फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Abhay and Agriculture Minister heated debate in the house

Chandigarh News: फसल बीमा योजना के लंबित भुगतान पर अभय चौटाला व कृषि मंत्री सदन में तीखी बहस

Wed, 30 Aug 2023 01:28 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Aug 2023 01:28 AM IST
विज्ञापन
Abhay and Agriculture Minister heated debate in the house
विधानसभा स्पीकर व अभय में भी तकरार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के 3 दिवसीय मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर जमकर बहस हुई। कृषि मंत्री जेपी दलाल व इनेलो विधायक अभय चौटाला सिरसा में योजना के लंबित भुगतान पर आमने-सामने हो गए। अभय चौटाला ने सवाल उठाया था कि सिरसा में किसानों को वर्ष 2022 के भुगतान के लिए देरी क्यों हुई? क्या इसके लिए जो 623 करोड़ रुपये के भुगतान पर ब्याज दिया जाएगा। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि योजना में बीमा कंपनी द्वारा जिला, राज्य व केंद्र स्तर पर अपील का अधिकार है। बीमा कंपनी ने पहले जिलास्तर पर अपील की, फिर राज्य स्तर पर व फिर केंद्र स्तर पर। राज्य सरकार की मजबूत पैरवी से केंद्र स्तर तक भी किसानों के हक में फैसला हुआ। जल्द ही 623 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेज दिए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने जब कहा कि सिरसा में किसान टंकी से उतर गए हैं तो अभय चौटाला बोले कि मंत्री सदन में झूठ बोल रहे हैं। अभी भी किसान सिरसा जिला में आंदोलनरत हैं। इस बात पर दोनों पक्षों में जमकर बहस हुई। कृषि मंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने किसानों पर गोलियां चलाईं, वे लोग अब किसानों के माध्यम से सत्ता का रास्ता चाहते हैं। योजना में सिरसा जिले में किसानों को 2318 करोड़ बीमा राशि दी है। किसान हितैषी सरकार है।
विज्ञापन

अभय बोले-मेरा सवाल एक होता है, उसके भाग होते हैं
अभय चौटाला ने कहा कि सवाल के जवाब झूठ क्यों बोल रहे हैं? इसी बीच कृषि मंत्री की मुस्कराहट पर अभय ने सवाल उठाया और कहा कि मंत्री को गंभीर होना चाहिए। विस अध्यक्ष ने कहा कि आपने सवाल पूछ लिया, मंत्री ने जवाब दिया। यदि आप संतुष्ट नहीं हैं तो नियमानुसार लिखित में दिजिए। आप एक सवाल पूछिए। इस पर अभय चौटाला ने कहा कि उनके एक सवाल में आगे भाग होते हैं ए, बी, सी, डी, ई तो सदन में हंसी का ठहाका गूंज उठा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंत में कृषि मंत्री ने यह कहकर मामला शांत किया कि यदि देरी से भुगतान के लिए ब्याज का प्रावधान होगा तो वह भी दिया जाएगा। किसान टंकी से उतर गए हैं। धरना कहीं ओर हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed