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वाहनों का ‘लॉकडाउन’ कर रोका जा सकता है वायु प्रदूषण

Sun, 23 Aug 2020 01:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 01:51 AM IST
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Air pollution can be prevented by 'lockdown' of vehicles
चंडीगढ़। पर्यावरण के लिहाज से लॉकडाउन काफी सफल रहा। उस दौरान लगभग पूरे देश की आबोहवा शुद्ध हो गई थी। अब यह बात पीजीआई और पीयू ने अपनी एक संयुक्त शोध में साबित किया है। शोध में दावा किया गया है कि लॉकडाउन से चंडीगढ़ के वायु प्रदूषण में करीब 40 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। प्रदूषण के लिए काफी हद तक शहर के वाहन जिम्मेदार हैं। जब-जब लॉकडाउन में ढील गई, उस वक्त प्रदूषण में बढ़ोतरी देखी गई।
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इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च पेपर में पॉलिसी मेकर व चंडीगढ़ प्रशासन को सिफारिश की है कि चंडीगढ़ में जब भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती है तो गाड़ियों की आवाजाही रोककर उसे नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही एक और महत्वपूर्ण बात निकलकर सामने आई है कि जब भी चंडीगढ़ के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोई पॉलिसी बनाई जाए तो पंजाब-हरियाणा को भी शामिल करना होगा।
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पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के इन्वायरमेंट हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डा. रविंद्र्र खैवाल ने बताया कि शोध के दौरान यह भी देखने को मिला कि चंडीगढ़ की हवा में पावर प्लांट से उत्पन्न होने वाले कण, गेहूं की भूसी जलने से जो कण बनते हैं, वे भी हवा में देखे गए हैं। इसके साथ ही घर के अंदर से उत्पन्न धुएं के कण भी हवाओं में देखे गए हैं। पावर प्लांट व गेहूं की भूसी का स्रोत चंडीगढ़ में नहीं है। इससे साबित होता है कि चंडीगढ़ के वायु प्रदूषण में हरियाणा व पंजाब का भी कुछ योगदान है।
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पीयू के पर्यावरण अध्ययन विभाग की चेयरपर्सन डॉ. सुमन मोर ने बताया कि इस अध्ययन से चंडीगढ़ में वायु प्रदूषण के सोर्स का पता चला है, जो प्रदूषण के नियंत्रण के लिए बनाई जाने वाली नीतियों में काफी अहम साबित होंगी। इसमें कोई शक नहीं कि वायु प्रदूषण को बढ़ाने में वाहनों और उद्योगों से निकले धुएं का अहम योगदान है। शोध में पाया गया है कि लॉकडाउन के दौरान ओजोन और एसओ2 गैस में बढ़ोतरी देखी गई है, जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। शोधकर्ताओं ने बताया कि सूर्य की किरणें तेज होने और तापमान में बढ़ोतरी होने से ओजोन में बढ़ोतरी हुई थी। इसमें आक्सीकरण एजेंट होता है, जो फेफड़े की जलन बढ़ा देती है।

तीनों लॉकडाउन में हवाओं की समीक्षा की गई
शोधकर्ताओं ने पहले, दूसरे और तीसरे लॉकडाउन के दौरान वायु प्रदूषण की समीक्षा की है। इसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 का आकलन किया गया है। पहले लॉकडाउन में पीएम 2.5 में 28.8 फीसदी की कमी, दूसरे में 23.4 फीसदी और तीसरे में 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई जबकि पीएम 10 में पहले लॉकडाउन में 36.8 फीसदी, दूसरे में 22.8 फीसदी और तीसरे लॉकडाउन में 2.4 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
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