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ट्रांसवुमन की पहचान के साथ एमए में लिया दाखिला, अब पीयू नहीं दे रही छात्रावास

Wed, 16 Mar 2022 10:27 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:27 PM IST
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Admission taken in MA with the identity of transwoman, now PU is not giving hostel
चंडीगढ़। तालियां बजाना और भीख मांगना पसंद नहीं, मैं उच्च शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं और अपनी पहचान बनाना चाहती हूं, लेकिन समाज हमारी व्यक्तिगत पहचान को स्वीकार ही नहीं कर पा रहा है। स्नातक की पढ़ाई किसी तरह अपनी पहचान गुप्त रखकर पूरी की, अब एमए में अपनी पहचान को उजागर किया और लोगों के सामने ट्रांसवुमन की तरह आई तो समाज उसे स्वीकार नहीं कर रहा है। हमें आदमियों की तरह व्यवहार करने पर मजबूर किया जाता है। एमए ह्यूमन राइट्स की ट्रांसवुमन यशिका ने ये बातें साझा कीं। पीयू के स्टूडेंट सेंटर पर छात्रावास की मांग को लेकर यशिका मंगलवार को अकेले धरने पर बैठी।
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यशिका ने बताया कि एमए के पहले सेमेस्टर की कक्षाएं उनकी ऑनलाइन ही चलीं। अभी चार मार्च से उनकी ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। वे लगभग अक्तूबर से यूनिवर्सिटी प्रशासन को छात्रावास के लिए अर्जी लिख रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें रहने के लिए जगह नहीं मुहैया करवाई गई है। मंगलवार को चंडीगढ़ आई, लेकिन उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है। इस दौरान डीएसडब्ल्यू के साथ भी बैठक की, लेकिन उनसे जवाब के रूप में सिर्फ आश्वासन मिला कि हमने कमेटी बनाई है, अब कोई हल निकालेंगे, इसलिए मैंने बिना ठिकाने के स्टूडेंट सेंटर पर बैठने का ही निर्णय लिया।
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अपनी पहचान छिपाकर यूपी से की बीए
यशिका यूपी के सहारनपुर की रहने वाली है। उनके ट्रांसवुमन की पहचान को उनके परिवार ने नहीं स्वीकारा। उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी से अपनी पहचान परिवार और समाज दोनों से गुप्त रखकर स्नातक की पढ़ाई पूरी की, क्योंकि उस समय डर था कि पहचान उजागर होने के बाद उनकी पढ़ाई पर पाबंदी लग जाएगी। इसके बाद कुछ समय दिल्ली में सेल्स में नौकरी की, उस दौरान भी लड़के के रूप में ही काम किया, हालांकि थोड़ा मेकअप करती थी, इसलिए कई बार मजाक का पात्र बनी। अभी अपनी व्यक्तिगत पहचान के साथ जीने का फैसला लिया है और आगे पढ़ने का सोचा है, लेकिन पढ़े-लिखे लोगों का साथ ही नहीं मिल रहा है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यशिका के केस में कमेटी बना दी गई है। उसको लेकर एक-दो बैठक भी की गई है। कोई रास्ता निकाला जाएगा। हमने यशिका से बात की है। - डॉ. मीना, डीएसडब्ल्यू वुमन, पीयू
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