{"_id":"5a65e78c4f1c1bca798b531d","slug":"1630-hiv-positive-found-in-9-jails-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: 9 जेलों में पाए गए 1630 HIV पॉजिटिव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: 9 जेलों में पाए गए 1630 HIV पॉजिटिव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 23 Jan 2018 08:34 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pics
पंजाब की 9 जेलों में एचआईवी के 1630 मामले सामने आने के बाद इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करवाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए बनूर निवासी करणवीर सिंह ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब की 9 जेलों में एचआईवी के 1630 मामले सामने आए हैं। फरीदकोट की मार्डन जेल में सबसे अधिक 439, बठिंडा जेल में 30, फिरोजपुर में 322, अमृतसर में 299, कपूरथला में 210, लुधियाना में 137, पटियाला में 75, होशियारपुर में 63 और गुरदासपुर में 55 मामले सामने आए हैं।
याची ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण नशे के लिए इंजेक्शन को सांझा करना और सेक्शुअल कॉनटेक्ट है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जेल में आने वाले कैदियों का आते समय मेडिकल एग्जामिनेशन सही प्रकार से नहीं किया जाता। इसी कारण इनमें से यदि कोई एचआईवी पॉजिटिव जेल में आता है तो वह कई लोगों को इसका शिकार बना देता है। जेल प्रशासन को सभी का मेडिकल करवाना चाहिए और यदि कोई व्यक्ति जेल में आते हुए एचआईवी पॉजिटिव नहीं था और बाद में हो जाता है इसपर जांच करनी चाहिए।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि ईमानदार पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय एसआईटी बनाकर इस मामले की जांच की जानी चहिए। इस जांच को किसी भी प्रकार से प्रभावित होने से बचाने के लिए हाईकोर्ट को खुद इसकी निगरानी करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और जेल विभाग को 18 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
मामले में याचिका दाखिल करते हुए बनूर निवासी करणवीर सिंह ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब की 9 जेलों में एचआईवी के 1630 मामले सामने आए हैं। फरीदकोट की मार्डन जेल में सबसे अधिक 439, बठिंडा जेल में 30, फिरोजपुर में 322, अमृतसर में 299, कपूरथला में 210, लुधियाना में 137, पटियाला में 75, होशियारपुर में 63 और गुरदासपुर में 55 मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
याची ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण नशे के लिए इंजेक्शन को सांझा करना और सेक्शुअल कॉनटेक्ट है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जेल में आने वाले कैदियों का आते समय मेडिकल एग्जामिनेशन सही प्रकार से नहीं किया जाता। इसी कारण इनमें से यदि कोई एचआईवी पॉजिटिव जेल में आता है तो वह कई लोगों को इसका शिकार बना देता है। जेल प्रशासन को सभी का मेडिकल करवाना चाहिए और यदि कोई व्यक्ति जेल में आते हुए एचआईवी पॉजिटिव नहीं था और बाद में हो जाता है इसपर जांच करनी चाहिए।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि ईमानदार पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय एसआईटी बनाकर इस मामले की जांच की जानी चहिए। इस जांच को किसी भी प्रकार से प्रभावित होने से बचाने के लिए हाईकोर्ट को खुद इसकी निगरानी करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और जेल विभाग को 18 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।