महंगी बिजली के मुद्दे को धार देगी आप, केजरीवाल बोले-सस्ती बिजली देना कैप्टन की जिम्मेदारी
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पंजाब में महंगी बिजली दरों के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा खोले गए मोर्चे के अंतर्गत प्रदेश में आप की लीडरशिप अगले दो महीने गांवों और मोहल्लों में सक्रिय रहेगी। आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में चलाए जा रहे बिजली मोर्चे की आगामी रूपरेखा को लेकर दिल्ली में बैठक भी की।
मुख्यमंत्री के आवास पर बुलाई इस बैठक में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री गोपाल राय, पंजाब आप के प्रधान व सांसद भगवंत मान, राज्य कोर कमेटी के चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्धराम, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, सीनियर विधायक अमन अरोड़ा, कुलतार सिंह संधवां, रुपिन्दर कौर रूबी और विभिन्न विंगों के प्रमुख मौजूद थे।
बैठक में विधायक मीत हेयर को बिजली मोर्चे की समूची मैनेजमेंट का जिम्मा सौंपा गया और एक बिजली मोर्चा समिति गठित करने का फैसला लिया गया, जो विशेषज्ञों की मदद से पंजाब के लोगों को बिजली दरें, बिलों और मीटरों आदि की खुद जांच करने का प्रशिक्षण और जानकारी देगी।
'घर-घर तक ले जाएंगे बादल व कांग्रेस की कमिश्नखोरी'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बादलों और कांग्रेसियों की कमीशनखोरी के बारे में घर-घर तक जानकारी पहुंचाई जाएगी। दिल्ली में भी पिछली कांग्रेस सरकार ने निजी बिजली कंपनियों के साथ सांठगांठ की हुई थी।
आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही इस बिजली माफिया को तोड़कर दिल्ली के लोगों को सबसे सस्ती बिजली मुहैया करवाई गई है। अगर दिल्ली सरकार लोगों को राहत दे सकती है तो कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार क्यों नहीं कर सकती?