Chandigarh: गैंगस्टरों को विदेश भेजने वाले के मामले में बड़ा खुलासा, आरोपियों ने बनाए थे 110 फर्जी पासपोर्ट
पंजाब पुलिस की टीम काफी समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाकर विदेश भागे गैंगस्टरों का विवरण जुटा रही थी। गत वर्ष स्टेट क्राइम ब्रांच ने इसे लेकर एक केस दर्ज किया था। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब इस गिरोह को दबोचा है।
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गैंगस्टरों को विदेश भेजने वाले के मामले में आरोपियों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कुल 110 फर्जी पासपोर्ट बनाए हैं। वहीं, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई व उसके भांजे सचिन थामन का पासपोर्ट बनाने में किन लोगों ने भूमिका निभाई थी। एजीटीएफ की एक टीम यह भी जांच कर रही है कि कौन से गैंगस्टर फर्जी पासपोर्ट से विदेश गए हैं। उम्मीद है कि इस गिरोह से जो जानकारियां पुलिस के हाथ लगेंगी, उसे गृह मंत्रालय से शेयर किया जाएगा, ताकि विदेशी जमीन पर बैठे आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
पंजाब पुलिस की टीम काफी समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाकर विदेश भागे गैंगस्टरों का विवरण जुटा रही थी। गत वर्ष स्टेट क्राइम ब्रांच ने इसे लेकर एक केस दर्ज किया था। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अब इस गिरोह को दबोचा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह छह से सात राज्यों में फैला हुआ है। इसके लिंक काफी गहरे हैं। ऐसे में अब पासपोर्ट आफिस व पुलिस में तैनात उन सभी संदिग्धों की पहचान करने में जुट गई है। इसके अलावा कुछ एजेंटों के नाम भी पुलिस को बताए हैं, जो इनकी मदद करते थे।
अंदेशा यह भी है कि विभिन्न देशों की एंबेसियों में काम करने वाले मुलाजिम भी उनके संपर्क में थे। इसके अलावा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गत समय में कितने लोगों ने विदेशों में जाकर राजनीतिक शरण ली है। इसके लिए किस तरह के दस्तावेजों को आधार बनाया है। याद रहे कि पंजाब पुलिस की तरफ से वीरवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिये पासपोर्ट बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड कर तीन आरोपियों को काबू किया है। इनमें पटियाला निवासी सुखजिंदर सिंह उर्फ शार्पी शूटर, जालंधर निवासी ओंकार व यूपी बरेली निवासी प्रभजोत सिंह शामिल हैं।
गैंगस्टर की पत्नी भी चलाती थी इमीग्रेशन कंपनी
गैंगस्टर व आतंकी म्यूजिक इंडस्ट्री व इमिग्रेशन में दस्तक दे चुके हैं। कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल में एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर जसप्रीत सिंह जस्सी की पत्नी को पुलिस ने काबू किया था। उस समय पता चला था कि वह इमिग्रेशन कंपनी चला रही थी। इससे गैंगस्टरों को दो फायदे हो रहे थे। एक तो इससे उनके पास पैसे की कमी नहीं रहती है। साथ ही वह अपने साथियों को आसानी से बाहर भेज सकते हैं। अब पुलिस उससे भी पूछताछ की तैयारी है।
अब प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड जुटाने में लगी पुलिस
फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों की पुलिस प्रॉपर्टी भी खंगाल रही है। पुलिस पता लगा रही है कि आखिर आरोपियों ने इस पैसे को कहां निवेश किया गया है। इस संबंध में सभी जिलों के राजस्व अधिकारियों से भी संपर्क किया। पुलिस की कोशिश प्रापर्टी को जब्त करने की है।