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Chandigarh News: महिला एसएचओ की टेबल पर रखा था रुपयों से भरा पैकेट, पांच साल की कैद

Fri, 27 Oct 2023 01:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 01:39 AM IST
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A packet full of money was kept on the table of a female SHO, five years imprisonment
चंडीगढ़। यूटी पुलिस की महिला इंस्पेक्टर को रिश्वत देने के आरोपी रमन वर्मा को दोषी करार देते हुए जिला अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई। रमन ने आठ साल पहले वर्ष 2015 में सेक्टर-26 थाने की तत्कालीन महिला एसएचओ इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी को उनके दफ्तर में ही रिश्वत की पेशकश की थी। पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 12 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।दर्ज मामले के तहत 14 सितंबर 2015 को पुलिस कंट्रोल रूम से पुलिस को सेक्टर-26 स्थित एक शोरूम से मोबाइल फोन चोरी होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे सेक्टर-26 थाने के हेड कांस्टेबल ने शोरूम का मुआयना करते हुए मामले में डीडीआर दर्ज कर ली। अगले दिन 15 सितंबर को सेक्टर-26 थाने में तैनात तत्कालीन महिला एसएचओ पूनम दिलावरी के सरकारी दफ्तर में दो व्यक्ति पहुंचे, इनमें से एक रमन वर्मा था।
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आरोप के मुताबिक, रमन ने एसएचओ पूनम दिलावरी से कहा कि उनके दफ्तर से कुछ फाइलें भी गायब हैं इसलिए थाने में एक दिन पहले दर्ज की गई मोबाइल चोरी की डीडीआर में फाइल चोरी की भी जानकारी शामिल कर लें। एसएचओ पूनम दिलावरी ने ऐसा करने से इन्कार करते हुए कहा कि फाइल चोरी होने की किसी भी प्रकार की कोई जानकारी एक दिन पुरानी दर्ज की डीडीआर में शामिल नहीं की जा सकती।
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अगले दिन 16 सितंबर 2015 को रमन फिर से थाने पहुंचा और एसएचओ पूनम दिलावरी पर डीडीआर के मामले में एफआईआर दर्ज करने का दबाव बनाने लगा। पूनम दिलावरी ने उससे कहा कि मामले की जांच सब इंस्पेक्टर की ओर से की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही बनती कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच रमन वर्मा ने जेब से पैसों का पैकेट निकालते हुए उनकी टेबल पर रख दिया और कहा कि यह कुछ रकम है और वह उसके हक में कार्रवाई कर दें।
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इस पर महिला एसएचओ ने उसे तुरंत उठाकर दफ्तर से चले जाने को कहा। साथ ही घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों की दी। इसके बाद इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की ओर से सेक्टर-26 थाने में उन्हें रिश्वत देने की शिकायत देते हुए दोषी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया गया था।
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