फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   46 thousand tonnes of wheat spoiled in five years in seven districts of Haryana

Haryana News: सात जिलों में पांच साल में 46 हजार टन गेहूं खराब, सरकार ने मांगी रिपोर्ट, विपक्ष ने घेरा

Mon, 14 Nov 2022 12:56 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 14 Nov 2022 12:56 AM IST
सार

कांग्रेस की स्टीयरिंग कमेटी की सदस्य कुमारी सैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने गेहूं खराब होने के मामले की जांच हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 94 करोड़ रुपये का गेहूं खराब खराब दिखाया जा रहा है।

विज्ञापन
46 thousand tonnes of wheat spoiled in five years in seven districts of Haryana
गेहूं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के सात जिलों में बीते पांच साल में 94 करोड़ रुपये का 46 हजार 294 टन गेहूं खराब हो चुका है। सबसे ज्यादा गेहूं कुरुक्षेत्र जिले में खराब हुआ है। इसके बाद कैथल और हैं। कुरुक्षेत्र में 2,4890, कैथल में 11,539, करनाल में 6587, यमुनानगर में 2,500, फतेहाबाद में 450, जींद में 315, रोहतक में 12.7 टन गेहूं खराब हुआ है। 

विज्ञापन


खराब हुए गेहूं के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय करने में जिला प्रशासन ने हाथ पीछे खींच लिए हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पूरे मामले में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है। अब प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के साथ गेहूं खराब होने के लिए दोषी अफसरों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


विभाग का दावा 5549 मीट्रिक टन गेहूं हुआ खराब 
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दावा किया है कि पांच साल में 5549 मीट्रिक टन गेहूं ही खराब हुआ है। 2022 में हैफेड, हरियाणा भंडारण निगम, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 4,22,005 एमटी, 2021 में 7,28,336 एमटी, 2020 में 7,33,139 एमटी, 2019 में 8,18,270 एमटी, 2018 में 7,55,394 एमटी गेहूं की खरीद की। खरीद एजेंसियां खराब गेहूं को इस बार भी निजी कंपनियों को बेच रही हैं। इसे ई-नीलामी में 2 से 13 रुपये प्रति किलोग्राम में बेचा जा रहा है। खराब गेहूं को कंपनियां बीयर और पशुओं की फीड बनाने में इस्तेमाल करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

हजारों टन गेहूं कैसे खराब हुआ, इसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। खराब हुआ गेहूं लाखों लोगों को मुफ्त में मिल सकता था। सरकार गेहूं के भंडारण की उचित व्यवस्था करे। गुरनाम सिंह चढ़ूनी, अध्यक्ष, भाकियू, चढ़ूनी गुट।


हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से करवाएं जांच: कांग्रेस
कांग्रेस की स्टीयरिंग कमेटी की सदस्य कुमारी सैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने गेहूं खराब होने के मामले की जांच हाईकोर्ट के कार्यरत न्यायाधीश से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 94 करोड़ रुपये का गेहूं खराब खराब दिखाया जा रहा है। अच्छे गेहूं को आपसी मिलीभगत कर खुले बाजार में बेचा गया और उसकी जगह खराब गुणवत्ता का गेहूं गोदामों में रखवाकर सड़ा दिखाया। यह सरकार के संरक्षण बिना नहीं हो सकता।
 
गेहूं पर पानी डालते पकड़ा जा चुका स्टाफ
हरियाणा के गोदामों से गेहूं को चोरी-छिपे बेचना सामान्य बात है। बेचे गए गेहूं की मात्रा को पूरा करने के लिए बड़े अधिकारी, कर्मचारियों से बोरियों पर पानी डलवाते हैं, इससे वजन तो बढ़ जाता है लेकिन नमी बनने पर गेहूं खराब होने लगता है। 12 जून, 2022 को जगाधरी व फरवरी 2022 में सोनीपत के माहरा स्थित गोदाम में कर्मचारी गेहूं पर पानी डालते पकड़े जा चुके हैं। खुले में रखा गेहूं तिरपाल से ढका नहीं होता, बारिश होने पर यह भीगकर खराब हो जाता है। करनाल की इंद्री में पिछले दिनों हजारों क्विंटल गेहूं खराब हुआ था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने जांच के बाद दो अधिकारियों को निलंबित किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed