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प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांव की ग्राउंड रिपोर्ट, मजेदार है
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Fri, 07 Jul 2017 05:34 PM IST
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गांधी के गोद लिए गांव की ग्राउंट रिपोर्ट
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पेशे से डाक्टर और आम आदमी पार्टी के सांसद डा. धर्मवीर गांधी के गोद लिए गांव मरौड़ी की हालत अनाथ सी ही नजर आती है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए इस गांव के सरकारी स्कूल में सांसद के करवाए हुए काम तो नजर आते हैं, लेकिन बच्चे अब भी जमीन पर बैठ कर पढ़ रहे हैं।
कक्षा सात और आठ के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। एक ही कमरे में इन दो क्लास के बच्चों को एक ब्लैक बोर्ड पर दो मास्टर पढ़ा रहे हैं। इन शिक्षकों की काबलियत की दाद देनी होगी। यही नहीं, मोदी सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी यहां धराशायी होता दिखाई दिया।
कक्षा में बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण गांव की बेटियों को जमीन पर बैठ कर पढ़ना पड़ रहा है। बाहर बरामदे में कक्षा नौ के विद्यार्थी बिना पंखे के बैठे हैं। भीषण गर्मी में पढ़ाई पर कम पसीना पोछने पर उनका ध्यान ज्यादा है।
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कक्षा सात और आठ के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। एक ही कमरे में इन दो क्लास के बच्चों को एक ब्लैक बोर्ड पर दो मास्टर पढ़ा रहे हैं। इन शिक्षकों की काबलियत की दाद देनी होगी। यही नहीं, मोदी सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा भी यहां धराशायी होता दिखाई दिया।
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कक्षा में बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण गांव की बेटियों को जमीन पर बैठ कर पढ़ना पड़ रहा है। बाहर बरामदे में कक्षा नौ के विद्यार्थी बिना पंखे के बैठे हैं। भीषण गर्मी में पढ़ाई पर कम पसीना पोछने पर उनका ध्यान ज्यादा है।
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घर के आगे बना तालाब
गांधी के गोद लिए गांव की ग्राउंट रिपोर्ट
गांव में रौनकी राम के घर के सामने की रौनक गायब है। दरवाजे के आगे पानी इतना ज्यादा भर गया है कि मिट्टी डाल कर घर के लोगों को खुद ही रास्ता बनाना पड़ा। बाकी गांव के लोग इसी गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। तालाब ओवरफ्लो होने के कारण यह दिक्कत है, जो बरसात में और बढ़ जाएगी। गांव में घुसते ही कूड़े का लंबा चौड़ा ढेर आपका स्वागत करेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं
अब बात करते हैं स्वास्थ्य सुविधाओं की। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। गांव के लोगों को इमरजेंसी की हालत में शहर भागना पड़ता है।
ये काम किया
6000 आबादी वाले इस गावों में डॉ गांधी ने पंचायत घर बनवाया। जिम स्ट्रीट लाइट, आंगनवाड़ी, स्कूल बेंच, मंडी, आरओ सिस्टम लगवाया। लेकिन अब एक साल से सुध लेने कोई नहीं आया।
स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं
अब बात करते हैं स्वास्थ्य सुविधाओं की। स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। गांव के लोगों को इमरजेंसी की हालत में शहर भागना पड़ता है।
ये काम किया
6000 आबादी वाले इस गावों में डॉ गांधी ने पंचायत घर बनवाया। जिम स्ट्रीट लाइट, आंगनवाड़ी, स्कूल बेंच, मंडी, आरओ सिस्टम लगवाया। लेकिन अब एक साल से सुध लेने कोई नहीं आया।
ये थे वादे
सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी
सरपंच कमला देवी ने बताया कि चुनाव के समय सांसद ने बोला था कि अस्पताल होगा, स्कूल अपग्रेड होगा, सड़क बनेगी और बैंक होगा। ऐसा कुछ नहीं हुआ। बस भी कुछ दिनों तक आई, फिर बंद हो गई।
दिल के जख्मों पर मरहम भी लगाते हैं गांधी
डाक्टर गांधी दिल के डॉक्टर हैं। अपने मरीजों को दिल की दवा के साथ उनके दिल के जख्मों पर भी मरहम लगाते हैं। वे मरीजों के घर की निजी समस्याओं का निवारण भी करते हैं। मसलन दवा लेने आई एक महिला की पारिवारिक परेशानी जानते हुए उन्होंने उसकी प्रशासनिक मदद की भी जिम्मेदारी उठा ली।
अब गांव को चंडीगढ़ की तरह तो नहीं बना सकते : धर्मवीर
सांसद निधि की राशि सीमित है। उसमें किसी गांव को चंडीगढ़ की तरह नहीं बना सकते। मुझे पूरे संसदीय क्षेत्र का विकास करना है। मरौड़ी के विकास के लिए 10 लाख से अधिक की राशि दी है। अब दो गांव और गोद लिए हैं। उनका विकास कर रहा हूं। बाकी पूरे हलके में काम चल रहे हैं।
- डा. धर्मवीर गांधी, सांसद पटियाला
दिल के जख्मों पर मरहम भी लगाते हैं गांधी
डाक्टर गांधी दिल के डॉक्टर हैं। अपने मरीजों को दिल की दवा के साथ उनके दिल के जख्मों पर भी मरहम लगाते हैं। वे मरीजों के घर की निजी समस्याओं का निवारण भी करते हैं। मसलन दवा लेने आई एक महिला की पारिवारिक परेशानी जानते हुए उन्होंने उसकी प्रशासनिक मदद की भी जिम्मेदारी उठा ली।
अब गांव को चंडीगढ़ की तरह तो नहीं बना सकते : धर्मवीर
सांसद निधि की राशि सीमित है। उसमें किसी गांव को चंडीगढ़ की तरह नहीं बना सकते। मुझे पूरे संसदीय क्षेत्र का विकास करना है। मरौड़ी के विकास के लिए 10 लाख से अधिक की राशि दी है। अब दो गांव और गोद लिए हैं। उनका विकास कर रहा हूं। बाकी पूरे हलके में काम चल रहे हैं।
- डा. धर्मवीर गांधी, सांसद पटियाला