चंडीगढ़: भइया! सामान घर भेज दिया, अब ट्रेन ही कैंसिल हो गई.. हम 70 लोग कहां जाएं
- हल्लोमजरा इलाके में फंसे सीतापुर के कई परिवार, प्रशासन से लगाई घर भेजने की गुहार
- रहने को मकान तक नहीं, दूसरों की छत पर खुले में सो रही हैं महिलाएं और बच्चे
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले 70 लोग बड़ी मुश्किल में पड़ गए हैं। 29 मई को उत्तर प्रदेश जाने वाली श्रमिक ट्रेन के कैंसिल होने से अब यह सभी छत की तलाश में भटक रहे हैं। ट्रेन में पंजीकरण होने के बाद घर का सामान पहले ही सीतापुर पहुंचा दिया, अब इन लोगों के पास रहने के लिए मकान भी नहीं है। घर नहीं होने के कारण महिलाओं के साथ मासूम बच्चे खुले में छत पर सोने को मजबूर हैं।
यूटी प्रशासन ने घर जाने वाले प्रवासियों की घटती संख्या को देखते हुए चंडीगढ़ से जाने वाली विशेष श्रमिक ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी है। इस कारण से चंडीगढ़ में कई प्रवासी परिवार फंस गए हैं। इसमें सीतापुर के 70 लोग भी शामिल हैं। चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा में रहने वाले इन 70 लोगों ने 29 मई को जाने वाले श्रमिक ट्रेन में पंजीकरण मिल जाने के बाद घर का सारा सामान ट्रक के जरिए सीतापुर भेज दिया। अब ट्रेन के कैंसिल होने के बाद ये लोग घर नहीं पहुंच पाए, जिससे अब इनके पास मकान भी नहीं है।
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आसपास के लोग कर रहे मदद, एक कमरे में रह रहे 10 लोग
घर नहीं पहुंच पाए इन लोगों की मदद हल्लोमजरा के लोग कर रहे हैं। आसपास के लोगों ने अपने घर में खाली पड़े इन्हें दिए हैं लेकिन इनमें 10 लोगों को एक कमरे में रहना पड़ रहा है। वहीं, कुछ लोगों को कमरे में भी जगह नहीं मिल पाई है, जिससे वह लोगों के घर की छतों पर खुले में सोने को मजबूर हैं। जैसे तैसे अपना काम चला रहे लोगों ने यूटी प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
क्या कहते हैं फंसे हुए प्रवासी
भइया हम यहां दिहाड़ी मजदूरी करते थे। लॉकडाउन के कारण काम खत्म हो गया। ठेकेदार ने भी घर जाने के लिए कह दिया। हमने भी घर जाने के लिए ट्रेन से पंजीकरण कराया था लेकिन ट्रेन कैंसिल हो गई। अब हम घर नहीं जा पा रहे हैं, भइया हमें घर पहुंचा दो। - दीपा, निवासी सीतापुर
हल्लोमाजरा में पहले लंगर की व्यवस्था थी, जहां खाने को कुछ न कुछ मिल जाता था। अब तो लंगर बंटना भी बंद हो गया है। इसके कारण अब खाना भी नहीं मिल पा रहा है। काम नहीं होने के कारण मजबूरी में घर जा रहे थे लेकिन अब ट्रेन कैंसिल हो गई है। हमारी मदद करो भइया। - राकेश, निवासी सीतापुर
मैं यहां राज मिस्त्री का कार्य करता था, लॉकडाउन के कारण शहर में सारे निर्माण कार्य बंद गए हैं। ठेकेदार ने भी कहा है कि लॉकडाउन अभी और बढ़ेगा, तुम सब घर चले जाओ। अब घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। दिन रात घर जाने के लिए ही प्रयास कर रहा हूं। - विशाल, निवासी सीतापुर