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Chandigarh News: पीजीआई में 2200 लोग दान की आंखों से दुनिया को देखने का कर रहे इंतजार

Sun, 03 Sep 2023 01:57 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Sep 2023 01:57 AM IST
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2200 people in PGI are waiting to see the world through the eyes of charity
चंडीगढ़। देशभर में लगभग 10 लाख लोग कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित हैं। ये लोग कॉर्नियल ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस एंड विजुअल इम्पेयरमेंट (एनपीसीबीवीआई) के अनुसार इसके मुकाबले वर्ष भर में महज 25 से 30 हजार कॉर्निया प्रत्यारोपण हो रहा है। अकेले पीजीआई में कॉर्निया की प्रतीक्षा सूची में 2200 लोग शामिल हैं। यह संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। एक साल में सिर्फ 400 से 500 की कॉर्निया प्राप्त हो रही है। यह जानकारी पीजीआई एडवांस आई सेंटर के प्रमुख प्रो. एसके पांडव ने शनिवार को प्रेसवार्ता में दी। इस दौरान उन्होंने नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर के अतंर्गत होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कॉर्निया संबंधी समस्या देश में सबसे ज्यादा है। इसका कारण 40 साल के बाद मोतियाबिंद की समस्या ज्यादा होना है। मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद मरीज में कॉर्निया में कोई न कोई परेशानी होने लगती है। इसके अलावा आंख की चोट का संक्रमित होना, कारखानों में मानकों की अनदेखी कर काम करना जैसे बिंदु शामिल हैं, इसलिए जिस काम में आंखों की सुरक्षा संबंधी खतरा हो, वहां बचाव के उपाय कर ही जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कोविड से पहले पीजीआई में एक साल में लगभग 800 नेत्रदान होता था लेकिन उसके बाद रफ्तार धीमी हाे गई। मौजूदा समय में यह आंकड़ा 400 से 500 के आसपास है।
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पीजीआई के ही नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि तकनीक के कारण अब एक कार्निया से तीन लोगों की जिंदगी में रोशनी बिखेरना संभव हो गया है। वहीं, यह भी जान लेना जरूरी है कि कॉर्निया निकालने के लिए पूरी आंख नहीं निकालनी होती। कॉर्निया निकालकर कृत्रिम आंख लगा दी जाती है। डॉ. पारुल चावला गुप्ता ने बताया कि आंखों को जलाने की जगह हमें किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी फैलाने का संकल्प लेना चाहिए।
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जीरकपुर से साइट एंबेसडर की होगी शुरुआत
लायंस क्लब के सदस्य सतीश भास्कर ने बताया कि पीजीआई के साथ मिलकर साइट एंबेसडर की शुरुआत की जा रही है। जीरकपुर से इसके पहले चरण की शुरुआत करते हुए 20 साइट एंबेसडर बनाए जाएंगे। इनका मुख्य काम नेत्रदान जागरूकता फैलाना होगा। अगले चरण में चंडीगढ़ में साइट एंबेसडर बनाए जाएंगे।
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इनसेट -
जागरूकता यात्रा आज
नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत रविवार शाम 5 बजे रॉक गार्डन से सुखना लेक तक जागरूकता यात्रा निकाली जाएगी। इसमें पीजीआई के डॉक्टर, लायंस क्लब के सदस्य और शहर के युवा शामिल होकर लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करेंगे।
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