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13 गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रशासन निगम को देगा 30 करोड़ रुपये
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चंडीगढ़। नगर निगम में शामिल 13 गांवों के विकास कार्यों के लिए प्रशासन 30 करोड़ रुपये देगा। मार्च तक यह राशि निगम के खाते में आ जाएगी। इसके अलावा गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रशासन 102 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगा। इसमें से 90 करोड़ निगम के खाते में डाले जाएंगे। 12 करोड़ प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग गांवों में लगाएगा।
मेयर रविकांत शर्मा ने निगम आयुक्त केके यादव के साथ मिलकर प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास कार्यों की रूपरेखा प्रशासक के सामने रखी। मेयर ने कहा कि इन विकास कार्यों के लिए फंड की जरूरत होगी। सबसे पहले गांव में विकास कार्य करना जरूरी है क्योंकि उनके लिए एस्टीमेट तो बन गया, लेकिन फंड न होने से यह कार्य लटका हुआ है। लोग वहां काफी परेशान हैं। 2019 में निगम में 13 गांव शामिल हुए थे। इनके विकास के लिए निगम ने 125 करोड़ का एस्टीमेट भी बनाया था, लेकिन फंड न होने के कारण यहां कोई विकास कार्य नहीं हो सका।
425 करोड़ रुपये की ग्रांट पूरी मिलेगी
मेयर ने निगम की वित्तीय हालत की जनकारी देते हुए कहा कि ग्रांट के बचे 100 करोड़ रुपये भी दे दिए जाएं। कोरोना महामारी में कुछ भी न काटा जाए। इस पर सलाहकार ने सहमति जताई। निगम ने प्रशासन से 425 करोड़ रुपये की ग्रांट मांगी थी और अब तक निगम को 325 करोड़ रुपये मिले हैं।
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रेवेन्यू बढ़ाने के लिए आरएलए देने पर भी सहमति
मेयर ने कहा कि निगम के खर्चे कम है और रेवेन्यू आने वाले विभाग भी कम हैं। इसलिए कुछ विभाग व अन्य व्यवस्थाओं से निगम का रेवेन्यू बढ़ना चाहिए। मनोज परिदा से आरएलए निगम को देने पर जब बात की तो उन्होंने सहमति जताई। इसके अलावा परिदा ने कहा कि वार्ड फंड के लिए इस साल 80 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे। प्रशासन जल्द 7 सामुदायिक केंद्र बनाएगा। वहीं सेक्टर-8 व-17 में भूमिगत पार्किंग भी जल्द बनाई जाएगी। कलाग्राम के मैदान में कार्यक्रम की अनुमति भी निगम के माध्यम से करने, इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में बैंक्वेट हॉल बनाने, यूनीपोल 24 से बढ़ाकर 75 करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा सलाहकार ने निगम को 2 और पेट्रोल पंप साइट देने का वादा किया।
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मेयर रविकांत शर्मा ने निगम आयुक्त केके यादव के साथ मिलकर प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास कार्यों की रूपरेखा प्रशासक के सामने रखी। मेयर ने कहा कि इन विकास कार्यों के लिए फंड की जरूरत होगी। सबसे पहले गांव में विकास कार्य करना जरूरी है क्योंकि उनके लिए एस्टीमेट तो बन गया, लेकिन फंड न होने से यह कार्य लटका हुआ है। लोग वहां काफी परेशान हैं। 2019 में निगम में 13 गांव शामिल हुए थे। इनके विकास के लिए निगम ने 125 करोड़ का एस्टीमेट भी बनाया था, लेकिन फंड न होने के कारण यहां कोई विकास कार्य नहीं हो सका।
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425 करोड़ रुपये की ग्रांट पूरी मिलेगी
मेयर ने निगम की वित्तीय हालत की जनकारी देते हुए कहा कि ग्रांट के बचे 100 करोड़ रुपये भी दे दिए जाएं। कोरोना महामारी में कुछ भी न काटा जाए। इस पर सलाहकार ने सहमति जताई। निगम ने प्रशासन से 425 करोड़ रुपये की ग्रांट मांगी थी और अब तक निगम को 325 करोड़ रुपये मिले हैं।
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रेवेन्यू बढ़ाने के लिए आरएलए देने पर भी सहमति
मेयर ने कहा कि निगम के खर्चे कम है और रेवेन्यू आने वाले विभाग भी कम हैं। इसलिए कुछ विभाग व अन्य व्यवस्थाओं से निगम का रेवेन्यू बढ़ना चाहिए। मनोज परिदा से आरएलए निगम को देने पर जब बात की तो उन्होंने सहमति जताई। इसके अलावा परिदा ने कहा कि वार्ड फंड के लिए इस साल 80 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे। प्रशासन जल्द 7 सामुदायिक केंद्र बनाएगा। वहीं सेक्टर-8 व-17 में भूमिगत पार्किंग भी जल्द बनाई जाएगी। कलाग्राम के मैदान में कार्यक्रम की अनुमति भी निगम के माध्यम से करने, इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में बैंक्वेट हॉल बनाने, यूनीपोल 24 से बढ़ाकर 75 करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा सलाहकार ने निगम को 2 और पेट्रोल पंप साइट देने का वादा किया।