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Chandigarh News: चंडीगढ़ में 3836 भगौड़े और 17 आतंकी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर
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चंडीगढ़। पुलिस की ओर से जारी भगौड़ों, मोस्ट वांटेड और आतंकी अपराधियों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। हालात यह हैं कि 17 आतंकियों समेत कुल 3836 भगौड़े और एक लाख रुपये तक के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी वर्षों बीत जाने के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सूची में जेल ब्रेक के आरोपी, पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या से जुड़े अपराधी और संगठित गिरोहों के कई कुख्यात नाम शामिल हैं।
पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल होने के बावजूद गंभीर अपराधों के आरोपियों को पकड़ने में नाकामी पर सवाल उठ रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता नाकाबंदी और चालान काटने तक सीमित होकर रह गई है जबकि बड़े और संगीन मामलों के आरोपी खुलेआम फरार घूम रहे हैं। इसके अलावा शहर में चौकी-थाने से लेकर आईएएस अफसर, एसएसपी और मुख्यमंत्री तक पर हमले हो चुके हैं। पंजाब के सीएम बेअंत सिंह समेत दर्जनों लोग शहीद हो गए लेकिन चंडीगढ़ पुलिस इन वारदातों में शामिल 17 आतंकियों का अब तक सुराग नहीं लगा सकी है।
कनाडा भाग गया एक लाख का इनामी बलराज रंधावा
9 फरवरी 2017 को सेक्टर-9 के एक क्लब में विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की बीएमडब्ल्यू गाड़ी से कुचलकर हत्या करने का आरोपी बलराज सिंह रंधावा 9 साल बाद भी फरार है। उस पर एक लाख का इनाम रख दिया था। पुलिस खुफिया जानकारी से पता चला कि है कि बलराज ने कनाडा में अपना ठिकाना बनाया हुआ है।
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आतंकी रिंदा पर 50 हजार का इनाम
तरनतारन के रहने वाले आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ हरिंद्र उर्फ रिंदा पर चंडीगढ़ पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 9 अप्रैल 2016 को रिंदा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान गोलियां चलाई थी। एक इंस्पेक्टर को धमकी दी थी। 9 अप्रैल 2017 को सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गुरुद्वारा के बाहर रिंदा ने साथियों के साथ मिलकर होशियारपुर (पंजाब) स्थित खुरदा गांव के सरपंच सतनाम सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों के अनुसार उसे आखिरी बार चंडीगढ़ के एक होटल में देखा गया था।
25-25 हजार की इनामी बहनें
मई 2012 में विदेशी महिला पैटरिशिया क्रेग से सेक्टर-24 निवासी दो बहनों सीमा कुटीन व रेणु कुटीन ने लाखों की धोखाधड़ी की थी। अप्रैल वर्ष 2013 में चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें मोस्ट वांटेड घोषित किया था। दोनों बहनों पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया था।
ज्वेलर्स शॉप लूटने वाला 50 हजार का इनामी पकड़ से दूर
4 अगस्त 2014 को सेक्टर-22 के करण ज्वेलर्स की दुकान पर एक युवक सेल्समैन को गोली मारकर करीब 12 लाख रुपये के जेवर लूटकर फरार हो गया था। सीसीटीवी में आरोपी की चेहरा भी कैद हुआ था। आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
बंबीहा गैंग का सरगना गौरव पटियाल उर्फ लक्की का कोई सुराग नहीं
मूलरूप से खुड्डा लाहौरा का रहने वाला गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी दविंदर बंबीहा गैंग का सरगना बन चुका है। मार्च 2020 में सेक्टर-38 वेस्ट में हुए सुरजीत बाउंसर हत्याकांड व अक्तूबर 2020 में औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ हत्याकांड की जिम्मेदारी लक्की ने ही ली थी। जांच में पता चला था कि लक्की सौरभ पटियाल नाम से नकली पासपोर्ट पर रोमानिया भाग गया है। सूत्रों के अनुसार लक्की अब किसी और देश में है।
जेल ब्रेक केस में शामिल आतंकी आज तक नहीं पकड़े गए
साल 2004 में बुड़ैल जेल के अंदर सुरंग बनाकर आतंकी जगतार सिंह तारा, जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा फरार हो गए थे। इनके साथ जेल में सजा काट रहा दोषी उत्तरांचल के पौड़ी गढ़वाल के चमोली के गांव समैया निवासी देव सिंह रावत उर्फ देवी भी फरार हो गया था। तीनों आतंकियों को तो पकड़ लिया गया लेकिन देवी का आज तक कोई सुराग नहीं लगा। जेल ब्रेक के मामले में पुलिस ने 20 मार्च 2006 को हरियाणा के बरनाला निवासी गुरविंदर सिंह उर्फ गोल्डी को पीओ घोषित किया था।
करोड़ों की धोखाधड़ी में महिला समेत 5 आरोपियों पर 50 हजार इनाम
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर 17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को महिला समेत पांच वांछित आरोपियों की तलाश है। पुलिस ने इन पांचों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में डेराबस्सी निवासी सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता और अनुपम गुप्ता के खिलाफ 19-19 एफआईआर दर्ज हैं। वहीं मोहाली सेक्टर-70 निवासी क्रिस्पी खेरा समेत सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।
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पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल होने के बावजूद गंभीर अपराधों के आरोपियों को पकड़ने में नाकामी पर सवाल उठ रहे हैं। आम लोगों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता नाकाबंदी और चालान काटने तक सीमित होकर रह गई है जबकि बड़े और संगीन मामलों के आरोपी खुलेआम फरार घूम रहे हैं। इसके अलावा शहर में चौकी-थाने से लेकर आईएएस अफसर, एसएसपी और मुख्यमंत्री तक पर हमले हो चुके हैं। पंजाब के सीएम बेअंत सिंह समेत दर्जनों लोग शहीद हो गए लेकिन चंडीगढ़ पुलिस इन वारदातों में शामिल 17 आतंकियों का अब तक सुराग नहीं लगा सकी है।
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कनाडा भाग गया एक लाख का इनामी बलराज रंधावा
9 फरवरी 2017 को सेक्टर-9 के एक क्लब में विवाद के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की बीएमडब्ल्यू गाड़ी से कुचलकर हत्या करने का आरोपी बलराज सिंह रंधावा 9 साल बाद भी फरार है। उस पर एक लाख का इनाम रख दिया था। पुलिस खुफिया जानकारी से पता चला कि है कि बलराज ने कनाडा में अपना ठिकाना बनाया हुआ है।
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आतंकी रिंदा पर 50 हजार का इनाम
तरनतारन के रहने वाले आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ हरिंद्र उर्फ रिंदा पर चंडीगढ़ पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 9 अप्रैल 2016 को रिंदा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान गोलियां चलाई थी। एक इंस्पेक्टर को धमकी दी थी। 9 अप्रैल 2017 को सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गुरुद्वारा के बाहर रिंदा ने साथियों के साथ मिलकर होशियारपुर (पंजाब) स्थित खुरदा गांव के सरपंच सतनाम सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों के अनुसार उसे आखिरी बार चंडीगढ़ के एक होटल में देखा गया था।
25-25 हजार की इनामी बहनें
मई 2012 में विदेशी महिला पैटरिशिया क्रेग से सेक्टर-24 निवासी दो बहनों सीमा कुटीन व रेणु कुटीन ने लाखों की धोखाधड़ी की थी। अप्रैल वर्ष 2013 में चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें मोस्ट वांटेड घोषित किया था। दोनों बहनों पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया था।
ज्वेलर्स शॉप लूटने वाला 50 हजार का इनामी पकड़ से दूर
4 अगस्त 2014 को सेक्टर-22 के करण ज्वेलर्स की दुकान पर एक युवक सेल्समैन को गोली मारकर करीब 12 लाख रुपये के जेवर लूटकर फरार हो गया था। सीसीटीवी में आरोपी की चेहरा भी कैद हुआ था। आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
बंबीहा गैंग का सरगना गौरव पटियाल उर्फ लक्की का कोई सुराग नहीं
मूलरूप से खुड्डा लाहौरा का रहने वाला गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी दविंदर बंबीहा गैंग का सरगना बन चुका है। मार्च 2020 में सेक्टर-38 वेस्ट में हुए सुरजीत बाउंसर हत्याकांड व अक्तूबर 2020 में औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ हत्याकांड की जिम्मेदारी लक्की ने ही ली थी। जांच में पता चला था कि लक्की सौरभ पटियाल नाम से नकली पासपोर्ट पर रोमानिया भाग गया है। सूत्रों के अनुसार लक्की अब किसी और देश में है।
जेल ब्रेक केस में शामिल आतंकी आज तक नहीं पकड़े गए
साल 2004 में बुड़ैल जेल के अंदर सुरंग बनाकर आतंकी जगतार सिंह तारा, जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा फरार हो गए थे। इनके साथ जेल में सजा काट रहा दोषी उत्तरांचल के पौड़ी गढ़वाल के चमोली के गांव समैया निवासी देव सिंह रावत उर्फ देवी भी फरार हो गया था। तीनों आतंकियों को तो पकड़ लिया गया लेकिन देवी का आज तक कोई सुराग नहीं लगा। जेल ब्रेक के मामले में पुलिस ने 20 मार्च 2006 को हरियाणा के बरनाला निवासी गुरविंदर सिंह उर्फ गोल्डी को पीओ घोषित किया था।
करोड़ों की धोखाधड़ी में महिला समेत 5 आरोपियों पर 50 हजार इनाम
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर 17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को महिला समेत पांच वांछित आरोपियों की तलाश है। पुलिस ने इन पांचों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में डेराबस्सी निवासी सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, रमन गुप्ता और अनुपम गुप्ता के खिलाफ 19-19 एफआईआर दर्ज हैं। वहीं मोहाली सेक्टर-70 निवासी क्रिस्पी खेरा समेत सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।