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Chandigarh News: आईएसबीटी-43 की पार्किंग में खड़े ऑटो में मिलीं शराब की 4 बोतलें
Thu, 29 May 2025 02:16 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 May 2025 02:16 AM IST
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चंडीगढ़। आईएसबीटी-43 की पार्किंग में एक लावारिस ऑटो से शराब की चार बोतलें मिली हैं। यह बरामदगी अमर उजाला के स्टिंग ऑपरेशन के 10 दिन बाद हुई है, जिसमें बस स्टैंड पर खुलेआम शराब बिक्री का खुलासा किया गया था। सीटीयू के सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह की शिकायत पर सेक्टर-36 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सीटीयू के सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह बीते 27 मई को सुरक्षाकर्मी नरेंद्र सिंह और विकास कुमार के साथ बस स्टैंड के पीछे की पार्किंग में गश्त कर रहे थे। रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर बिजली ट्रांसफार्मर के पास एक लावारिस ऑटो खड़ा दिखा, जो कई दिनों से वहीं खड़ा लग रहा था। ऑटो की जांच करने पर पिछली सीट के पास एक बैग मिला, जिसमें शराब की चार बोतलें थीं। आसपास किसी वारिस के न मिलने पर सिपाही मुकेश कुमार को मौके पर बुलाया गया और शराब उनके हवाले कर दी गई।
बलबीर सिंह ने अपनी शिकायत में संदेह जताया है कि कोई व्यक्ति शराब बेचने की नीयत से बस स्टैंड पर आया होगा और इसे लावारिस ऑटो में छोड़कर चला गया होगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किसकी है और इसे यहां किसने रखा। अमर उजाला के स्टिंग के बाद स्टेशन सुपरवाइजर को निलंबित करने के साथ सिक्योरिटी सुपरवाइजर को नौकरी से निकाल दिया गया था। हालांकि, उस समय पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने के आरोप लगे थे, जबकि बस स्टैंड के अंदर ही पुलिस चौकी है और पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक काउंटर पर लंबे समय से शराब बेची जा रही थी। ट्रांसपोर्ट निदेशक ने 8 महीने पहले ही चंडीगढ़ की एसएसपी को लिखित में शिकायत दी थी, जिसमें शराब बेचने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और गाड़ी नंबर भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
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सीटीयू के सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह बीते 27 मई को सुरक्षाकर्मी नरेंद्र सिंह और विकास कुमार के साथ बस स्टैंड के पीछे की पार्किंग में गश्त कर रहे थे। रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर बिजली ट्रांसफार्मर के पास एक लावारिस ऑटो खड़ा दिखा, जो कई दिनों से वहीं खड़ा लग रहा था। ऑटो की जांच करने पर पिछली सीट के पास एक बैग मिला, जिसमें शराब की चार बोतलें थीं। आसपास किसी वारिस के न मिलने पर सिपाही मुकेश कुमार को मौके पर बुलाया गया और शराब उनके हवाले कर दी गई।
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बलबीर सिंह ने अपनी शिकायत में संदेह जताया है कि कोई व्यक्ति शराब बेचने की नीयत से बस स्टैंड पर आया होगा और इसे लावारिस ऑटो में छोड़कर चला गया होगा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किसकी है और इसे यहां किसने रखा। अमर उजाला के स्टिंग के बाद स्टेशन सुपरवाइजर को निलंबित करने के साथ सिक्योरिटी सुपरवाइजर को नौकरी से निकाल दिया गया था। हालांकि, उस समय पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने के आरोप लगे थे, जबकि बस स्टैंड के अंदर ही पुलिस चौकी है और पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक काउंटर पर लंबे समय से शराब बेची जा रही थी। ट्रांसपोर्ट निदेशक ने 8 महीने पहले ही चंडीगढ़ की एसएसपी को लिखित में शिकायत दी थी, जिसमें शराब बेचने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और गाड़ी नंबर भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
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