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Chandigarh News: निजी अस्पताल में इलाज के दौरान चालीस दिन की बच्ची की मौत, परिजन ने किया हंगामा
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लुधियाना। फील्डगंज के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान चालीस दिन की बच्ची साइबा की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिवार के लोग अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजन ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बच्ची को गलत टीका लगाया, जिससे उसकी मौत हुई।
परिवार के मुताबिक, बच्ची के घर में आवाज न आने पर उसकी मां सोनिया उसे अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में डॉक्टर ने बच्ची का टेस्ट करने के लिए पैर में से खून निकालने का टीका लगाया। कुछ ही समय बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। जब परिजन दूसरे अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत करीब एक घंटे पहले हो चुकी थी।
परिजन का आरोप है कि अस्पताल ने बच्ची की मौत की जानकारी छुपाने की कोशिश की और उसे दूसरे अस्पताल भेज दिया, जबकि अस्पताल की ओर से दावा किया गया कि बच्ची की तबीयत पहले से गंभीर थी।
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मौके पर थाना डिवीजन नंबर दो की पुलिस पहुंची और परिवार को शांत किया। एसएचओ जसवीर सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और डॉक्टर से प्राथमिक पूछताछ की गई है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर देर रात तक परिजन बैठे रहे और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।
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परिवार के मुताबिक, बच्ची के घर में आवाज न आने पर उसकी मां सोनिया उसे अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में डॉक्टर ने बच्ची का टेस्ट करने के लिए पैर में से खून निकालने का टीका लगाया। कुछ ही समय बाद बच्ची की हालत बिगड़ी और उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। जब परिजन दूसरे अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर ने बताया कि बच्ची की मौत करीब एक घंटे पहले हो चुकी थी।
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परिजन का आरोप है कि अस्पताल ने बच्ची की मौत की जानकारी छुपाने की कोशिश की और उसे दूसरे अस्पताल भेज दिया, जबकि अस्पताल की ओर से दावा किया गया कि बच्ची की तबीयत पहले से गंभीर थी।
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मौके पर थाना डिवीजन नंबर दो की पुलिस पहुंची और परिवार को शांत किया। एसएचओ जसवीर सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और डॉक्टर से प्राथमिक पूछताछ की गई है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर देर रात तक परिजन बैठे रहे और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।