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Chandigarh News: हिमाचल प्रदेश के 181 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में क्लीन चिट देने के लिए मांगे थे 25 करोड़

Tue, 31 Dec 2024 02:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 02:46 AM IST
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25 crores were demanded for giving clean chit in Himachal Pradesh's 181 crore scholarship scam
चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेेश में साल 2013 से 2017 के बीच एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी छात्रवृत्ति में 181 करोड़ का घोटाला एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश के 29 शिक्षण संस्थानों के संचालकों के खिलाफ चंडीगढ़ सीबीआई में धोखाधड़ी के दो और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में क्लीन चिट देने के लिए जांच अधिकारी शिमला सब जोनल ईडी के सहायक निदेशक ने 25 करोड़ की रिश्वत मांगी थी और 55 लाख में सहमति बनी थी। इस मामले में सीबीआई 22 शिक्षण संस्थानों व 105 अन्य लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर कर चुकी है और केस विचाराधीन हैं। बता दें कि सात शिक्षण संस्थानों को जांच में क्लीनचिट मिल चुकी है। शिमला में एक प्रेसवार्ता कर शिक्षण संस्थानों ने 25 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का खुलासा किया है।
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केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार के माध्यम से एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के छात्रों की मदद के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई थी लेकिन हिमाचल में पात्र बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिली ही नहीं। राज्य के अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों के लिए 36 योजनाओं के तहत प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रों के लिए पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान ही नहीं किया गया। हिमाचल के लाहौल-स्पीति जिले में आदिवासी स्पीति घाटी के सरकारी स्कूलों के छात्रों को 2012 से 2017 तक पांच वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किए जाने की एक इंटरनल रिपोर्ट के बाद इस घोटाले का खुलासा हुआ था। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए सीबीआई से पत्राचार शुरू किया। वर्ष 2017 में सीबीआई ने जांच शुरू की और करीब दो साल तक चली जांच के बाद वर्ष 2019 में हिमाचल के 29 निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ वर्ष 2013-17 के बीच करीब 181 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाले में धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए गए थे।
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सीबीआई की जांच में खुली छात्रवृत्ति घोटाले की पोल
सीबीआई ने जांच शुरू की तो बिल पास करने के लिए प्रयोग किए गए शिक्षण संस्थानों के फर्जी लेटरहेड मिले। इसके अलावा तीन सरकारी बैंकों में कई फर्जी खाते खोले गए और इनमें करोड़ों ट्रांसफर किए गए। जांच में पता चला कि कई शिक्षण संस्थानों ने बच्चों की संख्या के मुताबिक आधार कार्ड ही शिक्षा विभाग के पास जमा नहीं करवाए थे। एक ही आधार कार्ड पर कई-कई छात्रों के नाम से छात्रवृत्ति के पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे। जांच में हिमाचल शिक्षा विभाग के एक बड़े अधिकारी का नाम सामने आया, जिसने 9 फर्जी शिक्षण संस्थानों के नाम से 28 करोड़ का फंड जारी किया था। इसमें 33 प्रतिशत की भागेदारी अपनी पत्नी को भी कागजों में दिखाई।
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मार्च में सीबीआई अदालत में दायर की गई थी चार्जशीट
मार्च 2024 में जांच टीम ने सीबीआई अदालत में 181 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में 22 शिक्षण संस्थानों और 105 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में बताया गया है कि हिमाचल के करीब 32 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति उनके खातों में न जमा कर 80 प्रतिशत पैसा निजी संस्थानों को ट्रांसफर कर दिया गया। इस घोटाले में शिक्षण संस्थानों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशक, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। शिक्षण संस्थानों के संचालकों पर छात्रवृत्ति जारी करने के लिए छात्रों से पैसे मांगने का भी आरोप है।
ईडी ने दर्ज किया था मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला
सीबीआई की ओर से सरकारी फंड में 181 करोड़ का घोटाला करने पर दो आपराधिक मामले दर्ज किए जाने के बाद इसकी जांच ईडी के पास भी पहुंच गई थी। ईडी ने इन शिक्षण संस्थानों के संचालकों सहित बैंक अधिकारियों व अन्य के खिलाफ वर्ष 2019 में ही मनी लॉन्ड्रिंग का भी एक अन्य मामला दर्ज किया था। यह केस दर्ज करने के बाद ईडी ने भी इन आरोपियों के परिसरों में छापा मारकर कई दस्तावेज बरामद किए थे। इस मामले की जांच करीब एक साल से शिमला ईडी सब जोनल कार्यालय के सहायक निदेशक विशाल दीप के पास थी। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपियों को क्लीन चिट देने के लिए विशाल दीप ने चार संस्थानों के संचालकों से 25 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। जब संस्थानों ने राशि देने से इन्कार किया तो विशाल दीप ने कहा था कि वे सभी संचालकों से पैसे एकत्र कर उसे दे दें तो वह उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में क्लीन चिट दे देगा लेकिन इससे पहले वह खुद रिश्वत मामले में फंस गया।

अभिनेता शाहरूख खान के साथ खड़ा अंबाला का वैभव अरोड़ा:

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