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370 हटने के बाद पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते खत्म तो कारोबार पर पड़ा असर, करोड़ों का नुकसान

Mon, 12 Aug 2019 10:07 AM IST
खुशबू गोयल संदीप भौरिया, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
संदीप भौरिया, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 12 Aug 2019 10:07 AM IST
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370 revoked from jammu kashmir, trade relations finished with pakistan, effect on business
सांकेतिक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने भारत से सभी प्रकार के व्यापारिक और राजनीतिक संबंध तोड़ लिए हैं, जिस कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसका असर टेक्सटाइल नगरी की डाइंग यूनिट पर भी पड़ रहा है। पाकिस्तान से आना वाले सोडा, ब्लीचिंग पाउडर और केमिकल का आयात ठप हो गया है।

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अब डायर्स को यूरोप और बांग्लादेश के केमिकल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पाकिस्तान से हर माह पानीपत में 15 से 20 करोड़ का केमिकल आता था। पानीपत में वैध 500 और अवैध 250 डाइंग यूनिट हैं। इसके अलावा पानीपत में कंबल के लिए आने वाले रग्ज (कपड़ों की कतरन) की आपूर्ति रुक गई है।
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पानीपत में पाकिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते यूरोप से 60 करोड़ की रग्ज यानि रोज लगभग 150-200 कंटेनर आते थे। इन सबके बावजूद नुकसान की परवाह न करते हुए कारोबारियों ने सिर गर्व से ऊंचा करने वाली बात कह दी है। उद्यमियों का कहना है कि उनको अपने कारोबार से अधिक देश की चिंता है। सरकार ने बहुत अच्छा और बड़ा कदम उठाया है। उनको अपने देश पर गर्व है। कन्या कुमारी से कश्मीर भारत एक है।

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पुलवामा हमले के बाद भी पड़ा था असर

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से सबसे तरजीह राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा छीने जाने का असर पानीपत के कारोबार पर भी पड़ा है। इससे पाकिस्तान से होकर पानीपत में आने वाले रग्ज की आपूर्ति ठप पड़ गई थी। वहीं, कंबल और कारपेट उद्यमियों का भुगतान भी फंसा हुआ है।

पाकिस्तान से होकर सैकड़ों कंटेनर आते थे
मालूम हो कि रग्ज (कटे फटे वूलेन कपड़े) से धागा बनाया जाता है। पानीपत के स्पिनिंग मिलों में इसे कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है। इससे यहां के सैकड़ों ओपन-एंड और शौड़ी यार्न के उद्योग चलते हैं। शौड़ी धागे के साथ-साथ कॉटन मिक्स धागा बनता है। पाकिस्तान व यूरोपीय देशों से यहां आयात होता है। पाकिस्तान से होकर रग्ज के सैकड़ों कंटेनर पानीपत आते हैं, जो मौजूदा हालात में बंद हो चुके हैं।

कर्फ्यू से कामकाज प्रभावित
हैंडलूम एसोसिएशन ने बताया कि हैंडलूम बाजार से कंबल के साथ-साथ कारपेट, बेडशीट जम्मू कश्मीर में निर्यात होता है। कश्मीर में प्रति दिन 20-25 लाख रुपये के कंबल और बेडशीट निर्यात किए जाते थे। इसके अलावा कश्मीर से भी पानीपत में शॉल और कंबल का कारोबार होता है। वहां पर कर्फ्यू होने के कारण वो निर्यात ठप पड़ा है। भुगतान आना बंद हो गया है। जम्मू कश्मीर के व्यापारी हालत सामान्य होने के इंतजार में हैं। कर्फ्यू लगने के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है।

ब्लीचिंग, सोडा और केमिकल भी आना बंद: वर्मा

डायर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भीम राणा ने बताया कि पाकिस्तान से पानीपत में डाइंग में इस्तेमाल होने वाला सोडा, ब्लीचिंग पाउडर और केमिकल आता था। प्रतिमाह 10 करोड़ तक का आयात होता था। अब वो बंद हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान ने ये सब करके अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। इससे उन्हें कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसका नुकसान पाकिस्तान को ही होगा।

नुकसान की चिंता नहीं : वर्मा
पाकिस्तान ने भारत से संबंध तोड़कर अपना ही नुकसान किया है। हमें इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। पाकिस्तान ऐसा देश है जो दूसरों पर निर्भर रहता है। हमारा व्यापार शिप के माध्यम से होता है। भारत ने कश्मीर से धारा 370 हटाकर बहुत अच्छा कदम उठाया है।
- रमेश वर्मा, प्रधान एक्सपोर्टर एसोसिएशन

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