हरियाणा में थमने लगी दूसरी लहर: 1246 संक्रमित मिले, 82 की मौत, स्टाफ के लिए आज से खुलेंगे स्कूल
हरियाणा में कोरोना का कहर एकदम शांत होने लगा है। 61 दिन बाद सबसे कम 1246 नए संक्रमित मिले हैं। वही 33 दिन बाद सबसे कम 82 मरीजों की मौत हुई है। एक जून से प्रदेश में कर्मचारियों के लिए स्कूल खुल जाएंगे। ड्यूटी रोस्टर भी जारी कर दिया गया है। दो से कम शिक्षक वाले स्कूलों में यह रोस्टर लागू नहीं होगा।
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हरियाणा में 61 दिन के बाद सबसे कम 1246 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, इससे तीन गुना 3671 मरीज ठीक हुए हैं। इससे पहले एक अप्रैल को 1609 नए केस मिले थे। प्रदेश के तीन जिलों में 100 से अधिक नए केस मिले हैं और सभी जिलों में नए केसों के मुकाबले स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक है। इससे रिकवरी दर 96. 45 प्रतिशत पहुंच गई है। साथ ही एक्टिव केस घटकर 18580 रह गए हैं। मृत्यु दर 1.10 फीसदी है।
33 दिन बाद सबसे कम 82 की मौत
सोमवार को प्रदेश में कोरोना से 82 मरीजों की मौत दर्ज की गई। यह 27 अप्रैल के बाद सबसे कम आंकड़ा है। गुरुग्राम 9, फरीदाबाद-पलवल-जींद-नूंह-पंचकूला 1- 1, सोनीपत-चरखी दादरी-महेंद्रगढ़ 2-2, हिसार 10, कुरुक्षेत्र-अंबाला-झज्जर-फतेहाबाद 3-3, करनाल-रोहतक-यमुनानगर 4-4, पानीपत-रेवाड़ी कैथल 5-5, सिरसा 6, भिवानी में 7 कोरोना मरीजों की मौत हुई है।
गांवों में 41 और संक्रमित मिले
उधर, गांवों चल रहे टेस्टिंग अभियान के तहत सोमवार को 5,32,779 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 3432 के सैंपल लिए गए, जबकि इनमें से 41 कोरोना पॉजिटिव मिले। गांवों में संक्रमण दर 1.19 प्रतिशत है। बता दें कि अब तक गांवों में कुल 3403 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं।
स्टाफ के लिए आज से खुलेंगे स्कूल
उधर, पहली जून से स्टाफ के लिए स्कूल खुल जाएंगे। स्कूल शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिया गया है। 2 से कम शिक्षक वाले स्कूलों में रोस्टर लागू नहीं होगा। स्कूल खुलने के बाद सभी मुखिया सफाई और सैनिटाइजेशन करवाएंगे। सभी कर्मचारी मास्क का इस्तेमाल करेंगे।
रोस्टर में दिन अनुसार शिक्षकों के ग्रुप बनाए गए हैं। एक रोस्टर सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और दूसरा रोस्टर मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को लागू होगा। सभी मुखिया ने 31 मई को स्टाफ को रोस्टर अनुसार ड्यूटी बता दी है।
स्कूल स्टाफ अनिवार्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य, रिपोर्ट कार्ड का अध्ययन एवं वितरण, परीक्षा परिणाम रजिस्टर संबंधी कार्यों का अद्यतन, सेक्शन-हाउस का गठन करना, दाखिला से संबंधित औपचारिकताएं पूर्ण करना, विभाग के एमआईएस पर अपडेट करना, ड्रॉपआउट की आशंका वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क, पारस्परिक अदान-प्रदान से पाठ्य पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए दो सप्ताह की रूपरेखा बनाकर शिक्षा निदेशालय ने डीईओ, डीईईओ को भेज दी है। स्कूल मुखिया व शिक्षकों का उत्तरदायित्व भी तय किया गया है। हर कार्य समयबद्ध होगा और रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी।