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शिक्षकों की पीयू को सलाह.. निर्माण पर अनावश्यक पैसे न लगाएं, वेतन के लिए बचाएं
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चंडीगढ़। पीयू में इस समय फुटपाथ बनाने व लोहे की ग्रेल लगाने का काम चल रहा है। इस काम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस पर शिक्षकों व कर्मचारियों ने पीयू से कहा है कि यह निर्माण कार्य अगले साल भी हो सकता है। हर माह वेतन के लिए पैसे चाहिए, इसलिए यह रकम बचाएं। सूत्रों का कहना है कि कमीशन का जहां खेल होता है पीयू में वही काम सबसे पहले शुरू होता है। जरूरी कार्यों की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।
पीयू के गेट नंबर- 1 से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक पुराना फुटपाथ तोड़कर नया बना दिया गया। इस फुटपाथ के एक साइड में लोहे की नई ग्रेल लगाई जा रही हैं। इस कार्य पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का खर्च आ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि फुटपाथ की दशा पहले ठीक थी। ग्रेल भी लगी हुई थीं। पीयू को सोचना चाहिए था कि वेतन के लिए लाले पड़े हुए हैं। कहीं से बजट नहीं मिल पा रहा है। आय के स्रोत हैं नहीं। ऐसे में वही निर्माण कार्य करवाया जाता, जिसकी सर्वाधिक जरूरत थी।
शिक्षकों में आक्रोश, बोले- अभी नहीं जरूरत थी इसकी
शिक्षकों ने यह भी कहा है कि फुटपाथ पर चलने वाले छात्र अपने घरों पर हैं। अभी उनके विश्वविद्यालय आने का भी कोई पता नहीं है। ऐसे में फुटपाथ बनाने की व ग्रेल लगाने की क्या जरूरत थी। यदि प्रस्ताव यह पहले पास हुआ था तो इसको रोकना चाहिए था। पीयू प्रशासन के खिलाफ शिक्षकों में आक्रोश है। मालूम हो कि गेट नंबर- 1के पास फुलवारी आदि के लिए ईंटों का एक ढांचा बनाया जा रहा था। ग्रीनरी के लिए अन्य योजना भी थी। इस कार्य पर 90 लाख रुपये खर्च होने थे, लेकिन कोरोना से पहले इसे रुकवाया गया, क्योंकि इस कार्य की जरूरत महसूस नहीं की जा रही थी।
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पीयू के गेट नंबर- 1 से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक पुराना फुटपाथ तोड़कर नया बना दिया गया। इस फुटपाथ के एक साइड में लोहे की नई ग्रेल लगाई जा रही हैं। इस कार्य पर 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक का खर्च आ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि फुटपाथ की दशा पहले ठीक थी। ग्रेल भी लगी हुई थीं। पीयू को सोचना चाहिए था कि वेतन के लिए लाले पड़े हुए हैं। कहीं से बजट नहीं मिल पा रहा है। आय के स्रोत हैं नहीं। ऐसे में वही निर्माण कार्य करवाया जाता, जिसकी सर्वाधिक जरूरत थी।
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शिक्षकों में आक्रोश, बोले- अभी नहीं जरूरत थी इसकी
शिक्षकों ने यह भी कहा है कि फुटपाथ पर चलने वाले छात्र अपने घरों पर हैं। अभी उनके विश्वविद्यालय आने का भी कोई पता नहीं है। ऐसे में फुटपाथ बनाने की व ग्रेल लगाने की क्या जरूरत थी। यदि प्रस्ताव यह पहले पास हुआ था तो इसको रोकना चाहिए था। पीयू प्रशासन के खिलाफ शिक्षकों में आक्रोश है। मालूम हो कि गेट नंबर- 1के पास फुलवारी आदि के लिए ईंटों का एक ढांचा बनाया जा रहा था। ग्रीनरी के लिए अन्य योजना भी थी। इस कार्य पर 90 लाख रुपये खर्च होने थे, लेकिन कोरोना से पहले इसे रुकवाया गया, क्योंकि इस कार्य की जरूरत महसूस नहीं की जा रही थी।
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