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Chandigarh News: एयरपोर्ट के वैकल्पिक मार्ग पर लैंड पूलिंग पॉलिसी से जमीन अधिग्रहण कर सकता है प्रशासन
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चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चंडीगढ़ के लिए बनाए जा रहे कम दूरी के वैकल्पिक मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण पर फंसे मुआवजे के पेंच को सुलझाने के लिए प्रशासन हरियाणा की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी अपना सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने पहले किसानों निगोसिएशन के आधार पर मुआवजा देने का ऐलान किया था, लेकिन अन्य राज्यों की तुलना में मुआवजे की राशि में भारी विसंगति को देखते हुए किसानों ने इसका विरोध कर दिया। यहां तक कि बीते दिनों वरिष्ठ किसान नेता राकेश टिकैत ने चंडीगढ़ में किसानों के साथ मिलकर जनवरी में प्रशासन के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान किया था।
इस सब को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने हाल ही में हुई बैठक में हरियाणा की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी अपनाने पर मंथन किया। हालांकि अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। गौर हो कि एयरपोर्ट के लिए बनने वाले इस वैकल्पिक रास्ते के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को 34.61 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है, जिसके लिए प्रशासन की तरफ से करीब 120 करोड़ रुपये का भुगतान तय किया गया था। चंडीगढ़ के किसानों की मांग है कि पंजाब की तर्ज पर उन्हें 13 से 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। धनास के पूर्व सरपंच व पार्षद कुलजीत संधू का कहना है कि किसानों को जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है, जमीन अधिग्रहण का विरोध किया जाएगा। उन्होंने चंडीगढ़ में लैंड पूलिंग स्कीम लाने की मांग की थी।
क्या है हरियाणा की लैंड पूलिंग पॉलिसी
विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की कमी से जूझ रही हरियाणा सरकार ने 2022 में लैंड पूलिंग पाॅलिसी लांच की थी। इस पालिसी से शहरों में नए सेक्टर बनाने, वाणिज्यिक, संस्थागत और ढांचागत विकास के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने में मदद मिलेगी। वहीं, परियोजनाओं के लिए भू मालिक को पोर्टल पर खुद जमीन देने की पेशकश करनी होगी। एन्हांसमेंट (भूमि का बढ़ा मुआवजा) और अधिगृहीत जमीन के लिए आए दिन हाेने वाले धरने-प्रदर्शनों से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने यह पाॅलिसी बनाई है। लैंड पूलिंग पाॅलिसी में खास बात यह है कि भूमि मालिक विकास प्रक्रिया में भागीदार होंगे। इसके तहत भूमि के आवंटन को रिक्त भूमि की लागत से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिए जाने का प्रावधान है।
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इस सब को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने हाल ही में हुई बैठक में हरियाणा की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी अपनाने पर मंथन किया। हालांकि अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। गौर हो कि एयरपोर्ट के लिए बनने वाले इस वैकल्पिक रास्ते के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को 34.61 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना है, जिसके लिए प्रशासन की तरफ से करीब 120 करोड़ रुपये का भुगतान तय किया गया था। चंडीगढ़ के किसानों की मांग है कि पंजाब की तर्ज पर उन्हें 13 से 15 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। धनास के पूर्व सरपंच व पार्षद कुलजीत संधू का कहना है कि किसानों को जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है, जमीन अधिग्रहण का विरोध किया जाएगा। उन्होंने चंडीगढ़ में लैंड पूलिंग स्कीम लाने की मांग की थी।
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क्या है हरियाणा की लैंड पूलिंग पॉलिसी
विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की कमी से जूझ रही हरियाणा सरकार ने 2022 में लैंड पूलिंग पाॅलिसी लांच की थी। इस पालिसी से शहरों में नए सेक्टर बनाने, वाणिज्यिक, संस्थागत और ढांचागत विकास के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने में मदद मिलेगी। वहीं, परियोजनाओं के लिए भू मालिक को पोर्टल पर खुद जमीन देने की पेशकश करनी होगी। एन्हांसमेंट (भूमि का बढ़ा मुआवजा) और अधिगृहीत जमीन के लिए आए दिन हाेने वाले धरने-प्रदर्शनों से निपटने के लिए हरियाणा सरकार ने यह पाॅलिसी बनाई है। लैंड पूलिंग पाॅलिसी में खास बात यह है कि भूमि मालिक विकास प्रक्रिया में भागीदार होंगे। इसके तहत भूमि के आवंटन को रिक्त भूमि की लागत से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिए जाने का प्रावधान है।
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