बच्ची को नींद में चलने की थी आदत, ऐसे मथुरा से पहुंच गई अमृतसर, 'फरिश्ता' बना चाइल्ड लाइन
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एक बच्ची को नींद में चलने की आदत थी। वो उत्तर प्रदेश के मथुरा से पंजाब के अमृतसर पहुंच गई। बच्ची कब घर से निकली इसकी जानकारी परिजनों को नहीं हुई। हालांकि बाद में बच्ची की मुलाकात माता-पिता से हो सकी। बच्ची से मिलने के बाद मां ने अपनी खुशी जताई।
दरअसल, टिकट न होने पर टीटीई द्वारा अंबाला स्टेशन में बच्ची को उतार दिया गया। इसके बाद जिला युवा विकास संगठन द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन अंबाला ने 22 दिन से लापता बच्ची को दो घंटे में परिजनों को खोज कर मिलवाया। वहीं परिजनों के अनुसार बच्ची को नींद में चलने की आदत थी, जिस कारण घर से कब निकल गई पता ही नहीं चला।
बच्ची ने बताया था कि वह तीन दिन पहले अमृतसर घूमने के लिए मथुरा से आई थी और वापस अपने घर जा रही थी, परंतु टिकट न होने पर टीटीई ने अंबाला में उतार दिया। इसके बाद शुक्रवार को बच्ची रोड पर दुर्गा शक्ति महिला थाना को मिली। महिला थाना से चाइल्ड लाइन 1098 पर बच्ची के बारे में सूचना दी गई।
अंबाला चाइल्ड लाइन से कोऑर्डिनेटर सुजाता और टीम सदस्य कमल बच्ची के पास पहुंचे। टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उससे घर का पता पूछा। बच्ची ने बताया कि वह कभी स्कूल नहीं गई और उसे घर का पता भी मालूम नहीं है। सिर्फ इतना मालूम है कि मथुरा में उसका परिवार रहता है।
कोऑर्डिनेटर द्वारा मथुरा के कृष्णा नगर पुलिस चौकी से संपर्क किया और बच्ची के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्ची के परिजनों का नंबर दिया। कोऑर्डिनेटर ने बच्ची की मां को फोन करके उनकी बेटी के बारे में सूचना दी। बच्ची की मां और भाई मथुरा से अंबाला के लिए रवाना हुए।
देर शाम पहुंचे बच्ची के परिजन
देर शाम बच्ची के परिजन अंबाला पहुंचे और चाइल्ड लाइन द्वारा बात करने पर उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पिछले 22 दिनों से लापता थी। वो हर रोज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, सड़क, धार्मिक स्थलों पर ढूंढ़ने के लिए के निकलते थे और रात को निराश होकर वापस आते थे। उन्होंने बताया कि बच्ची को नींद में चलने की आदत है इस वजह से वो कब घर से निकल गई किसी को नहीं पता।
देर रात बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति सदस्य जगमोहन सिंह की अगुवाई में पूरी जांच पड़ताल के बाद बच्ची को सुरक्षित परिजनों के हवाले कर दिया गया व परिजनों को बच्ची का ध्यान रखने के लिए कहा।