{"_id":"5fb58a908ebc3e9bd5062ffa","slug":"administrator-gave-permission-for-opening-libraries-and-colleges-of-the-city-from-23-november-chandigarh-news-pkl394440461","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के पुस्तकालय और कॉलेज 23 से खोलने की प्रशासक ने दी अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के पुस्तकालय और कॉलेज 23 से खोलने की प्रशासक ने दी अनुमति
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के सरकारी पुस्तकालय और निजी/सरकारी कॉलेज 23 नवंबर से खुलेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने दिवाली से पहले ही प्रस्ताव तैयार कर लिया था। प्रशासक की मंजूरी के बाद सभी कॉलेजों के प्रमुखों और पुस्ताकलय के अध्यक्षों (लाइब्रेरियन) को निर्देश भेज दिए हैं। कॉलेजों को नियमित कक्षाओं के लिए गृह मंत्रालय और यूजीसी के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार 23 नवंबर से यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को नियमित कक्षा के लिए बुलाया जाएगा क्योंकि इन विद्यार्थियों की प्लेसमेंट और थीसिस का समय है। पहले ट्राइसिटी के स्थानीय विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा। एक दिसंबर से कॉलेज प्रमुख अपने हिसाब से हॉस्टल की व्यवस्था कर बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को बुला सकते हैं। 23 नवंबर से सभी शिक्षकों और स्टाफ को नियमित रूप से कॉलेज आना होगा। कॉलेज प्रमुख को अगर जरूरत महसूस होती है तो यूजीसी के साथ वे अपने स्थानीय दिशानिर्देश भी बना सकते हैं जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके।
विद्यार्थियों के लिए क्या रहेगी व्यवस्था
शहर के निजी और सरकारी कॉलेजों में लगभग 40 हजार विद्यार्थी यूजी, पीजी और शोध के हैं। विद्यार्थियों को कॉलेज की तरफ से बनाई समय व्यवस्था के अनुसार कॉलेज आना होगा। एक दिन में सभी विद्यार्थियों की एक साथ कक्षा नहीं लगेगी। विद्यार्थियों को कॉलेज आईडी कार्ड साथ रखना है। विद्यार्थी अपनी एंट्री मुख्य द्वार पर करवाएंगे, जिससे उनका डाटा रखा जा सके। विद्यार्थी मुख्य द्वार, कॉलेज परिसर, लैब और कक्षा में भीड़ या ग्रुप में नहीं रहेंगे।
विज्ञापन
यूजीसी के कॉलेजों के लिए दिशानिर्देश
1. सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ की मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
2. कॉलेज में आने और जाने के लिए अलग-अलग द्वार रखने होंगे, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं हो।
3. बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज में आने की अनुमति नहीं मिलेगी।
4. मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था होना आवश्यक है।
5. कॉलेज विभिन्न विभागों और कक्षाओं को छोटे-छोटे सेक्शन में विभाजित करेंगे जिससे कक्षा में सामाजिक दूरी का पालन हो सके।
6. अगर कॉलेज में पर्याप्त स्थान और संसाधन है तो एक साथ 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है।
7. कॉलेज में आने वाले आगन्तुकों की कांटैक्ट डिटेल बनाई जाएगी, कॉलेज में कब और किससे मुलाकात हुई, इसका डाटा भी रखा जाएगा।
8. कॉलेज प्रमुख अपनी व्यवस्था के अनुसार शिक्षण घंटे कम या ज्यादा कर सकते हैं।
9. कक्षाओं में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कम से कम 6 फीट की दूरी पर विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
10. कॉलेज परिसर, कक्षा और लैब इत्यादि को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार 23 नवंबर से यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को नियमित कक्षा के लिए बुलाया जाएगा क्योंकि इन विद्यार्थियों की प्लेसमेंट और थीसिस का समय है। पहले ट्राइसिटी के स्थानीय विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा। एक दिसंबर से कॉलेज प्रमुख अपने हिसाब से हॉस्टल की व्यवस्था कर बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों को बुला सकते हैं। 23 नवंबर से सभी शिक्षकों और स्टाफ को नियमित रूप से कॉलेज आना होगा। कॉलेज प्रमुख को अगर जरूरत महसूस होती है तो यूजीसी के साथ वे अपने स्थानीय दिशानिर्देश भी बना सकते हैं जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके।
विज्ञापन
विद्यार्थियों के लिए क्या रहेगी व्यवस्था
शहर के निजी और सरकारी कॉलेजों में लगभग 40 हजार विद्यार्थी यूजी, पीजी और शोध के हैं। विद्यार्थियों को कॉलेज की तरफ से बनाई समय व्यवस्था के अनुसार कॉलेज आना होगा। एक दिन में सभी विद्यार्थियों की एक साथ कक्षा नहीं लगेगी। विद्यार्थियों को कॉलेज आईडी कार्ड साथ रखना है। विद्यार्थी अपनी एंट्री मुख्य द्वार पर करवाएंगे, जिससे उनका डाटा रखा जा सके। विद्यार्थी मुख्य द्वार, कॉलेज परिसर, लैब और कक्षा में भीड़ या ग्रुप में नहीं रहेंगे।
विज्ञापन
यूजीसी के कॉलेजों के लिए दिशानिर्देश
1. सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ की मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
2. कॉलेज में आने और जाने के लिए अलग-अलग द्वार रखने होंगे, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं हो।
3. बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज में आने की अनुमति नहीं मिलेगी।
4. मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था होना आवश्यक है।
5. कॉलेज विभिन्न विभागों और कक्षाओं को छोटे-छोटे सेक्शन में विभाजित करेंगे जिससे कक्षा में सामाजिक दूरी का पालन हो सके।
6. अगर कॉलेज में पर्याप्त स्थान और संसाधन है तो एक साथ 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है।
7. कॉलेज में आने वाले आगन्तुकों की कांटैक्ट डिटेल बनाई जाएगी, कॉलेज में कब और किससे मुलाकात हुई, इसका डाटा भी रखा जाएगा।
8. कॉलेज प्रमुख अपनी व्यवस्था के अनुसार शिक्षण घंटे कम या ज्यादा कर सकते हैं।
9. कक्षाओं में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कम से कम 6 फीट की दूरी पर विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
10. कॉलेज परिसर, कक्षा और लैब इत्यादि को नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाएगा।