अभिनेता रंजन सहगल का 36 वर्ष की उम्र में निधन, कई पंजाब और हिंदी फिल्मों में किया था काम
- पीजीआई में तोड़ा दम, सांस लेने में दिक्कत और खून की उल्टी होने पर परिजन लेकर पहुंचे थे अस्पताल
- साइटिका नामक बीमारी से थे पीड़ित, कुछ समय पहले लौट आए थे शहर
- शाहरुख खान के साथ जीरो और एश्वर्या राय के साथ फिल्म सरबजीत में भी किया काम
विस्तार
स्टेज प्ले से फिल्मी दुनिया तक का सफर तय करने वाले अभिनेता रंजन सहगल का महज 36 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। चंडीगढ़ में पढ़े-लिखे रंजन कई प्रसिद्ध सीरियल जैसे क्राइम पेट्रोल, रिश्तों से बड़ी प्रथा, सावधान इंडिया के अलावा शाहरुख अभिनीत फिल्म जीरो व ऐश्वर्या राय के साथ फिल्म सरबजीत में नजर आ चुके हैं।
आखिरी बार वह आलिया भट्ट के साथ एक शार्ट फिल्म गोइंग होम में नजर आए थे। बताया जा रहा है कि रंजन कई दिनों से बीमार चल रहे थे। वह साइटिका (नसों में होने वाला ऐसा दर्द है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है) नामक बीमारी से पीड़ित थे। मुंबई में अकेले होने के कारण वह अपनी देखभाल नहीं कर पा रहे थे इसलिए वापस शहर लौट आए थे। उनके निधन से पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के साथ बॉलीवुड में शोक की लहर है।
रंजन सहगल पहले चंडीगढ़ सेक्टर-29 में रहते थे लेकिन कुछ समय से वह जीरकपुर में बस गए थे। शनिवार सुबह उन्हें उल्टी हुई तो परिजन उन्हें पीजीआई लेकर पहुंचे। यहां उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। साथ ही खून की उल्टियां हो रही थी। वेंटिलेटर की डिमांड की गई लेकिन तुरंत वेंटिलेटर न मिल पाने से कुछ ही देर में उनकी सांसें टूट गईं।
डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है। खून की उल्टियां होने की वजह से परिजनों ने पोस्टमार्टम की मांग की थी, जिसे पीजीआई ने स्वीकार कर लिया है। रविवार को उनके शव का पोस्टमार्टम होगा। उसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सांस लेने में परेशानी होने पर उनका कोविड टेस्ट कराया गया, जो निगेटिव आया है।
पॉकेट मनी के लिए कॉलेज के दिनों में करते थे नौकरी
अलंकार थियेटर ग्रुप के संस्थापक चक्रेश ने बताया कि रंजन को शुरू से थियेटर से लगाव था। साल 2003 में उन्होंने सेक्टर- 11 गवर्नमेंट कॉलेज से बीए किया। जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उनके पिता की मौत हो गई थी। कॉलेज के दिनों में पॉकेट मनी निकालने के लिए वह छोटी-मोटी नौकरी भी करते थे।
साल 2005 में वह सीनियर थियेटर आर्टिस्ट रानी बलबीर कौर के साथ जुड़ गए और थियेटर की बारीकियां सीखने लगे। उस दौरान उन्होंने कई स्टेज शो किए, जिनमें वह मुख्य भूमिका में थे। उसके बाद पीयू के थियेटर डिपार्टमेंट से एमए किया। कला में माहिर होने के बाद उन्होंने साल 2009 में मुंबई का रुख किया। चंडीगढ़ में उन्होंने जो मेहनत की थी, उसकी वजह से मुंबई में रंजन को काम मिलने लगा। साल 2014 में आर्टिस्ट नव्या छाबड़ा से उनकी शादी हुई लेकिन कुछ समय बाद दोनों में तलाक हो गया।
अपने थियेटर गुरु से मिलने की इच्छा अधूरी रह गई
सीनियर थिएटर आर्टिस्ट रानी बलबीर कौर ने बताया कि रंजन बहुत ही अनुशासित व होनहार आर्टिस्ट था। 15 दिन पहले रंजन का फोन आया था कि वह मिलना चाहता है लेकिन कोविड 19 की वजह से मिलना नहीं हो सका। सुबह ही पता चला कि अब रंजन से कभी भी मुलाकात नहीं हो सकेगी। उसके मैसेज व फोन पर हुई बातचीत मेरे दिलो-दिमाग में छाए हैं। पुराने किरदार को याद करते हुए उन्होंने बताया कि कैफी आजमी की एक नज्म के किरदार में साक्षात राम नजर आता था। उसके अंदर मल्टीपल किरदार का रोल करने का टैलेंट था।
इन शो व फिल्मों में दिख चुके हैं
सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल, रिश्तों से बड़ी प्रथा, तुम देना साथ मेरा, चड्या चंद समुदरां पार (पंजाबी), भाग्य, सबकी लाडली बेबो, रिश्ता डॉट कॉम, गुस्ताख दिल, भंवर, जाने क्या होगा रामा रे, कुलदीपक, पंजाबी फिल्म माही एनआरआई, आतिशबाजी इश्क, यारां दा कैच-अप, पाइड पाइपर, बॉलीवुड फिल्म सरबजीत, जीरो, वेब सीरीज बार बार लगातार, शार्ट स्टोरी और फिल्म चाय काफी, गोइंग होम, लास्ट डे व फेडिंग स्टेप्स में उन्होंने काम किया था।