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पीयू के 66 शिक्षकों ने उपराष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा-कैंपस बना अखाड़ा

Thu, 09 Sep 2021 09:20 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 09:20 PM IST
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66 teachers of PU wrote a letter to the Vice President, said - Campus became an arena
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के वर्तमान माहौल पर 66 शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि विवि कैंपस में आए दिन हिंसा हो रही है और माहौल राजनीतिक होता जा रहा है। कैंपस को अखाड़ा बनाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि एक सितंबर को वीसी प्रो. राज कुमार पर हमले की कोशिश की गई। इन शिक्षकों ने उपराष्ट्रपति व चांसलर वेंकैया नायडू को बाकायदा पत्र लिखा है और मांग की है कि पूरे प्रकरण के वीडियो आदि देखकर जल्द से जल्द केंद्रीय जांच कमेटी बनाएं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।
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शिक्षकों ने पत्र में लिखा है कि एक सितंबर को सीनेट के चुनाव के दौरान वीसी प्रो. राज कुमार के साथ अभद्रता की गई। इसमें कुछ बड़े लोगों का भी हाथ है, जिनकी आवाज वायरल हुए वीडियो में सुनी जा सकती है। वीसी को घेरने वाले छात्र बूथ तक कैसे पहुंचे और किसके इशारे पर यह सब हुआ, यह सब जांच का विषय है।
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शिक्षकों का कहना है कि आए दिन पीयू में राजनीतिक लोगों का जमावड़ा लग रहा है। पीयू शिक्षा का मंदिर है। यहां ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए। बाहरी लोगों की आवाजाही कुछ समय से पीयू में ज्यादा बढ़ी है। सीनेट चुनाव वाले दिन भी बाहरी लोगों को बुलाया गया और वीसी को घेरकर डरावना माहौल पैदा किया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस ओर जल्द ध्यान दिया जाए। शिक्षकों ने एक माह में पीयू के माहौल को लेकर वायरल हुए सभी वीडियो भी पत्र के साथ एक सीडी के जरिए भेजे हैं।
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पूर्व सीनेटर व छात्र हक के लिए लड़ रहे
शिक्षकों की ओर से पत्र भेजने के बाद पीयू के कुछ अन्य शिक्षकों का कहना है कि पीयू का हक है कि सीनेट चुनाव करवाए जाएं लेकिन अधिकारियों ने अपनी मनमानी की और चुनाव नहीं करवाया। चुनाव बार-बार स्थगित किया गया। पूरे देश के शिक्षण संस्थान खुल गए लेकिन पीयू को नहीं खोला गया। लगातार ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं जबकि छात्र ऑफलाइन कक्षाएं चाहते हैं। ऐसे में पीयू को छात्रों की बात सुननी चाहिए। पूर्व सीनेटरों व छात्रों ने अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन किया है। पीयू के अधिकारी यहां के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते तो ऐसा नहीं होता।
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