{"_id":"65fb3fc64ac054aff5012127","slug":"after-the-appointment-of-the-chief-minister-now-the-expansion-of-the-cabinet-is-being-challenged-in-the-high-court-chandigarh-news-c-16-1-pkl1041-380307-2024-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बाद अब मंत्रिमंडल के विस्तार को हाईकोर्ट में चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बाद अब मंत्रिमंडल के विस्तार को हाईकोर्ट में चुनौती
विज्ञापन
-तुरंत सुनवाई के लिए वीरवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष होगी मेंशनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाने के मामले के बाद अब हरियाणा मंत्रिमंडल के विस्तार का मामला भी हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस विस्तार के बाद कुल मंत्रियों की संख्या सदन के सदस्यों का 15 प्रतिशत से अधिक होने की दलील देते हुए चुनौती दी गई है।
एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी की ओर से दाखिल याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की नियुक्ति की वैधता का मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और ऐसे में सरकार ने अब मंत्रिमंडल विस्तार कर एक और नियम तोड़ दिया है। विधानसभा में मंत्रियों की संख्या कुल सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती हैं। सदन में कुल सदस्य 90 हैं जिसका 15 प्रतिशत 13.5 बनता है और ऐसे में अधिकतम मंत्री 13 हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद अब सदन में मंत्रियों की संख्या 14 हो गई है जो संविधान के 91वें संशोधन का उलंघन कर किया गया। याचिका में सभी मंत्रियों के पदभार संभालने पर रोक की मांग की है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट में वीरवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए मेंशनिंग की जाएगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाने के मामले के बाद अब हरियाणा मंत्रिमंडल के विस्तार का मामला भी हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस विस्तार के बाद कुल मंत्रियों की संख्या सदन के सदस्यों का 15 प्रतिशत से अधिक होने की दलील देते हुए चुनौती दी गई है।
एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी की ओर से दाखिल याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की नियुक्ति की वैधता का मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है और ऐसे में सरकार ने अब मंत्रिमंडल विस्तार कर एक और नियम तोड़ दिया है। विधानसभा में मंत्रियों की संख्या कुल सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती हैं। सदन में कुल सदस्य 90 हैं जिसका 15 प्रतिशत 13.5 बनता है और ऐसे में अधिकतम मंत्री 13 हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद अब सदन में मंत्रियों की संख्या 14 हो गई है जो संविधान के 91वें संशोधन का उलंघन कर किया गया। याचिका में सभी मंत्रियों के पदभार संभालने पर रोक की मांग की है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट में वीरवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस याचिका पर तुरंत सुनवाई के लिए मेंशनिंग की जाएगी।
विज्ञापन