Haryana: खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 में से 43 पद खाली, गोहाना विधायक के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री का जवाब
इसी साल आई खाद्य सुरक्षा की रैकिंग में हरियाणा टॉप टेन में शामिल नहीं था। वह 16 वें स्थान पर था। वहीं, पड़ोसी राज्य पंजाब टॉप तीन में शामिल था। विज ने बताया कि हर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आठ से 14 खाद्य नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है।
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हरियाणा में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बेहद कमी है। हरियाणा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 45 स्वीकृत पद हैं। इनमें सिर्फ दो पद स्थायी रूप से भरे हुए हैं। 43 पद रिक्त पड़े हैं। हालांकि विभाग ने डेपुटेशन से 16 पद भरे हैं। 41 खाली पदों को भरने के लिए विभाग ने मांग पत्र हरियाणा लोक सेवा आयोग को भेजा है। यह जानकारी विधानसभा सदन में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गोहाना के विधायक जगबीर सिंह मलिक के एक सवाल के जवाब में दी। वहीं, अधिकारियों की कमी का खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है। इसी साल आई खाद्य सुरक्षा की रैकिंग में हरियाणा टॉप टेन में शामिल नहीं था। वह 16 वें स्थान पर था। वहीं, पड़ोसी राज्य पंजाब टॉप तीन में शामिल था। विज ने बताया कि हर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आठ से 14 खाद्य नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है।
दरअसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास अदालती मामलों में भाग लेना, जागरूकता के लिए कार्यशालाएं, औचक छापे व पंजीकरण संबंधी कार्य होते हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीते आठ सालों में सिर्फ तीन साल एफएसएसएआई की ओर से सिर्फ तीन सालों में लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें हरियाणा एक बार लक्ष्य प्राप्त कर पाया है। वहीं, हर साल खाद्य नमूने लेने की संख्या में इजाफा हुआ है। साल 2022-23 में 4392 सैंपल लिए गए।
आठ साल में 5882 सैंपल फेल, पांच करोड़ 61 लाख जुर्माना लगा
विधानसभा पेश किए गए जवाब के मुताबिक आठ साल में 5882 सैंपल मिले हैं। इनमें 5124 मामले कोर्ट में दाखिल किए गए। 3509 लोग दोषी पाए गए और कोर्ट ने पांच करोड़ 61 लाख का जुर्माना लगाया है। इन आठ सालों में सबसे कम नमूने चरखी दादरी में फेल मिले हैं। इस जिले में सिर्फ 98 सैंपल फेल मिले। इनमें से 57 मामले दायर किए, जिनमें से 48 लोग दोषी पाए गए। वहीं, गुरुग्राम में 462, फतेहाबाद में 383, फरीदाबाद में 387, पानीपत में 386 नमूने फेल पाए गए।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के 40 फीसदी पद खाली
हरियाणा में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के 40 फीसदी खाली पड़े हैं। विधानसभा में पेश की गई जानकारी के मुताबिक 636 पदों में से सिर्फ 381 पद भरे गए हैं। वहीं, चिकित्सा अधिकारियों के 3903 स्वीकृत पद में से 3073 पद भरे हैं, जो करीब 71 फीसदी हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 197 स्वीकृत पदों में से 167 पद भरे गए हैं। यमुनानगर में चिकित्सा अधिकारियों के 191 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 93 पद भरे हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास की ओर से पूछे गए सवाल पर दी है।
सिरसा के किसानों के लिए 623 करोड़ रुपये मुआवजा स्वीकृत
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने विधानसभा में बताया है कि 21 अगस्त को भारत सरकार की तकनीकी सलाहकार समिति के अनुसार खरीफ 2022 के लिए सिरसा का लगभग 623 करोड़ रुपये मुआवजा स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि 2019-23 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों ने किसानों से प्रीमियम राशि के तौर पर 97990.87 लाख रुपये एकतित्र किया गया है। वहीं, इन तीन सालों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को 330695.85 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। किसानों से संबंधित सवाल ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने पूछा था।