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मॉडल संस्कृति स्कूल: पांच अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू, गरीब बच्चों को 20 फीसदी आरक्षण, जानें- फीस व पूरी प्रक्रिया
Fri, 01 Apr 2022 10:04 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 01 Apr 2022 10:04 AM IST
सार
दाखिला फार्म निशुल्क मिलेगा। पहली से पांचवीं कक्षा तक प्रति सेक्शन अधिकतम 30 विद्यार्थी होंगे। छठी से आठवीं में प्रति सेक्शन इनकी अधिकतम संख्या 35 और नौवीं से बाहरवीं में हर सेक्शन में अधिकतम 40 रहेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के 138 सरकारी मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में 1.80 लाख वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को 20 फीसदी आरक्षण मिलेगा। 1.80 से 2.40 लाख आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए 10 फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं। इन स्कूलों में पांच अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी।
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25 अप्रैल तक अभिभावक, स्कूल मुखिया के पास फार्म जमा कर सकेंगे। 26 अप्रैल को ड्रॉ निकाला जाएगा। पहली मई को दाखिला होंगे। सीटें खाली रहने पर दो मई से दाखिलों का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत एससी-बीसी-ए, बी व दिव्यांग बच्चों के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा का आकार व बच्चों की फीस भी तय कर दी है। सेकेंडरी शिक्षा महानिदेशक ने इस संबंध में गुरुवार को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए। उनके अनुसार पहली से पांचवीं की एकमुश्त दाखिला राशि 500 व छठी से 12वीं की एक हजार रुपये रहेगी। पहली से तीसरी की मासिक फीस 200 रुपये, चौथी-पांचवीं की 250, छठी से आठवीं की 300, नौवीं-दसवीं की 400, 11वीं-12वीं की 500 रुपये फीस होगी।
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दाखिला फार्म निशुल्क मिलेगा। पहली से पांचवीं कक्षा तक प्रति सेक्शन अधिकतम 30 विद्यार्थी होंगे। छठी से आठवीं में प्रति सेक्शन इनकी अधिकतम संख्या 35 और नौवीं से बाहरवीं में हर सेक्शन में अधिकतम 40 रहेगी। यह दो पारियों में स्कूल चलाने के लिए पर्याप्त बच्चे होते हैं तो सेक्शन की संख्या बढ़ा सकते हैं।
पहली, छठी, नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में केवल अंग्रेजी माध्यम में ही नए दाखिला होंगे। अन्य कक्षाओं में सीटें खाली होने पर प्रवेश दिया जाएगा। एसएमसी की बैठक बुलाकर सेक्शन में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय ले सकते हैं। दस्तावेजों में कमी के आधार पर किसी बच्चे का दाखिला नहीं रोका जाएगा। अस्थायी दाखिला देकर दस्तावेज पूरा करने के लिए 30 दिन मिलेंगे। आरक्षित सीटों के लिए पर्याप्त आवेदन नहीं आते हैं तो उन्हें सामान्य श्रेणी के बच्चों से भरा जाएगा।