निकाय चुनाव को लेकर 'आप' का बड़ा फैसला
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आखिरकार लंबे असमंजस के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब में निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर लिया है। पार्टी के सूबा कंवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने शीर्ष नेताओं के साथ सलाह-मश्विरे के बाद रविवार शाम यह फैसला लिया। ‘आप’ के इस फैसले से कांग्रेस और शिअद-भाजपा को जरूर राहत मिलेगी।
सभी दलों की नजरें आप के फैसले पर लगी थीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद तो आप का चुनाव लड़ना और अहम हो गया था, क्योंकि दिल्ली के नतीजों का सीधा असर पंजाब पर पड़ने के आसार थे।
दिल्ली में व्यस्तता के चलते आप ने पंजाब में निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव न लड़ने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि समय बहुत कम बचा है और पार्टी की तैयारी पूरी नहीं हैं।
तैयारी नहीं, इसलिए नहीं लड़ेंगे चुनाव
कुछ समय पहले जब आप ने पंजाब में संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने की कवायद शुरू की थी तब कुछ जिलों में तो बैठकें हुई थीं। बाकी जगह अभी संगठन ही नहीं तैयार है।
पंजाब में 11 फरवरी तक नामांकन का समय है और आप के लिए उम्मीदवारों का भी पता नहीं है। इस बीच, पार्टी के अनेक नेता और वर्कर अभी दिल्ली में हैं। बिना तैयारी के साथ चुनाव लड़ने से नुकसान हो सकता था, इसलिए आप ने निकाय चुनाव छोड़ने का फैसला किया।
विधानसभा चुनाव की तैयारी करेंगे: छोटेपुर
सूबा कंवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले तो असंवैधानिक ढंग से निकाय चुनाव टाले। फिर दिल्ली चुनाव के बाद निकाय चुनाव की घोषणा ठीक नहीं थी।
सरकार और पंजाब चुनाव आयोग को पता था कि आप के वर्कर दिल्ली में व्यस्त होंगे। कैंडिडेट चुनने के लिए भी समय नहीं मिलेगा, इसलिए पार्टी अब निकाय चुनाव नहीं लड़ेगी। पर अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी करेगी।