फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   57 percent reservation in Haryana, High Court seeks answer

Chandigarh News: हरियाणा में 57 फीसदी आरक्षण, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Thu, 16 May 2024 11:22 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
57 percent reservation in Haryana, High Court seeks answer
अधिकतम सीमा से सात फीसदी ज्यादा है आरक्षण, 2016 के एक्ट को रद्द करने की मांग
विज्ञापन


-सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ तय कर चुकी है अधिकतम आरक्षण 50 प्रतिशत

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक होने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका दाखिल करते हुए संस्था यूथ फॉर इक्वेलिटी ने एडवोकेट अशोक शर्मा नाभेवाला और गौरी शर्मा के माध्यम से बताया कि आरक्षण को लेकर अभी तक सुप्रीम कोर्ट की कई पीठ और संवैधानिक पीठ तय कर चुकी हैं कि आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की खंडपीठ ने इस विषय को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किया था। इन सबके बावजूद हरियाणा सरकार पिछड़ा वर्ग (सेवा में व शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम 2016 लेकर आई थी। याची ने बताया कि इस अधिनियम के आने के बाद प्रदेश में कुल आरक्षण 57 प्रतिशत हो गया है जो निर्धारित से 7 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग को 20 प्रतिशत, बीसी ए को 16, बी को 11 और सी को 10 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है। ऐसे में अभी प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश व ग्रुप सी व डी की नौकरियों में 57 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। याची ने कहा कि इस प्रकार यदि आरक्षण को तय सीमा से अधिक बढ़ने दिया गया तो यह विकट स्थिति पैदा कर देगा। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में अब हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed