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Chandigarh News: मनीमाजरा सिविल अस्पताल पहुंचे प्रशासक, मरीजों से पूछा-कैसा मिल रहा इलाज
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मरीजों से मिलते प्रशासक।
मनीमाजरा।
सिविल अस्पताल मनीमाजरा में दोपहर को अचानक पुलिस कर्मचारियों की हलचल देख सभी हैरान रह गए। इसके कुछ ही देर बाद पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मनीमाजरा अस्पताल पहुंचे। एकाएक प्रशासक को देखकर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम अलर्ट हो गई। प्रशासक ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड को देखा। इमरजेंसी का रजिस्टर देखने के बाद वहां भर्ती मरीजों के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने पहली मंजिल पर बने हर एक वार्ड की जांच की और वहां भर्ती मरीजों से बात करते हुए पूछा कि आप का इलाज ठीक हो रहा है। किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं हो रही। इस दौरान मरीजों ने उन्हें कुछ समस्या बताई, जिसे प्रशासक ने ध्यानपूर्वक सुना और समझा। इसके बाद प्रशासक ने लेबर रूम और गायनी वार्ड सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों की स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों को उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
बता दें कि अमर उजाला मनीमाजरा समेत शहर के तीनों सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और पिछले तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट न होने के मुद्दों को लगातार उठाता रहा है। दो दिन पहले ही दावे हवा हवाई, ढाई साल में एक रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो पाई...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि किस तरह स्वास्थ्य विभाग लाचार बना है और मनीमाजरा में कई साल से रेडियोलॉजिस्ट का इंतजार चल रहा है। वहीं, सेक्टर-22 और 45 का भी कमोवेश यही हाल है। ऐसी स्थिति में मरीज जीएमएसएच-16 में धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके बाद ही चंडीगढ़ प्रशासक और प्रशासनिक अधिकारियों ने मनीमाजरा का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के इंचार्ज एसएमओ डॉ. संदीप टंडन से इस पूछा कि स्टॉफ की क्या स्थिति है और क्या होना चाहिए। इस दौरान स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह और स्वास्थ्य सचिव अजय चगती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे।
जीएमएसएच-16 में कई विभागों का निरीक्षण, मरीजों से पूछा-कैसा मिल रहा इलाज
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मनीमाजरा के बाद गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच), सेक्टर 16 पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाओं का जायजा लिया। जीएमएसएच-16 में प्रशासक ने आपातकालीन विभाग, आईसीयू, पोस्ट-नैटल वार्ड, लेबर रूम, एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर और इमरजेंसी विंग के विस्तार के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिवार से बातचीत की। उन्होंने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में मिल रही सेवाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता और मरीजों की गोपनीयता पर विशेष ध्यान दिया। महिला मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्यूबिकल पर्दे और विभाजनों की व्यवस्था की सराहना की।
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इमरजेंसी में भीड़ कम करने के लिए दिए सुझाव
प्रशासक ने एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रशासक को बच्चों के लिए उपलब्ध विशेष सेवाओं की जानकारी दी, जिसमें जटिलताओं से जूझ रहे नवजात और कम वजन वाले बच्चों की देखभाल शामिल है। प्रशासक ने आपातकालीन विंग के विस्तार के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। प्रशासक ने आपातकालीन क्षेत्र में भीड़ को कम करने और मरीजों की बेहतर प्रबंधन व्यवस्था के लिए तैयार रहने का सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया।
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सिविल अस्पताल मनीमाजरा में दोपहर को अचानक पुलिस कर्मचारियों की हलचल देख सभी हैरान रह गए। इसके कुछ ही देर बाद पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मनीमाजरा अस्पताल पहुंचे। एकाएक प्रशासक को देखकर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम अलर्ट हो गई। प्रशासक ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड को देखा। इमरजेंसी का रजिस्टर देखने के बाद वहां भर्ती मरीजों के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने पहली मंजिल पर बने हर एक वार्ड की जांच की और वहां भर्ती मरीजों से बात करते हुए पूछा कि आप का इलाज ठीक हो रहा है। किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं हो रही। इस दौरान मरीजों ने उन्हें कुछ समस्या बताई, जिसे प्रशासक ने ध्यानपूर्वक सुना और समझा। इसके बाद प्रशासक ने लेबर रूम और गायनी वार्ड सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों की स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों को उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
बता दें कि अमर उजाला मनीमाजरा समेत शहर के तीनों सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और पिछले तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट न होने के मुद्दों को लगातार उठाता रहा है। दो दिन पहले ही दावे हवा हवाई, ढाई साल में एक रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था नहीं हो पाई...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि किस तरह स्वास्थ्य विभाग लाचार बना है और मनीमाजरा में कई साल से रेडियोलॉजिस्ट का इंतजार चल रहा है। वहीं, सेक्टर-22 और 45 का भी कमोवेश यही हाल है। ऐसी स्थिति में मरीज जीएमएसएच-16 में धक्के खाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके बाद ही चंडीगढ़ प्रशासक और प्रशासनिक अधिकारियों ने मनीमाजरा का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के इंचार्ज एसएमओ डॉ. संदीप टंडन से इस पूछा कि स्टॉफ की क्या स्थिति है और क्या होना चाहिए। इस दौरान स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह और स्वास्थ्य सचिव अजय चगती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे।
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जीएमएसएच-16 में कई विभागों का निरीक्षण, मरीजों से पूछा-कैसा मिल रहा इलाज
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मनीमाजरा के बाद गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच), सेक्टर 16 पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाओं का जायजा लिया। जीएमएसएच-16 में प्रशासक ने आपातकालीन विभाग, आईसीयू, पोस्ट-नैटल वार्ड, लेबर रूम, एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर और इमरजेंसी विंग के विस्तार के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिवार से बातचीत की। उन्होंने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में मिल रही सेवाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता और मरीजों की गोपनीयता पर विशेष ध्यान दिया। महिला मरीजों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए क्यूबिकल पर्दे और विभाजनों की व्यवस्था की सराहना की।
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इमरजेंसी में भीड़ कम करने के लिए दिए सुझाव
प्रशासक ने एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रशासक को बच्चों के लिए उपलब्ध विशेष सेवाओं की जानकारी दी, जिसमें जटिलताओं से जूझ रहे नवजात और कम वजन वाले बच्चों की देखभाल शामिल है। प्रशासक ने आपातकालीन विंग के विस्तार के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। प्रशासक ने आपातकालीन क्षेत्र में भीड़ को कम करने और मरीजों की बेहतर प्रबंधन व्यवस्था के लिए तैयार रहने का सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया।