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पंजाबः ननकाना साहिब के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर से रवाना हुआ सिख श्रद्धालुओं का जत्था

Tue, 05 Nov 2019 12:22 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 05 Nov 2019 12:22 PM IST
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A Jatha of Sikh pilgrims departed for Nankana Sahib Pakistan from Attari-Wagah border
सिख श्रद्धालुओं का जत्था - फोटो : एएनआई
पाकिस्तान के गुरुद्वारा ननकाना साहिब में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित धार्मिक समागमों में शामिल होने के लिए एसजीपीसी ने 1303 श्रद्धालुओं के एक जत्थे को अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान रवाना किया। श्रद्धालुओं ने अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान वाघा सीमा तक का रास्ता पैदल तय किया।
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कंधों व सिर पर अपना सामान उठा कर बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाते श्रद्धालु पाकिस्तान पहुंचे। वहां पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सतवंत सिंह और पाकिस्तान ईटीपीबी के सदस्यों ने यात्रियों का स्वागत किया। पाकिस्तान सरकार श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा के बीच वाघा रेलवे स्टेशन तक ले गई जहां से ननकाना साहिब तक एक विशेष ट्रेन चलाई गई है।
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भारत पाकिस्तान के बीच उठे तनाव के कारण कई साल बाद श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा ननकाना साहिब तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान ने कोई भी विशेष ट्रेन अटारी रेलवे स्टेशन पर नहीं भेजी। कई साल बाद पाकिस्तान सरकार ने भारतीय श्रद्धालुओं को अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश करने का वीजा दिया है।
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इससे पहले यह सुविधा केवल अप्रवासी भारतीयों को दी जाती थी। एसजीपीसी द्वारा भेजे गए जत्थे की अगुवाई गुरमीत सिंह बूह, बाबा चरण जीत सिंह और बाई रविंदर कौर अजराना कर रहे हैं। जत्थे का प्रबंध देखने के लिए गुरिंदरपाल सिंह ठरू और करनजीत सिंह भी साथ गए हैं।

एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल से जत्थे को रवाना करने से पहले मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह ने जत्थे की अगुवाई कर रहे एसजीपीसी सदस्यों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा ननकाना साहिब, गुरुद्वारा बेर साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में विशेष समागम का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा 342 श्रद्धालुओं के वीजा रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जत्थे की वापसी 13 नवंबर को होगी।

एसजीपीसी ने भाई मरदाना के वंशज को भेजी 84 हजार की सहायता राशि
एसजीपीसी ने पाकिस्तान गए जत्थे की अगुवाई कर रहे नेताओं के हाथ भाई मर्दाना के वंशजों को महीनावार सहायता राशि भेजी है। डॉ. रूप सिंह ने कहा कि भाई मरदाना जी के वंशज, जो कीर्तन कला के साथ आज भी जुड़े हुए हैं, को इस वर्ष जुलाई से 21 हजार रुपये प्रति महीना सहायता देने का फैसला किया गया था।

पहले महीने की सहायता अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल भाई मरदाना के वंशज को पाकिस्तान दौरे के दौरान खुद देकर आए थे। अब गए जत्था लीडरों के हाथ अगस्त से नवंबर तक चार महीने की सहायता राशि भारतीय करंसी के अनुसार 84 हजार रुपये भेजे गए हैं।
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