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लंबित मामलों के निपटारे के लिए हाईकोर्ट ने बनाया एक्शन प्लान, जानिए क्या?
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:10 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी जिला अदालतों में वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए सभी सेशन जजों को निर्देश दिए दे दिए हैं। सेशन जजों को मामलों का निपटारा करवाने के लिए निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
लगातार लंबित मामलों की संख्या बढ़ने के चलते न्यायपालिका पर बढ़ रहे बोझ को कम करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2017-18 के लिए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जजों को एक अप्रैल 2017 से पहले के 100 सिविल और 100 क्रिमिनल मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
सिविल जज और ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट को भी इसी तरह लंबित 100 सिविल और 100 क्रिमिनल केसों का निपटारा करने को कहा गया है। हाईकोर्ट का यह एक्शन प्लान केवल जिला अदालतों तक सीमित नहीं है बल्कि सीबीआई, फैमिली कोर्ट व जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भी इसका हिस्सा हैं।
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सीबीआई अदालत को 1 अप्रैल 2017 से पहले से लंबित 10 केसों, फैमिली कोर्ट को 150 केसों, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सबसे पुरानी 100 जांच को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्ष भी हाईकोर्ट ने जिला अदालतों के लिए एक लाख 60 हजार 568 केसों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया था,
जिसमें से 31 दिसंबर 2016 तक एक लाख 4 हजार 263 लंबित केसों का निपटारा कर लिया गया था। इस तरह 64.93 प्रतिशत लंबित केस निपटा लिए गए थे। हाईकोर्ट का पूरा प्रयास है कि लंबित केसों का जल्द से जल्द से निपटारा कर अदालतों में केसों की पेंडेंसी को कम किया जाए।
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लगातार लंबित मामलों की संख्या बढ़ने के चलते न्यायपालिका पर बढ़ रहे बोझ को कम करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2017-18 के लिए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जजों को एक अप्रैल 2017 से पहले के 100 सिविल और 100 क्रिमिनल मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए हैं।
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सिविल जज और ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट को भी इसी तरह लंबित 100 सिविल और 100 क्रिमिनल केसों का निपटारा करने को कहा गया है। हाईकोर्ट का यह एक्शन प्लान केवल जिला अदालतों तक सीमित नहीं है बल्कि सीबीआई, फैमिली कोर्ट व जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भी इसका हिस्सा हैं।
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सीबीआई अदालत को 1 अप्रैल 2017 से पहले से लंबित 10 केसों, फैमिली कोर्ट को 150 केसों, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सबसे पुरानी 100 जांच को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्ष भी हाईकोर्ट ने जिला अदालतों के लिए एक लाख 60 हजार 568 केसों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया था,
जिसमें से 31 दिसंबर 2016 तक एक लाख 4 हजार 263 लंबित केसों का निपटारा कर लिया गया था। इस तरह 64.93 प्रतिशत लंबित केस निपटा लिए गए थे। हाईकोर्ट का पूरा प्रयास है कि लंबित केसों का जल्द से जल्द से निपटारा कर अदालतों में केसों की पेंडेंसी को कम किया जाए।