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Carmel Convent Accident: किसकी लापरवाही से गई थी हीराक्षी की जान...17 दिन बाद भी तय नहीं कर पाया प्रशासन

Mon, 25 Jul 2022 02:18 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 25 Jul 2022 02:18 AM IST
सार

हादसे से सबक लेते हुए इंजीनियरिंग विभाग ने कई पेड़ों की प्रूनिंग और कटाई की है लेकिन अभी भी शहर में कई पेड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। लगातार प्रशासन और नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग के पास पेड़ों की प्रूनिंग को लेकर शिकायतें आ रही हैं।

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17 days passed, due to whose carelessness the tree fell ... the administration could not decide till now
कार्मल कान्वेंट स्कूल हादसा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने से हुए हादसे को 17 दिन बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन यह नहीं तय कर पाया है कि किसकी लापरवाही से 10वीं का छात्रा हीराक्षी को जान गंवानी पड़ी है। हादसे के दिन तत्परता दिखाते हुए प्रशासन ने मैजिस्टिीरियल जांच शुरू की थी। एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही उसे बंद कर दिया गया। अब सेवानिवृत्त जज मामले की जांच कर रहे हैं। गलती किसकी थी, ये सवाल अभी भी बरकरार है।

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हादसे के दिन प्रशासन के तमाम विभाग सक्रिय हो गए थे। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया। समाज कल्याण विभाग ने चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए। शिक्षा विभाग ने स्कूलों और इंजीनियरिंग विभाग ने शहर में सूखे पेड़ों का सर्वे कराने का आदेश दिया गया। कई हेरिटेज पेड़ों के सर्वे के आदेश हुए। जांच भी की गई। कुछ पेड़ों को काटा भी गया लेकिन अब ढाई हफ्ते बीतने के बाद सभी ढीले पड़ते हुए नजर आ रहे हैं। चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट अभी शुरू नहीं हुआ है। 
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हादसे के दिन दावा किया गया था कि एक हफ्ते में जांच होगी, स्कूल या अगर वन विभाग की गलती मिली तो कार्रवाई की जाएगी। एक हफ्ते में जांच पूरी हो जाएंगी। हालांकि अब ढाई हफ्ते बीत चुके हैं। प्रशासन के हाथ अभी भी खाली है। मैजिस्टिीरियल जांच को यह कह कर बंद कर दिया गया कि अब रिटायर्ड जज जांच करेंगे। 13 जुलाई को जांच की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त जज जितेंद्र चौहान को सौंपी गई। वह जांच कर रहे हैं कि किसकी गलती की वजह से यह हादसा हुआ। बीते दिनों वह घटनास्थल पर भी गए थे और स्कूल स्टाफ के साथ बातचीत की थी। हालांकि लोग व हीराक्षी के परिजन अभी तक सवाल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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अभी भी कई पेड़ ऐसे जो गिरने के कगार पर

स्कूल में पेड़ गिरने की घटना को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। हादसे से सबक लेते हुए इंजीनियरिंग विभाग ने कई पेड़ों की प्रूनिंग और कटाई की है लेकिन अभी भी शहर में कई पेड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। लगातार प्रशासन और नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग के पास पेड़ों की प्रूनिंग को लेकर शिकायतें आ रही हैं। लोग प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को सूखे एवं मृत पेड़ों की फोटो भेज रहे हैं और उन्हें जल्द कटवाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने ऑनलाइन व्यवस्था तो की है, लेकिन शिकायत देने के बाद बिना कार्रवाई किए शिकायत को बंद कर दिया जा रहा है।


 

पेड़ गिरने की घटना की जांच रिटायर्ड जज कर रहे हैं इसलिए मैजिस्टिीरियल जांच को बंद कर दिया गया था। रिटायर्ड जज की रिपोर्ट के आने के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक

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