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Chandigarh News: साइबर ठगी में शामिल 4.96 लाख मोबाइल नंबर कराए बंद, बचाए 76.85 करोड़ रुपये
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1903 साइबर अपराधियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे, जालसाजों के 1,36,347 बैंक खाते हुए फ्रीज : डीजीपी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2023 में हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा। कुल 1903 साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए आम जनता के 76.85 करोड़ रुपये बचाने में सफलता हासिल की। इसी प्रकार, साइबर ठगी में शामिल 4.96 लाख मोबाइल नंबरों को बंद कराया गया।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पिछले वर्ष में 4,11,534 कॉल का जवाब दिया। विभिन्न शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 2,587 मामले और 1,13,801 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 84 मामले खुद दर्ज किए और 424 उच्च-मूल्य वाले मामलों (5 लाख से अधिक ठगी), पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
साइबर के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने खुद को तकनीकी तौर पर विकसित कर लिया है। एआई-आधारित धोखाधड़ी करने वालों की पहचान वाले सॉफ्टवेयर ‘अस्त्र‘ की सहायता से प्रदेश के साइबर अपराध के संवेदनशील क्षेत्र मेवात में 4,96,562 मोबाइल नंबरों को पहचान की गई और इनको ब्लॉक किया गया है। इसके अलावा, साइबर नोडल टीम ने विभिन्न शिकायतों में मिले साइबर ठगों के 62,242 नंबरों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक कर दिया है। जालसाजों के 1,36,347 बैंक खाते फ्रीज करवाए गए।
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21 लाख लोगों तक पहुंची हरियाणा पुलिस
साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए हरियाणा पुलिस ने वर्ष भर 3,971 जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 21 लाख लोगों तक पहुंच बनाई। उन्हें साइबर ठगी होने पर क्या करना है और कैसे 1930 पर संपर्क करना है, के बारे में बताया गया। हरियाणा पुलिस के साथ 854 स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया गया। वहीं, सोशल मीडिया द्वारा पुलिस 7,65,704 लोगों तक पहुंची।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2023 में हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा। कुल 1903 साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए आम जनता के 76.85 करोड़ रुपये बचाने में सफलता हासिल की। इसी प्रकार, साइबर ठगी में शामिल 4.96 लाख मोबाइल नंबरों को बंद कराया गया।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पिछले वर्ष में 4,11,534 कॉल का जवाब दिया। विभिन्न शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 2,587 मामले और 1,13,801 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 84 मामले खुद दर्ज किए और 424 उच्च-मूल्य वाले मामलों (5 लाख से अधिक ठगी), पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
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साइबर के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने खुद को तकनीकी तौर पर विकसित कर लिया है। एआई-आधारित धोखाधड़ी करने वालों की पहचान वाले सॉफ्टवेयर ‘अस्त्र‘ की सहायता से प्रदेश के साइबर अपराध के संवेदनशील क्षेत्र मेवात में 4,96,562 मोबाइल नंबरों को पहचान की गई और इनको ब्लॉक किया गया है। इसके अलावा, साइबर नोडल टीम ने विभिन्न शिकायतों में मिले साइबर ठगों के 62,242 नंबरों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक कर दिया है। जालसाजों के 1,36,347 बैंक खाते फ्रीज करवाए गए।
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21 लाख लोगों तक पहुंची हरियाणा पुलिस
साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए हरियाणा पुलिस ने वर्ष भर 3,971 जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 21 लाख लोगों तक पहुंच बनाई। उन्हें साइबर ठगी होने पर क्या करना है और कैसे 1930 पर संपर्क करना है, के बारे में बताया गया। हरियाणा पुलिस के साथ 854 स्वयंसेवकों को पंजीकृत किया गया। वहीं, सोशल मीडिया द्वारा पुलिस 7,65,704 लोगों तक पहुंची।