{"_id":"5e19510b8ebc3e87ca32fe20","slug":"aap-aam-admi-party-in-revival-mode-due-to-delhi-assembly-election-2020-opinion-poll","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली विस चुनावः ओपिनियन पोल देख रिवाइवल मोड में आई 'आप', किया इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली विस चुनावः ओपिनियन पोल देख रिवाइवल मोड में आई 'आप', किया इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन
Sat, 11 Jan 2020 10:12 AM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 11 Jan 2020 10:12 AM IST
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विस चुनाव के मद्देनजर ओपिनियन पोल देखकर 'आप' रिवाइवल मोड में आ गई और फिर चंडीगढ़ में इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। दरअसल, बिजली के बढ़ते दामों को लेकर चंडीगढ़ में आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी लंबे अरसे बाद अपनी रौ में नजर आई। काफी समय बाद 'आप' नेताओं और वर्करों में पहले जैसा जोश नजर आया।
पिछले साल 'आप' गुटबाजी से ही जूझती रही। सुखपाल खैरा ने अपनी पार्टी बना ली। दो विधायक 'आप' छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव में भी भगवंत मान के अलावा कहीं भी किसी का भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इससे पार्टी के वालंटियर लगातार निराश हो रहे थे। 'आप' जमीनी स्तर पर कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर सकी थी, जिससे वालंटियर उत्साहित रहें।
लेकिन हाल ही में दिल्ली से कुछ अच्छी खबरें आईं। फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान ओपिनियन पोल 'आप' को स्पष्ट बहुमत दिखा रहे हैं। वहां पार्टी पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है। जबकि, प्रमुख विरोधी भाजपा अभी जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रही है। अब तक भाजपा न सीएम फेस ढूंढ सकी है, न ही चुनावी मुद्दे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल 'आप' गुटबाजी से ही जूझती रही। सुखपाल खैरा ने अपनी पार्टी बना ली। दो विधायक 'आप' छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव में भी भगवंत मान के अलावा कहीं भी किसी का भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इससे पार्टी के वालंटियर लगातार निराश हो रहे थे। 'आप' जमीनी स्तर पर कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर सकी थी, जिससे वालंटियर उत्साहित रहें।
विज्ञापन
लेकिन हाल ही में दिल्ली से कुछ अच्छी खबरें आईं। फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान ओपिनियन पोल 'आप' को स्पष्ट बहुमत दिखा रहे हैं। वहां पार्टी पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है। जबकि, प्रमुख विरोधी भाजपा अभी जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रही है। अब तक भाजपा न सीएम फेस ढूंढ सकी है, न ही चुनावी मुद्दे।
विज्ञापन
Trending Videos
दिल्ली की इन खबरों पंजाब के निराश वालंटियर्स में नया जोश भरा
शुक्रवार को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को देख कर यह माना जा सकता है कि दिल्ली की खबरों ने पंजाब के निराश वालंटियर्स में नया जोश भरा है। पार्टी यहां रिवाइवल मोड में आ गई है। इससे पहले इतना बड़ा प्रदर्शन 'आप' ने 6 दिसंबर 2015 को मोहाली में बेरोजगारी के मुद्दे पर किया था।
इस तरह करीब चार साल बाद पार्टी चंडीगढ़ में इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर पाई। कड़ी ठंड में सीएम आवास के घेराव के फैसले के साथ ही तय हो गया था कि पानी की बौछारें झेलनी ही पड़ेंगी। इसके बावजूद पार्टी के सभी विधायक और पदाधिकारी पहुंचे। इतनी बड़ी तादाद में वालंटियर शामिल हुए।
आमतौर पर प्रदर्शनों में बड़े नेता साइड में रहते हैं, लेकिन इस बार भगवंत मान के साथ-साथ कई विधायक सीधे प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। करीब आधे घंटे तक विधायक और वालंटियर पानी की बौछारें झेलते रहे। कई लोगों को चोट लगने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
'आप' वर्करों में ऐसा जोश 2017 के विधानसभा चुनाव में नजर आता था।
इस तरह करीब चार साल बाद पार्टी चंडीगढ़ में इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन कर पाई। कड़ी ठंड में सीएम आवास के घेराव के फैसले के साथ ही तय हो गया था कि पानी की बौछारें झेलनी ही पड़ेंगी। इसके बावजूद पार्टी के सभी विधायक और पदाधिकारी पहुंचे। इतनी बड़ी तादाद में वालंटियर शामिल हुए।
आमतौर पर प्रदर्शनों में बड़े नेता साइड में रहते हैं, लेकिन इस बार भगवंत मान के साथ-साथ कई विधायक सीधे प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे थे। करीब आधे घंटे तक विधायक और वालंटियर पानी की बौछारें झेलते रहे। कई लोगों को चोट लगने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
'आप' वर्करों में ऐसा जोश 2017 के विधानसभा चुनाव में नजर आता था।