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लेफ्ट के कार्यक्रम को बंद कराने पहुंची एबीवीपी, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:04 PM IST
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लेफ्ट के कार्यक्रम को बंद कराने पहुंची एबीवीपी
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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रेवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के कार्यक्रम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने रोकना चाहा तो पीयू स्टूडेंट सेंटर के पार्क में हंगामा हो गया। आयोजकों की तरफ से चेतावनी दी गई कि उनके पास तीन बजे तक कार्यक्रम की इजाजत है और अगर उससे पहले किसी ने खलल डालने की कोशिश की तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ खुले मंच से एबीवीपी को चेतावनी दी गई कि भले ही सरकार तुम्हारी है, लेकिन यूनिवर्सिटी किसी की जागीर नहीं है।
दरअसल रूस क्रांति के 100 साल पूरे होने पर आइसा और आरवाईए ने ‘नफरत नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा और रोजगार चाहिए’ केनारे के साथ मंगलवार को एक यात्रा पीयू से शुरू की है, जो कोलकाता तक जाएगी। इस यात्रा की शुरूआत के लिए जेनएयू छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचिता डे और आरवाईए के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रसाद सहित कई कामरेड दिल्ली से आए थे।
इसके अलावा शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह और डॉ. प्यारे लाल भी यात्रा को झंडी दिखाने पहुंचे। आयोजकों केपास तीन बजे तक कार्यक्रम करने की इजाजत थी, लेकिन ढाई बजे के करीब एबीवीपी के कुछ नेता पीयू सिक्योरिटी स्टाफ के साथ कार्यक्रम बंद कराने पहुंचे, जिसके चलते दोनों पक्षों में बहस हो गई। आइसा के प्रधान विजय कुमार ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें स्टूडेंट सेंटर पर कार्यक्रम करने से रोका गया। अब पार्क में चलते कार्यक्रम को समय से पहले बंद कराने की कोशिश की गई। हालांकि कार्यक्रम अपने तय समय पर ही खत्म ह्रुआ।
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दरअसल रूस क्रांति के 100 साल पूरे होने पर आइसा और आरवाईए ने ‘नफरत नहीं अधिकार चाहिए, शिक्षा और रोजगार चाहिए’ केनारे के साथ मंगलवार को एक यात्रा पीयू से शुरू की है, जो कोलकाता तक जाएगी। इस यात्रा की शुरूआत के लिए जेनएयू छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचिता डे और आरवाईए के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रसाद सहित कई कामरेड दिल्ली से आए थे।
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इसके अलावा शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह और डॉ. प्यारे लाल भी यात्रा को झंडी दिखाने पहुंचे। आयोजकों केपास तीन बजे तक कार्यक्रम करने की इजाजत थी, लेकिन ढाई बजे के करीब एबीवीपी के कुछ नेता पीयू सिक्योरिटी स्टाफ के साथ कार्यक्रम बंद कराने पहुंचे, जिसके चलते दोनों पक्षों में बहस हो गई। आइसा के प्रधान विजय कुमार ने आरोप लगाया कि पहले उन्हें स्टूडेंट सेंटर पर कार्यक्रम करने से रोका गया। अब पार्क में चलते कार्यक्रम को समय से पहले बंद कराने की कोशिश की गई। हालांकि कार्यक्रम अपने तय समय पर ही खत्म ह्रुआ।
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नारा बेटी बचाने का, छेड़ते हो लड़कियां
लेफ्ट के कार्यक्रम को बंद कराने पहुंची एबीवीपी, हंगामा
नारा बेटी बचाने का, छेड़ते हो लड़कियां
जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी ने केंद्र सरकार को शिक्षा के बजट में हो रही कटौती, नौकरी के कम हो रहे अवसर और उच्च शिक्षा से युवाओं को दूर करने के आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। गीता ने हाल ही में हुए वर्णिका कुुंडू छेड़छाड़ प्रकरण पर भी तंज कसा। गीता ने कहा कि नारा बेटी बचाने का दिया जाता है, लेकिन उनके साथ सुलूक क्या हो रहा है? अगर कोई लड़की जींस पहनती है और रात को अकेली अपने घर जा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी की जागीर है और उसे कोई अपना शिकार बना लेगा।
उच्च शिक्षा में कटौती, सरकार के इरादे नहीं हैं नेक
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्षा सुचिता डे ने कहा कि नेट की परीक्षा दो बार होती थी, लेकिन अब उसे साल में एक बार कर दिया गया। नॉन नेट फेलोशिप पर राजनीति की जा रही है। केंद्र सरकार पैसे लेकर भाग रहे भगौड़ों को तो छोड़ रही है, लेकिन युवाओं को उच्च शिक्षा से दूर किया जा रहा है। वहीं आरवाईए के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रसाद ने भी बीएचयू प्रकरण और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा।
भगत सिंह कहते थे, व्यक्ति से नहीं, सिस्टम से लड़ाई होती है
शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह ने कहा कि लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, सिस्टम के खिलाफ होती है। भगत सिंह यही कहते थे और उन पर की गई रिसर्च में ऐसे कई पहलु सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में जब असमानता बढ़ती है तो जंग होती है या इंकलाब होता है। वहीं डॉ. प्यारे लाल ने कहा कि शिक्षा का निजीकरण हो रहा है, जो बेहद दुखद है। नौकरी के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई की इस पीढ़ी का पता नहीं क्या भविष्य होगा।
जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी ने केंद्र सरकार को शिक्षा के बजट में हो रही कटौती, नौकरी के कम हो रहे अवसर और उच्च शिक्षा से युवाओं को दूर करने के आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। गीता ने हाल ही में हुए वर्णिका कुुंडू छेड़छाड़ प्रकरण पर भी तंज कसा। गीता ने कहा कि नारा बेटी बचाने का दिया जाता है, लेकिन उनके साथ सुलूक क्या हो रहा है? अगर कोई लड़की जींस पहनती है और रात को अकेली अपने घर जा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी की जागीर है और उसे कोई अपना शिकार बना लेगा।
उच्च शिक्षा में कटौती, सरकार के इरादे नहीं हैं नेक
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्षा सुचिता डे ने कहा कि नेट की परीक्षा दो बार होती थी, लेकिन अब उसे साल में एक बार कर दिया गया। नॉन नेट फेलोशिप पर राजनीति की जा रही है। केंद्र सरकार पैसे लेकर भाग रहे भगौड़ों को तो छोड़ रही है, लेकिन युवाओं को उच्च शिक्षा से दूर किया जा रहा है। वहीं आरवाईए के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रसाद ने भी बीएचयू प्रकरण और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा।
भगत सिंह कहते थे, व्यक्ति से नहीं, सिस्टम से लड़ाई होती है
शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह ने कहा कि लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, सिस्टम के खिलाफ होती है। भगत सिंह यही कहते थे और उन पर की गई रिसर्च में ऐसे कई पहलु सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में जब असमानता बढ़ती है तो जंग होती है या इंकलाब होता है। वहीं डॉ. प्यारे लाल ने कहा कि शिक्षा का निजीकरण हो रहा है, जो बेहद दुखद है। नौकरी के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई की इस पीढ़ी का पता नहीं क्या भविष्य होगा।