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हरियाणा में योग्यता पूरी न करने वाले 631 हेड टीचर किए गए डिमोट, हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन
Fri, 23 Aug 2019 09:28 AM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 23 Aug 2019 09:28 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने मौलिक मुख्याध्यापकों को ऑनलाइन तबादलों से पहले बड़ा झटका दिया है। योग्यताएं पूरी न करने पर 631 मौलिक मुख्याध्यापक रिवर्ट कर दिए गए हैं। इन्हें अब संबंधित विषय के टीजीटी और भाषा अध्यापक के पद पर ही स्कूलों में सेवाएं देनी होंगी। मौलिक शिक्षा विभाग की अतिरिक्त निदेशक प्रशासन डॉ. वंदना दिसोदिया ने रिवर्ट किए गए मौलिक मुख्याध्यापकों की सूची विषय अनुसार जारी कर दी है।
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि रिवर्ट किए गए सभी 631 शिक्षक तबादला प्रक्रिया शुरू होने तक वर्तमान स्कूल में बने रहेंगे। उन्होंने तबादला प्रक्रिया में बतौर टीजीटी, भाषा अध्यापक विकल्प भरना होगा। मौलिक मुख्याध्यापकों को रिवर्ट किए जाने संबंधी मामला पहले से हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट के निर्देशों पर ही स्कूल शिक्षा विभाग ने मामले की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया था।
डीईईओ की अध्यक्षता में गठित समितियों के समक्ष कुल 972 मौलिक मुख्याध्यापकों को रिवर्ट करने संबंधी मामले प्रस्तुत किए गए। इन समितियों ने जांच-पड़ताल के बाद पाया कि 861 शिक्षक, मौलिक मुख्याध्यापक बनने के लिए सर्विस रूल्स-2012, अपेंडिक्स बी के कॉलम-4 में निर्धारित योग्यताओं को पूरा नहीं करते हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों और समितियों की रिपोर्ट के मद्देनजर अपात्र मौलिक मुख्याध्यापकों को टीजीटी, भाषा अध्यापक के पद पर रिवर्ट किया जाता है।
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साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि रिवर्ट किए गए सभी 631 शिक्षक तबादला प्रक्रिया शुरू होने तक वर्तमान स्कूल में बने रहेंगे। उन्होंने तबादला प्रक्रिया में बतौर टीजीटी, भाषा अध्यापक विकल्प भरना होगा। मौलिक मुख्याध्यापकों को रिवर्ट किए जाने संबंधी मामला पहले से हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट के निर्देशों पर ही स्कूल शिक्षा विभाग ने मामले की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय तीन सदस्यीय समितियों का गठन किया था।
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डीईईओ की अध्यक्षता में गठित समितियों के समक्ष कुल 972 मौलिक मुख्याध्यापकों को रिवर्ट करने संबंधी मामले प्रस्तुत किए गए। इन समितियों ने जांच-पड़ताल के बाद पाया कि 861 शिक्षक, मौलिक मुख्याध्यापक बनने के लिए सर्विस रूल्स-2012, अपेंडिक्स बी के कॉलम-4 में निर्धारित योग्यताओं को पूरा नहीं करते हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों और समितियों की रिपोर्ट के मद्देनजर अपात्र मौलिक मुख्याध्यापकों को टीजीटी, भाषा अध्यापक के पद पर रिवर्ट किया जाता है।
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11 अप्रैल 2012 को अस्तित्व में आया पद
हरियाणा स्कूल शिक्षा ग्रुप-सी, स्टेट कैडर सर्विस रूल्स-2012 की अधिसूचना के अनुसार मौलिक मुख्याध्यापक का पद 11 अप्रैल 2012 को अस्तित्व में आया। इन सर्विस रूल्स के तहत 20 फरवरी 2013, 13 जून 2013, 28 जनवरी 2013 व 10 फरवरी 2014 और समय-समय पर टीजीटी और भाषा अध्यापक मौलिक मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नत किए गए। इन्हीं पदोन्नतियों को कुछ शिक्षकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी।
सरताज सिंह बनाम हरियाणा सरकार के केस में खारिज की पदोन्नतियां
सरताज सिंह ढांडा बनाम हरियाणा सरकार एवं अन्य के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 दिसंबर 2015 को फैसला सुनाते हुए 20 फरवरी 2013, 28 जनवरी 2014 व 10 फरवरी 2014 की मौलिक मुख्याध्यापक के पद पर की गईं प्रमोशन खारिज कर दी थीं।
साथ ही निर्देश दिए थे कि रूल्स 2012 पूरा करने वाले पात्र शिक्षकों को ही पदोन्नत किया जाए। रिवर्ट होेने के आदेशों को 2016 में दलबीर सिंह एवं अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर ही हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को समितियां बनाकर योग्यता जांचने के निर्देश दिए थे।
सरताज सिंह बनाम हरियाणा सरकार के केस में खारिज की पदोन्नतियां
सरताज सिंह ढांडा बनाम हरियाणा सरकार एवं अन्य के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 दिसंबर 2015 को फैसला सुनाते हुए 20 फरवरी 2013, 28 जनवरी 2014 व 10 फरवरी 2014 की मौलिक मुख्याध्यापक के पद पर की गईं प्रमोशन खारिज कर दी थीं।
साथ ही निर्देश दिए थे कि रूल्स 2012 पूरा करने वाले पात्र शिक्षकों को ही पदोन्नत किया जाए। रिवर्ट होेने के आदेशों को 2016 में दलबीर सिंह एवं अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर ही हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को समितियां बनाकर योग्यता जांचने के निर्देश दिए थे।