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Chandigarh News: पशु कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन, मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष
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प्रशासन ने जारी की अधिसूचना, अधिकारियों के साथ पशु कल्याण विशेषज्ञों और संगठनों को भी मिली जगह
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पशु कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह कदम वर्ष 2010 और 2014 की पूर्व अधिसूचनाओं में संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के 6 अगस्त 2008 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। वन विभाग के सचिव, वित्त सचिव, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के सचिव, यूटी राज्य परिवहन प्राधिकरण के अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, स्कूल शिक्षा निदेशक तथा वन संरक्षक/मुख्य वन्यजीव वार्डन को सदस्य बनाया गया है।
बोर्ड में नगर निगम के एक पार्षद को भी शामिल किया जाएगा। पार्षद का नामांकन नगर निगम के नामित महापौर की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा एक पशु कल्याण कार्यकर्ता, एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक और स्थानीय गौशालाओं के एक प्रतिनिधि को नामित सदस्य बनाया जाएगा। एसपीसीए चंडीगढ़ और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है।
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पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक बोर्ड के सदस्य होंगे, जबकि पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के निदेशक सदस्य सचिव होंगे। नामित सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष या प्रशासन के निर्णय के अनुसार होगा। बोर्ड बैठकों में शामिल होने के लिए सदस्यों को किसी प्रकार का भत्ता, यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार यह राज्य पशु कल्याण बोर्ड के गठन संबंधी गजट अधिसूचना में दूसरा संशोधन है। नई व्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारियों और पशु कल्याण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों व संगठनों के बीच समन्वय मजबूत होगा।
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के पशु कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह कदम वर्ष 2010 और 2014 की पूर्व अधिसूचनाओं में संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के 6 अगस्त 2008 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। वन विभाग के सचिव, वित्त सचिव, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के सचिव, यूटी राज्य परिवहन प्राधिकरण के अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, स्कूल शिक्षा निदेशक तथा वन संरक्षक/मुख्य वन्यजीव वार्डन को सदस्य बनाया गया है।
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बोर्ड में नगर निगम के एक पार्षद को भी शामिल किया जाएगा। पार्षद का नामांकन नगर निगम के नामित महापौर की ओर से किया जाएगा। इसके अलावा एक पशु कल्याण कार्यकर्ता, एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक और स्थानीय गौशालाओं के एक प्रतिनिधि को नामित सदस्य बनाया जाएगा। एसपीसीए चंडीगढ़ और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है।
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पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक बोर्ड के सदस्य होंगे, जबकि पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के निदेशक सदस्य सचिव होंगे। नामित सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष या प्रशासन के निर्णय के अनुसार होगा। बोर्ड बैठकों में शामिल होने के लिए सदस्यों को किसी प्रकार का भत्ता, यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार यह राज्य पशु कल्याण बोर्ड के गठन संबंधी गजट अधिसूचना में दूसरा संशोधन है। नई व्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारियों और पशु कल्याण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों व संगठनों के बीच समन्वय मजबूत होगा।