{"_id":"577fcfbb4f1c1bd2707facc6","slug":"aam-aadmi-party-mp-bhagwant-maan-alligade-cps-appoint-on-punjab-government","type":"story","status":"publish","title_hn":" भगवंत मान बोले, सरकारी खजाने को लूट रही है सीपीएस की फौज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवंत मान बोले, सरकारी खजाने को लूट रही है सीपीएस की फौज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 09 Jul 2016 06:03 PM IST
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि शिअद-भाजपा के सीपीएस की फौज सरकारी खजाने को दोनों हाथ से लूट रही है। पार्टी ने बिना देर किए 24 मुख्य संसदीय सचिवों को बर्खास्त किए जाने की मांग की है।
आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि ये लोग सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर गैर जरूरी बोझ हैं। आरटीआई के मुताबिक ये सीपीएस रोजाना एक लाख रुपये का तेल खर्च करते हैं। एक तरफ दिल्ली में बिना पैसे के काम कर रहे 21 सीपीएस को लेकर शिअद-भाजपा हल्ला मचा रहे हैं।
दूसरी तरफ उनके 24 मुख्य संसदीय सचिव खजाने को लूट रहे हैं। कोई भी विधायक अपने पद पर रहते हुए कोई लाभ का पद नहीं ले सकता। ऐसा करने पर उसे बर्खास्त किया जा सकता है। मान ने कहा कि दिल्ली के सीपीएस को कार, घर या वेतन नहीं दिया जाता। वे वॉलंटियर के तौर पर मंत्रियों के काम में उनकी सहायता करते हैं। शिअद-भाजपा और कांग्रेस को नैतिक तौर पर दिल्ली के सीपीएस केबारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि उनके सीपीएस सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च रहे हैं।
विज्ञापन
24 सीपीएस की नियुक्ति संविधान के खिलाफ है। पंजाब के ट्रांसपोर्ट विभाग ने 21 सीपीएस के 18 माह के दौरान कुल 4.6 करोड़ रुपये का भुगतान सरकारी खजाने से किया है। यह राशि अप्रैल-14 से अक्तूबर-15 तक की थी। देशराज धुग्गा ने दो कारों में प्रतिमाह दो लाख रुपये का तेल खर्च किया, जो सबसे ज्यादा था। 18 माह में उन्होंने 35 लाख रुपये तेल पर खर्च किए। केडी भंडारी ने 33 लाख, विरसा सिंह वल्टोहा ने 29 लाख, गुरतेज सिंह घुड़ियाणा ने 8.8 लाख, चौधरी नंद लाल ने 9.73 लाख, गुरबचन सिंह ने 13 लाख रुपये खर्च किए।
विज्ञापन
आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि ये लोग सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर गैर जरूरी बोझ हैं। आरटीआई के मुताबिक ये सीपीएस रोजाना एक लाख रुपये का तेल खर्च करते हैं। एक तरफ दिल्ली में बिना पैसे के काम कर रहे 21 सीपीएस को लेकर शिअद-भाजपा हल्ला मचा रहे हैं।
विज्ञापन
दूसरी तरफ उनके 24 मुख्य संसदीय सचिव खजाने को लूट रहे हैं। कोई भी विधायक अपने पद पर रहते हुए कोई लाभ का पद नहीं ले सकता। ऐसा करने पर उसे बर्खास्त किया जा सकता है। मान ने कहा कि दिल्ली के सीपीएस को कार, घर या वेतन नहीं दिया जाता। वे वॉलंटियर के तौर पर मंत्रियों के काम में उनकी सहायता करते हैं। शिअद-भाजपा और कांग्रेस को नैतिक तौर पर दिल्ली के सीपीएस केबारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि उनके सीपीएस सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च रहे हैं।
विज्ञापन
24 सीपीएस की नियुक्ति संविधान के खिलाफ है। पंजाब के ट्रांसपोर्ट विभाग ने 21 सीपीएस के 18 माह के दौरान कुल 4.6 करोड़ रुपये का भुगतान सरकारी खजाने से किया है। यह राशि अप्रैल-14 से अक्तूबर-15 तक की थी। देशराज धुग्गा ने दो कारों में प्रतिमाह दो लाख रुपये का तेल खर्च किया, जो सबसे ज्यादा था। 18 माह में उन्होंने 35 लाख रुपये तेल पर खर्च किए। केडी भंडारी ने 33 लाख, विरसा सिंह वल्टोहा ने 29 लाख, गुरतेज सिंह घुड़ियाणा ने 8.8 लाख, चौधरी नंद लाल ने 9.73 लाख, गुरबचन सिंह ने 13 लाख रुपये खर्च किए।