एप पर अवैध कंस्ट्रक्शन की फोटो, अवैध निर्माण करने वाले का नाम, पता, एरिया व अन्य जानकारी भी दे सकेंगे।
एस्टेट आफिस की ओर से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे औपचारिक घोषणा के साथ पूरे शहर के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
70 प्रतिशत लैंड रिकॉर्ड हुआ डिजिटलाइज्ड
शहर का 70 प्रतिशत लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइज्ड किया जा चुका है। इसका लोगों को लाभ मिलेगा। इस मोबाइल एप के जरिए अवैध कंस्ट्रक्शन रोकने में काफी मदद मिलेगी, लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइज्ड होने से चंद मिनटों के अंदर अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा।
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लिडार से शहर का सर्वे, वॉयलेशन का फौरन पता चलेगा
लिडार तकनीक की मदद से पूरे शहर का एरियल सर्वे किया जा रहा है। शहर की सड़कों, जमीनों, पानी व बिजली की अंडरग्राउंड पाइपलाइन, अंडरग्राउंड मोबाइल व गैस कनेक्शन का लिडार तकनीक इस्तेमाल कर डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इस तकनीक का इस्तेमाल एन्क्रोचमेंट और बिल्डिंग वायलेशन रोकने में भी किया जा सकेगा। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने जियो क्नो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 4.10 करोड़ रुपये में टेंडर अलाट किया है। यह कंपनी अगले 4 महीने में पूरे शहर का लिडार सर्वे पूरा कर एस्टेट आफिस को देगी।
पंजाब ने मोबाइल एप किया था लॉन्च
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते 20 दिसंबर को मोबाइल एप लांच किया था। इसमें पंजाब के लोगों को आसपास अवैध निर्माण की फोटो और एरिया के बारे में डिटेल अपलोड करने पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही गई थी। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी एप को इस माह लॉन्च करने जा रहे हैं।
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल
एस्टेट आफिस की ओर से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल शुरू किया जा चुका है। अब नए बिल्डिंग प्लान और रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान की मंजूरी ऑनलाइन ही मिल जाएगी। अभी बिल्डिंग ब्रांच में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल के लिए लोगों को महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान शुरू होने से अब लोगों को घर बैठे ही नक्शा पास होकर मिल जाएंगे। एस्टेट आफिस ने ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार कर लिया है। अधिकारियों की मानें तो 10 जनवरी 2018 को इसकी आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा।
एक माह के अंदर नक्शा पास होकर मिल जाएगा। नए बायलॉज नियम में ईज आफ डूइंग बिजनेस को देखते हुए प्रापर्टी खरीदने से लेकर बेचने तक, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और प्राइवेट बिल्डिंग रूल्स का सरलीकरण किया गया है। ऑनलाइन नक्शा पास कराने के साथ रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान, नए बिल्डिंग प्लान, सीवरेज कनेक्शन ग्रांट, डीपीसी सर्टिफिकेट, लीज होल्ड टू फ्री होल्ड अप्रूवल, एनओसी के लिए अब ऑनलाइन अप्रवूल मिल जाएगी।
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कई अवैध निर्माण पर एस्टेट आफिस की ओर से हाईकोर्ट में केस चल रहे हैं, जिन पर एस्टेट आफिस कार्रवाई तो करना चाहता है, लेकिन हाईकोर्ट के स्टे के चलते इन अवैध निर्माणों को गिराना मुश्किल है। एसडीएम ईस्ट अर्जुन शर्मा ने बताया कि मोबाइल एप बनने में अभी समय लगेगा, इससे अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। एसडीएम ने कहा कि एप पर अवैध कंस्ट्रक्शन की फोटो, अवैध निर्माण करने वाले का नाम, पता, एरिया व अन्य जानकारी भी दे सकेंगे।
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एस्टेट आफिस की ओर से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल शुरू कर दी गई है। जल्द ही इसे औपचारिक घोषणा के साथ पूरे शहर के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
70 प्रतिशत लैंड रिकॉर्ड हुआ डिजिटलाइज्ड
शहर का 70 प्रतिशत लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइज्ड किया जा चुका है। इसका लोगों को लाभ मिलेगा। इस मोबाइल एप के जरिए अवैध कंस्ट्रक्शन रोकने में काफी मदद मिलेगी, लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइज्ड होने से चंद मिनटों के अंदर अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा।
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लिडार से शहर का सर्वे, वॉयलेशन का फौरन पता चलेगा
लिडार तकनीक की मदद से पूरे शहर का एरियल सर्वे किया जा रहा है। शहर की सड़कों, जमीनों, पानी व बिजली की अंडरग्राउंड पाइपलाइन, अंडरग्राउंड मोबाइल व गैस कनेक्शन का लिडार तकनीक इस्तेमाल कर डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इस तकनीक का इस्तेमाल एन्क्रोचमेंट और बिल्डिंग वायलेशन रोकने में भी किया जा सकेगा। यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने जियो क्नो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 4.10 करोड़ रुपये में टेंडर अलाट किया है। यह कंपनी अगले 4 महीने में पूरे शहर का लिडार सर्वे पूरा कर एस्टेट आफिस को देगी।
पंजाब ने मोबाइल एप किया था लॉन्च
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीते 20 दिसंबर को मोबाइल एप लांच किया था। इसमें पंजाब के लोगों को आसपास अवैध निर्माण की फोटो और एरिया के बारे में डिटेल अपलोड करने पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही गई थी। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी एप को इस माह लॉन्च करने जा रहे हैं।
ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल
एस्टेट आफिस की ओर से ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल शुरू किया जा चुका है। अब नए बिल्डिंग प्लान और रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान की मंजूरी ऑनलाइन ही मिल जाएगी। अभी बिल्डिंग ब्रांच में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल के लिए लोगों को महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान शुरू होने से अब लोगों को घर बैठे ही नक्शा पास होकर मिल जाएंगे। एस्टेट आफिस ने ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार कर लिया है। अधिकारियों की मानें तो 10 जनवरी 2018 को इसकी आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा।
एक माह के अंदर नक्शा पास होकर मिल जाएगा। नए बायलॉज नियम में ईज आफ डूइंग बिजनेस को देखते हुए प्रापर्टी खरीदने से लेकर बेचने तक, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और प्राइवेट बिल्डिंग रूल्स का सरलीकरण किया गया है। ऑनलाइन नक्शा पास कराने के साथ रिवाइज्ड बिल्डिंग प्लान, नए बिल्डिंग प्लान, सीवरेज कनेक्शन ग्रांट, डीपीसी सर्टिफिकेट, लीज होल्ड टू फ्री होल्ड अप्रूवल, एनओसी के लिए अब ऑनलाइन अप्रवूल मिल जाएगी।