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अलर्टः दिवाली के दो दिन बाद भी चंडीगढ़ की हवा ‘खराब’, अभी राहत मिलने के आसार नहीं

Wed, 30 Oct 2019 01:50 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 30 Oct 2019 01:50 PM IST
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air pollution in chandigarh even after two days of diwali
फाइल फोटो
दिवाली के दो दिन बाद हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखने को मिला है। मंगलवार सुबह हवा साफ थी, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा। सेक्टर-25 में लगे रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के मुताबिक, 12 बजे के बाद पीएम 2.5 की मात्रा 300 के पार पहुंच गई।
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इसी तरह से पीएम-10 भी बढ़ने लगा। हालांकि शाम होते ही प्रदूषण का ग्राफ फिर से नीचे आने लगा। शाम पांच बजे के आसपास पीएम 2.5 की मात्रा 300 से नीचे दर्ज की गई। शाम पांच बजे सेक्टर-25 का एयरक्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 235 दर्ज किया गया, जो खराब की श्रेणी में आता है। सुबह करीब आठ बजे पीएम 2.5 की मात्रा करीब 90 के आसपास रिकार्ड की गई थी।
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प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के मुताबिक, एक्यूआई 0 से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा’ होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर’ समझा जाता है।
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दिवाली के दिन कई जगह एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गया था, जो गंभीर की श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आतिशबाजी का धुआं फिलहाल छंटने लगा है। अभी एक से दो दिन का वक्त और लगेगा। हवा अभी धीमी चल रही है। हवा की रफ्तार बढ़ने के बाद ही प्रदूषण के कम होने के आसार हैं।

इन वजहों से अभी कम नहीं होगा प्रदूषण

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि आतिशबाजी का धुआं भले ही एक-दो दिनों में छंट जाए लेकिन प्रदूषण से अभी निजात मिलना मुश्किल है क्योंकि इस समय प्रदूषण बढ़ने के और भी कारण हैं। इनमें प्रमुख रूप से चंडीगढ़ के आसपास के इलाके में अब भी पराली खूब जलाई जा रही है।

इसका असर चंडीगढ़ में देखा जा रहा है। दूसरा गाड़ियों के टायरों के घिसने से उड़ने वाली धूल पर अब भी काबू नहीं पाया गया है। तीसरा मौसम में बदलाव। मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही पारा भी नीचे है। इससे भी प्रदूषण के बढ़ने को बल मिलता है।

खांसी व गले में खराश के मरीज बढ़ेंगे
प्रदूषण बढ़ने और दिन व रात के तापमान में अंतर आने से खांसी व गले में खराश के मरीज बढ़ने लगे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि ठंड बढ़ने से पीएम 2.5 व इससे छोटे कण ऊपर जाने के बजाए नीचे ही रहते हैं। ये कण आसानी से सांस नली के जरिए ब्लड में जाते हैं। इससे प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और सांस लेने में दिक्कत आती है। इससे गले में खराश भी होती है।

ये सावधानी बरतें

प्रदूषण के वक्त मुंह पर मास्क लगाकर निकलें
रात के वक्त गुनगुने पानी से गरारा करें
ज्यादा संक्रमण होने पर भाप भी ले सकते हैं
बुखार आने पर पास के डाक्टर को दिखाएं

मंगलवार को सेक्टर-25 में प्रदूषण का स्तर
प्रदूषण                  औसत        न्यूनतम      अधिकतम
पीएम 2.5               244          78           367
पीएम 10                156          78            278
एनओ 2                 21            07           79
सीओ                    47            29           90
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