{"_id":"6530434ab4d294d80605d2ec","slug":"1600-additional-vehicles-can-be-registered-by-march-31-chandigarh-news-c-16-sml1026-264785-2023-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: 31 मार्च तक 1600 अतिरिक्त वाहनों का हो सकता है पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: 31 मार्च तक 1600 अतिरिक्त वाहनों का हो सकता है पंजीकरण
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर में पेट्रोल-डीजल वाहनों का पंजीकरण बंद करने को लेकर विरोध प्रदर्शन के बीच प्रशासन लोगों को कुछ राहत दे सकता है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन की बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति के तहत कैपिंग हटाने पर सहमति नहीं बनी है। लेकिन आम लोगों को कुछ राहत देने का प्रस्ताव प्रशासन की ओर से प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को भेजा गया है। बीते दिनों आयोजित बैठक में पारित इस प्रस्ताव के के मंजूर होने के बाद शहर के लोगों को दोपहिया वाहन खरीदने में राहत मिल सकती है।प्रशासक के सलाहकार डॉ. धर्मपाल ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी डिपार्टमेंट के साथ बैठक कर इलेक्ट्रिक वाहनों की कैपिंग घटाकर 10 फीसदी करने का प्रस्ताव प्रशासक के पास भेजा है। इससे 31 मार्च तक 1600 अतिरिक्त वाहन पंजीकृत किए जा सकते हैं। वहीं चार पहिया वाहनों का टारगेट 15465 था, जिसे अब 17000 किया गया है।
गौर हो कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत 12076 दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होना था, जो कि 6 अकतूबर को पूरा हो गया। इसके बाद से चंडीगढ़ में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। वाहन विक्रेता लगातार प्रशासन के फैसले का विरोध करते आ रहे हैं। खासकर त्योहारी सीजन में वाहनों का पंजीकरण बंद होने से वाहन विक्रेता कंपनियों को इससे जोरदार झटका लगा है। चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2022 में लागू की गई थी। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल और पेट्रोल-डीजल व्हीकल का अनुपात तय कर रजिस्ट्रेशन बंद करने का प्रावधान है। इस बार दोपहिया वाहनों की लिमिट पूरी होने के कारण पंजीकरण बंद हो गया है। त्योहारों के सीजन में चंडीगढ़ के लोग दोपहिया नहीं खरीद पा रहे हैं। इस कारण इस पॉलिसी का विरोध किया जा रहा है।
नगर निगम की बैठक में विरोध के बाद पार्षदों ने दिया धरना
चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लेकर मंगलवार को नगर निगम की बैठक में भी बवाल हुआ था। विपक्षी पार्षदों ने सरकार के द्वारा लागू इस पॉलिसी का विरोध किया था। उनके विरोध के कारण सत्ता पक्ष के पार्षद भी उनका समर्थन करने लग गए थे। इसके बाद सभी पार्षदों ने बुधवार को इसके विरोध में चंडीगढ़ सिविल सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौर हो कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत 12076 दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन होना था, जो कि 6 अकतूबर को पूरा हो गया। इसके बाद से चंडीगढ़ में दोपहिया वाहनों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। वाहन विक्रेता लगातार प्रशासन के फैसले का विरोध करते आ रहे हैं। खासकर त्योहारी सीजन में वाहनों का पंजीकरण बंद होने से वाहन विक्रेता कंपनियों को इससे जोरदार झटका लगा है। चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2022 में लागू की गई थी। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल और पेट्रोल-डीजल व्हीकल का अनुपात तय कर रजिस्ट्रेशन बंद करने का प्रावधान है। इस बार दोपहिया वाहनों की लिमिट पूरी होने के कारण पंजीकरण बंद हो गया है। त्योहारों के सीजन में चंडीगढ़ के लोग दोपहिया नहीं खरीद पा रहे हैं। इस कारण इस पॉलिसी का विरोध किया जा रहा है।
विज्ञापन
नगर निगम की बैठक में विरोध के बाद पार्षदों ने दिया धरना
चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को लेकर मंगलवार को नगर निगम की बैठक में भी बवाल हुआ था। विपक्षी पार्षदों ने सरकार के द्वारा लागू इस पॉलिसी का विरोध किया था। उनके विरोध के कारण सत्ता पक्ष के पार्षद भी उनका समर्थन करने लग गए थे। इसके बाद सभी पार्षदों ने बुधवार को इसके विरोध में चंडीगढ़ सिविल सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन