{"_id":"5c7372b1bdec22271f3433b1","slug":"47th-rose-festival-of-chandigarh-closing-ceremony","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रोज फेस्टिवल: तीन दिन में पहुंचे लाखों लोग, चौपर ने लुभाया, तो जाने-माने गायकों ने खूब थिरकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोज फेस्टिवल: तीन दिन में पहुंचे लाखों लोग, चौपर ने लुभाया, तो जाने-माने गायकों ने खूब थिरकाया
Mon, 25 Feb 2019 10:19 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 25 Feb 2019 10:19 AM IST
विज्ञापन
रोज फेस्टिवल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन में आयोजित रोज फेस्टिवल के तीन दिनों में लाखों लोग पहुंचे। इससे रोज गार्डन के चारों तरफ की पार्किंग फुल हो गईं, ट्रैफिक तक रोकना पड़ा। यह रोज फेस्टिवल पुलवामा के शहीदों को समर्पित था। इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक थी कि मध्य मार्ग और जन मार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने मटका चौक पर पहुंचकर सेल्फी ली।
रोज फेस्टिवल के दौरान रोज गार्डन सेक्टर-16 और लेजर वैली सेक्टर-10 में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इस दौरान गार्डन में लगे गुलाबों के अलावा झूलों का जमकर लुत्फ उठाया। इस दौरान लोगों ने अमर जवान ज्योति स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने डोनेशन भी दिया। लोगों का जितना क्रेज रोज फेस्टिवल का था उससे अधिक अमर जवान स्थल पर जाकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का था। इसी प्रकार अंतिम दिन ऑन स्पॉट पेटिंग और नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया।
एडवाइजर ने परिवार के साथ अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दी
फेस्ट के अंतिम दिन एडवाइजर मनोज परिदा भी अपने परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने अमर जवान ज्योति के दर्शन किए और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम की ओर से स्थापित की गई अमर जवान स्थान पर ड्यूटी देने वाले जवानों को भी सम्मानित किया। इसके बाद वह उस स्टेज पर भी पहुंचे जहां पर देश भक्ति के संगीत का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों और युवाओं ने देशभक्ति के गीत पेश कर देश प्रेम को बढ़ाया।
विज्ञापन
उस्ताद पंडित सुभाष घोष ने भी पेश किया देशभक्ति के गीत...
रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन पंडित सुभाष घोष भी पहुंचे थे। उन्होंने देशभक्ति के गीतों को पेश किया। जिसमें ए वतन-ए वतन हमको तेरी कसम और वैष्णव जन गीत गाया। इसके अलावो उन्होंने प्रेम, भाईचारे का संदेश देने वाले तराने पेश किए। यह पहली बार था जब पंडित सुभाष घोष नेे शहर में स्वर रागिनी में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
फाउंटेन में उतरे तो पुलिस ने हटाया
रोज फेस्टिवल का लुत्फ लेने पहुंचे लोगों ने वाटर फाउंटेन में उतरना शुरू कर दिया। जिसमें पहुंचकर उन्होंने जमकर मस्ती की। पर्यटकों ने पानी में फोटोग्राफी और सेल्फी का भी लुत्फ उठाया। वाटर फाउंटेन में उतरे लोगों को पुलिस ने बाहर निकाला।
मेयर के साथ रोज गार्डन के माली पहुंचे विशेष अतिथि के रूप में
रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन रविवार को सभी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मेयर राजेश कालिया मुख्य अतिथि गार्डन के माली रंगनाथन गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर पहुंचे और प्रतिभागियों को इनाम देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर निगम कमिश्नर केके यादव, सीनियर डिप्टी मेयर हरदीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
रोज फेस्टिवल के दौरान रोज गार्डन सेक्टर-16 और लेजर वैली सेक्टर-10 में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। इस दौरान गार्डन में लगे गुलाबों के अलावा झूलों का जमकर लुत्फ उठाया। इस दौरान लोगों ने अमर जवान ज्योति स्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने डोनेशन भी दिया। लोगों का जितना क्रेज रोज फेस्टिवल का था उससे अधिक अमर जवान स्थल पर जाकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का था। इसी प्रकार अंतिम दिन ऑन स्पॉट पेटिंग और नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया।
विज्ञापन
एडवाइजर ने परिवार के साथ अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दी
फेस्ट के अंतिम दिन एडवाइजर मनोज परिदा भी अपने परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने अमर जवान ज्योति के दर्शन किए और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम की ओर से स्थापित की गई अमर जवान स्थान पर ड्यूटी देने वाले जवानों को भी सम्मानित किया। इसके बाद वह उस स्टेज पर भी पहुंचे जहां पर देश भक्ति के संगीत का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों और युवाओं ने देशभक्ति के गीत पेश कर देश प्रेम को बढ़ाया।
विज्ञापन
उस्ताद पंडित सुभाष घोष ने भी पेश किया देशभक्ति के गीत...
रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन पंडित सुभाष घोष भी पहुंचे थे। उन्होंने देशभक्ति के गीतों को पेश किया। जिसमें ए वतन-ए वतन हमको तेरी कसम और वैष्णव जन गीत गाया। इसके अलावो उन्होंने प्रेम, भाईचारे का संदेश देने वाले तराने पेश किए। यह पहली बार था जब पंडित सुभाष घोष नेे शहर में स्वर रागिनी में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए।
फाउंटेन में उतरे तो पुलिस ने हटाया
रोज फेस्टिवल का लुत्फ लेने पहुंचे लोगों ने वाटर फाउंटेन में उतरना शुरू कर दिया। जिसमें पहुंचकर उन्होंने जमकर मस्ती की। पर्यटकों ने पानी में फोटोग्राफी और सेल्फी का भी लुत्फ उठाया। वाटर फाउंटेन में उतरे लोगों को पुलिस ने बाहर निकाला।
मेयर के साथ रोज गार्डन के माली पहुंचे विशेष अतिथि के रूप में
रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन रविवार को सभी प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। मेयर राजेश कालिया मुख्य अतिथि गार्डन के माली रंगनाथन गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर पहुंचे और प्रतिभागियों को इनाम देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर निगम कमिश्नर केके यादव, सीनियर डिप्टी मेयर हरदीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
पुलिस के बर्ताव ने लोगों को परेशान किया
बीती 23 फरवरी को सेक्टर-44 निवासी 78 वर्षीय सतीश कुमार डडवाल पत्नी व अन्यों पारिवारिक सदस्यों समेत रोज फेस्ट देखने पहुंचे। उनकी गाड़ी पंजाब कला भवन की रोड पर पहुंची तो ट्रैफिक पुलिस की तरफ से सुझाया गया कि जीएमएसएच-16 की दीवार से सटे पार्किंग स्लॉट व अन्य जगहों की पार्किंग फुल है।
इसके बाद सतीश डडवाल ने रोड बर्म पर कई लोगों की गाड़ी खड़ी देखी तो उन्होंने अपनी कार भी वहां पार्क कर दी लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने उनका चालान कर दिया। सतीश डडवाल ने मौके पर चालान का भुगतान करना चाहा लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर भुगतान की सुविधा से इनकार कर दिया।
इससे बुजुर्ग सतीश डडवाल व उनकी पत्नी समेत अन्यों को परेशान होना पड़ा। कार्रवाई का विरोध जताते हुए सतीश डडवाल ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को रोज फेस्टिवल व बड़े त्योहारों पर लोगों को राहत प्रदान करनी चाहिए न कि उनकी परेशानी बने। कहा कि रोज फेस्ट जैसे उत्सव पर पुलिसकर्मियों का व्यवहार नरम होना चाहिए।
डडवाल ने कहा कि लोगों के लिए कराए जा रहे उत्सव पर भी पुलिस का चालान पर जोर होना निंदनीय है, वह भी तक जब सभी पार्किंग फुल होने पर गाड़ी ऐसी जगह खड़ी की गई थी, जहां ट्रैफिक और लोकमार्ग में कोई बाधा नहीं थी। डडवाल ने कहा कि सीनियर सिटीजन को पार्किंग स्लॉट फुल होने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई।
इसके बाद सतीश डडवाल ने रोड बर्म पर कई लोगों की गाड़ी खड़ी देखी तो उन्होंने अपनी कार भी वहां पार्क कर दी लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने उनका चालान कर दिया। सतीश डडवाल ने मौके पर चालान का भुगतान करना चाहा लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर भुगतान की सुविधा से इनकार कर दिया।
इससे बुजुर्ग सतीश डडवाल व उनकी पत्नी समेत अन्यों को परेशान होना पड़ा। कार्रवाई का विरोध जताते हुए सतीश डडवाल ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को रोज फेस्टिवल व बड़े त्योहारों पर लोगों को राहत प्रदान करनी चाहिए न कि उनकी परेशानी बने। कहा कि रोज फेस्ट जैसे उत्सव पर पुलिसकर्मियों का व्यवहार नरम होना चाहिए।
डडवाल ने कहा कि लोगों के लिए कराए जा रहे उत्सव पर भी पुलिस का चालान पर जोर होना निंदनीय है, वह भी तक जब सभी पार्किंग फुल होने पर गाड़ी ऐसी जगह खड़ी की गई थी, जहां ट्रैफिक और लोकमार्ग में कोई बाधा नहीं थी। डडवाल ने कहा कि सीनियर सिटीजन को पार्किंग स्लॉट फुल होने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से कोई सुविधा प्रदान नहीं की गई।
बोर्ड पर युवाओं ने लिखे पाकिस्तान मुर्दाबाद
रोज फेस्टिवल में आए पर्यटकों ने शहीद स्मारक स्थल पहुंचकर शहीदों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने पुलवामा हमले का गुस्सा साइन बोर्ड पर उतारा। बोर्ड पर सभी उम्र के लोगों ने देश के लिए प्यार और पाकिस्तान के लिए गुस्सा व्यक्त किया। किसी पर्यटक ने बोर्ड पर मेरा देश महान लिखा तो किसी ने सैल्यूट इंडियन आर्मी। कई लड़कियां इतने गुस्से में थीं कि स्कैच न मिलने पर नेल पालिश से ही पाकिस्तान मुर्दाबाद लिख दिया।
भारत की तरफ से नहीं हो रही हलचल
मैंने इस बोर्ड पर पाकिस्तान मुर्दाबाद लिखा है। पाकिस्तान ने जो किया है उसका जवाब दिया जाना जरूरी है। यहां पूरा देश दुखी है और हमारी तरफ से कोई हलचल नहीं हो रही है। ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए।
अंजली, सेक्टर 11
पाकिस्तान को मिले उसी की भाषा में जवाब
14 फरवरी के हमले ने पूरे देश के लोगों को रुलाया है। भारत के जवानों के घर बर्बाद हो गए। अभी तक पाकिस्तान को जवाब नहीं मिला है। पूरा देश इंतजार में है कि हमारी तरफ से कब एक्शन होगा। पाकिस्तान को नक्शे से खत्म कर देना चाहिए।
- रिंपी, लालडू
भारत कब तक बैठेगा चुप
पाकिस्तान ने कायरता वाला काम किया है। उनके साथ कुछ ऐसा किया जाए कि दोबारा ऐसा करने से पहले वह अंजाम के बारे में सोचे । हम कब तक चुप बैठेंगे।
- कोमल सेक्टर 11
आर्मी को एक्शन लेने की हो आजादी
हमारी आर्मी सैल्यूट के काबिल है। हम शहीदों के परिवारों और घायल जवानों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं। आर्मी को एक्शन लेने की आजादी होनी चाहिए अगर ऐसा होता तो अब तक पाकिस्तान को जवाब मिल गया होता।
- जेपी सिंह, धनास
भारत की तरफ से नहीं हो रही हलचल
मैंने इस बोर्ड पर पाकिस्तान मुर्दाबाद लिखा है। पाकिस्तान ने जो किया है उसका जवाब दिया जाना जरूरी है। यहां पूरा देश दुखी है और हमारी तरफ से कोई हलचल नहीं हो रही है। ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए।
अंजली, सेक्टर 11
पाकिस्तान को मिले उसी की भाषा में जवाब
14 फरवरी के हमले ने पूरे देश के लोगों को रुलाया है। भारत के जवानों के घर बर्बाद हो गए। अभी तक पाकिस्तान को जवाब नहीं मिला है। पूरा देश इंतजार में है कि हमारी तरफ से कब एक्शन होगा। पाकिस्तान को नक्शे से खत्म कर देना चाहिए।
- रिंपी, लालडू
भारत कब तक बैठेगा चुप
पाकिस्तान ने कायरता वाला काम किया है। उनके साथ कुछ ऐसा किया जाए कि दोबारा ऐसा करने से पहले वह अंजाम के बारे में सोचे । हम कब तक चुप बैठेंगे।
- कोमल सेक्टर 11
आर्मी को एक्शन लेने की हो आजादी
हमारी आर्मी सैल्यूट के काबिल है। हम शहीदों के परिवारों और घायल जवानों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं। आर्मी को एक्शन लेने की आजादी होनी चाहिए अगर ऐसा होता तो अब तक पाकिस्तान को जवाब मिल गया होता।
- जेपी सिंह, धनास
बब्बू मान के गीतों पर जमकर थिरके युवा
मितरा दे छतरी तों उड गई...अंबरा ते लौनी ए उडारियां...। बब्बू मान का यह गीत जैसे ही स्टेज से गूंजा तो चंडीगढ़ सेक्टर-10 की लेजर वैली में भंगड़ा होने लगा। मौका था रोज फेस्टिवल के दौरान लेजर वैली में आयोजित म्यूजिकल नाइट का। इसमें प्रसिद्ध सिंगर बब्बू मान अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। बब्बू मान ने यहां पर अपने हिट ट्रैक से सभी को मस्त कर डाला।
फिर उन्होंने दिल तां पागल है...दो कड़ियां रो के चुप कर जउ, जित्थे सारी दुनिया छड्डी, तेरे बिन भी सर जाऊं। फिर उन्होंने रब ना करे ये के जिंदगी, कभी किसी को दगा दे...सुनाया तो मूड थोड़ा बदल गया। इसके बाद बब्बू मान ने चढ़दी जवानी.., छड्डे रंग मित्रों.., शहर ने वी चक्क दित्ती संग मित्रों.. चंडीगढ़ पौंदियां.. सुनाया तो माहौल रोमांचक बन गया।
... स्टेज पर चढ़े युवा, बब्बू मान ने लगाया गले
एक ओर बब्बू मान गा रहे थे और दूसरी ओर स्टेज के आसपास डांस करने वालों में मस्ती चढ़ती जा रही थी। इतने में ही एक युवा भी स्टेज पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे पीछे करने की कोशिश की, लेकिन बब्बू मान ने उसको अपने गले से लगा लिया।
फिर उन्होंने दिल तां पागल है...दो कड़ियां रो के चुप कर जउ, जित्थे सारी दुनिया छड्डी, तेरे बिन भी सर जाऊं। फिर उन्होंने रब ना करे ये के जिंदगी, कभी किसी को दगा दे...सुनाया तो मूड थोड़ा बदल गया। इसके बाद बब्बू मान ने चढ़दी जवानी.., छड्डे रंग मित्रों.., शहर ने वी चक्क दित्ती संग मित्रों.. चंडीगढ़ पौंदियां.. सुनाया तो माहौल रोमांचक बन गया।
... स्टेज पर चढ़े युवा, बब्बू मान ने लगाया गले
एक ओर बब्बू मान गा रहे थे और दूसरी ओर स्टेज के आसपास डांस करने वालों में मस्ती चढ़ती जा रही थी। इतने में ही एक युवा भी स्टेज पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे पीछे करने की कोशिश की, लेकिन बब्बू मान ने उसको अपने गले से लगा लिया।
चॉपर से जल्दी उतारने का आरोप लगाकर यात्रियों ने किया हंगामा
रोज फेस्टिवल के दौरान रविवार को कुछ लोगों ने चॉपर से शहर की सैर के लिए तय समय सीमा से कम समय देने पर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि चॉपर से पांच से सात मिनट की राइड का वक्त तय किया गया था लेकिन उन्हें केवल तीन मिनट में ही चॉपर से उतार दिया गया।
इसकी शिकायत पर ढिल्लों एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड पीयूष माथुर का कहना है कि चार पांच लोगों ने अलग-अलग राइड में इसकी शिकायत की थी लेकिन उनको चैलेंज किया गया कि वे खुद विडियो बनाकर देखें और दिखाएं कि चॉपर की राइडिंग कितने मिनट की है तो वे सभी शिकायत करने वाले संतुष्ट होकर गए।
पीयूष माथुर का कहना है कि हेलीकाप्टर में ट्रिप मीटर लगा होता है और वह सब कुछ बता देता है कि पैसेंजर ने कितने मिनट की राइड ली है। ढिल्लों एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष माथुर का कहना है कि रोज फेस्टिवल के पहले दिन (22 फरवरी) को 10 राइड हुई, जिसमें 51 लोगों ने चॉपर से उड़ान भरी।
वहीं, 23 फरवरी को 33 राइड में 203 लोगों ने चॉपर की सवारी की। 23 फरवरी को ही 150 लोगों ने एडवांस बुकिंग करा ली थी। इसके कारण एक और हेलीकाप्टर मंगाना पड़ा। 24 फरवरी को दो हेलीकाप्टर से कुल 109 लाइड में 640 लोगों ने चॉपर की सवारी की। प्रति पैसेंजर चॉपर का किराया 2310 रुपये था।
इसकी शिकायत पर ढिल्लों एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड पीयूष माथुर का कहना है कि चार पांच लोगों ने अलग-अलग राइड में इसकी शिकायत की थी लेकिन उनको चैलेंज किया गया कि वे खुद विडियो बनाकर देखें और दिखाएं कि चॉपर की राइडिंग कितने मिनट की है तो वे सभी शिकायत करने वाले संतुष्ट होकर गए।
पीयूष माथुर का कहना है कि हेलीकाप्टर में ट्रिप मीटर लगा होता है और वह सब कुछ बता देता है कि पैसेंजर ने कितने मिनट की राइड ली है। ढिल्लों एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष माथुर का कहना है कि रोज फेस्टिवल के पहले दिन (22 फरवरी) को 10 राइड हुई, जिसमें 51 लोगों ने चॉपर से उड़ान भरी।
वहीं, 23 फरवरी को 33 राइड में 203 लोगों ने चॉपर की सवारी की। 23 फरवरी को ही 150 लोगों ने एडवांस बुकिंग करा ली थी। इसके कारण एक और हेलीकाप्टर मंगाना पड़ा। 24 फरवरी को दो हेलीकाप्टर से कुल 109 लाइड में 640 लोगों ने चॉपर की सवारी की। प्रति पैसेंजर चॉपर का किराया 2310 रुपये था।