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Chandigarh News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खरीदे जाएंगे 28,484 स्मार्ट फोन
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हरियाणा सरकार ने बजट को दी मंजूरी, कई कार्यक्रमों की रखी जाएगी निगरानी
चंडीगढ़। नौनिहालों की स्थिति पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार 28,484 स्मार्ट फोन खरीदेगी। फोन खरीदने के लिए शुक्रवार को सरकार ने 28 करोड़ 19 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने बताया कि अगले तीन महीने के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फोन दे दिए जाएंगे। स्मार्टफोन चलाने के लिए दो सप्ताह की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। फोन के लिए सिम विभाग की ओर से दिया जाएगा। फोन में पोषण ट्रैकर और बाल संवर्धन एप के ज़रिये नौनिहालों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। नवजात शिशुओं से लेकर छह साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं से लेकर दूध पिलाने वाली माताओं तक का सारा डाटा पोषण ट्रैकर एप पर मिलेगा। पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों की भी मैपिंग की जा रही है। वहीं, बाल संवर्धन एप से जीरो से पांच साल तक के बच्चों का दुबलापन, ठिगनापन और अति कम वजन यह तीन तरह के कुपोषण की जांच की जा रही है।
स्मार्टफोन से रखी जाएगी निगरानी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्मार्टफोन के जरिये केंद्र में बच्चों की संख्या, बच्चों का वजन, कुपोषित-अति कुपोषित बच्चों की संख्या, टेक होम राशन, बच्चों की विकास दर, प्री-स्कूल शिक्षा की स्थिति वजन मशीन, शौचालयों व पानी की स्थिति और टीकाकरण पर नजर रखेंगी।
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चंडीगढ़। नौनिहालों की स्थिति पर नजर रखने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार 28,484 स्मार्ट फोन खरीदेगी। फोन खरीदने के लिए शुक्रवार को सरकार ने 28 करोड़ 19 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने बताया कि अगले तीन महीने के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फोन दे दिए जाएंगे। स्मार्टफोन चलाने के लिए दो सप्ताह की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। फोन के लिए सिम विभाग की ओर से दिया जाएगा। फोन में पोषण ट्रैकर और बाल संवर्धन एप के ज़रिये नौनिहालों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। नवजात शिशुओं से लेकर छह साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं से लेकर दूध पिलाने वाली माताओं तक का सारा डाटा पोषण ट्रैकर एप पर मिलेगा। पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों की भी मैपिंग की जा रही है। वहीं, बाल संवर्धन एप से जीरो से पांच साल तक के बच्चों का दुबलापन, ठिगनापन और अति कम वजन यह तीन तरह के कुपोषण की जांच की जा रही है।
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स्मार्टफोन से रखी जाएगी निगरानी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्मार्टफोन के जरिये केंद्र में बच्चों की संख्या, बच्चों का वजन, कुपोषित-अति कुपोषित बच्चों की संख्या, टेक होम राशन, बच्चों की विकास दर, प्री-स्कूल शिक्षा की स्थिति वजन मशीन, शौचालयों व पानी की स्थिति और टीकाकरण पर नजर रखेंगी।
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